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तीन करोड़ के दवा घपले में फंसे पूर्व सीएमओ
बरेली
Updated Sat, 27 Feb 2016 01:46 AM IST
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बरेली। मुरादाबाद में दो साल पहले दवाइयों और उपकरण खरीद के घपले में रिटायर्ड सीएमओ एमके गुप्ता फंस गए हैं। विजिलेंस जांच में उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
वर्ष 2013-14 में मुरादाबाद में सिविल लाइन स्थित सौ बेड के अस्पताल में तीन करोड़ की दवाइयां और उपकरण बिना टेंडर के खरीदे गए थे। इनमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। तत्कालीन सीएमओ डॉ. एमके गुप्ता समेत कुछ डॉक्टरों, मेडिक स्टोर मालिक और बाबुओं की भूमिका संदिग्ध मिली थी। मुरादाबाद सिविल लाइंस थाने में मामले की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बाद में मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान शाखा (विजिलेंस टीम) बरेली को सौंपी गई। विजिलेंस टीम की जांच में पाया गया कि तत्कालीन सीएमओ ने अस्पताल कर्मचारियों से मिलकर खास फर्मों से दवाइयों और उपकरण की सप्लाई बिना टेंडर आमंत्रित किए नियम विरुद्ध कर ली। इसमें बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया। डॉ. एमके गुप्ता अब रिटायर हो चुके हैं जबकि अनियमितताओं में शामिल अन्य स्टाफ अभी भी कार्यरत है। विजिलेंस टीम ने दो साल में दवा और उपकरण खरीद घपले की जांच पूरी कर अपनी आख्या शासन को भेज दी है।
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वर्ष 2013-14 में मुरादाबाद में सिविल लाइन स्थित सौ बेड के अस्पताल में तीन करोड़ की दवाइयां और उपकरण बिना टेंडर के खरीदे गए थे। इनमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। तत्कालीन सीएमओ डॉ. एमके गुप्ता समेत कुछ डॉक्टरों, मेडिक स्टोर मालिक और बाबुओं की भूमिका संदिग्ध मिली थी। मुरादाबाद सिविल लाइंस थाने में मामले की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बाद में मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान शाखा (विजिलेंस टीम) बरेली को सौंपी गई। विजिलेंस टीम की जांच में पाया गया कि तत्कालीन सीएमओ ने अस्पताल कर्मचारियों से मिलकर खास फर्मों से दवाइयों और उपकरण की सप्लाई बिना टेंडर आमंत्रित किए नियम विरुद्ध कर ली। इसमें बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया। डॉ. एमके गुप्ता अब रिटायर हो चुके हैं जबकि अनियमितताओं में शामिल अन्य स्टाफ अभी भी कार्यरत है। विजिलेंस टीम ने दो साल में दवा और उपकरण खरीद घपले की जांच पूरी कर अपनी आख्या शासन को भेज दी है।
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