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Bareilly News: कार्ड टेस्ट पॉजिटिव, घट रहीं प्लेटलेट्स... एलाइजा जांच को मात दे रहा डेंगू
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बरेली। लगातार बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव से ओपीडी में बुखार के मरीजों की कतार लग रही है। कई मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण हैं। प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। एनएस-1 कार्ड टेस्ट पॉजिटिव मिल रहा है, पर एलाइजा जांच रिपोर्ट निगेटिव मिलने से चिकित्सक असमंजस में हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, लक्षणों के आधार पर अब तक जिले के सरकारी अस्पतालों में बुखार के सात सौ मरीजों की एनएस-1 किट से जांच हुई। इनमें 57 पॉजिटिव मिले, पर एलाइजा जांच हुई तो सिर्फ चार में डेंगू की पुष्टि हुई।
जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक, एलाइजा जांच के बिना डेंगू की पुष्टि नहीं कर सकते। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन के मुताबिक, एलाइजा जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिले बिना डेंगू का इलाज नहीं किया जा सकता। कई मरीजों में लक्षण (तेज बुखार, कंपकंपी, दाने निकलना) डेंगू जैसे हैं। प्लेटलेट्स कम हुई हैं, पर जांच रिपोर्ट निगेटिव है। कुछ मरीज ऐसे भी हैं, जिनकी एलाइजा जांच पॉजिटिव मिल रही है, पर उनमें डेंगू के लक्षण नहीं हैं।
कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट 30 फीसदी गलत होने की आशंका
माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गोयल के मुताबिक कार्ड टेस्ट रिपोर्ट 30 फीसदी गलत होने की आशंका होती है। जो किट की गुणवत्ता में कमी से होती है। कार्ड टेस्ट निगेटिव है तो रिपोर्ट निगेटिव ही होगी पर पॉजिटिव होने पर रोग का पता नहीं चलता। एलाइजा जांच से ही डेंगू की पुष्टि होती है। अगर वायरल बुखार का स्वरूप बदला है तो उसकी जांच संबंधित वायरल के अनुकूल किट हो या एलाइजा टेस्ट जरूरी है।
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कार्ड टेस्ट पॉजिटिव बताकर मरीजों का हो रहा इलाज
बताया जाता है कि कई निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की जांच एनएस-1 कार्ड से हो रही है। जांच की फीस करीब पांच सौ रुपये वसूल रहे हैं। पॉजिटिव मिलने पर डेंगू बताकर मरीज को भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। जो जान पर भारी पड़ने की आशंका है। कार्ड जांच में करीब दस मिनट में रिपोर्ट मिलती है। एलाइजा जांच की फीस करीब एक हजार रुपये है। रिपोर्ट मिलने में करीब छह घंटे से ज्यादा लगता है। ब्यूरो
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केस-1 :
मीरगंज के पहुंचा बुजुर्ग निवासी 65 वर्षीय कांति देवी को सप्ताह भर से बुखार था। डेंगू संदिग्ध लक्षण मिलने पर सीएचसी पर जांच कराई तो कार्ड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव लेकिन एलाइजा निगेटिव मिली। प्लेटलेट्स कम होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।
केस-2 :
हार्टमन कॉलोनी निवासी 60 वर्षीय आनंदी को बुखार था। दवा से तबीयत नहीं सुधरी तो डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड जांच कराई। एलाइजा रिपोर्ट पॉजिटिव मिली पर डेंगू के लक्षण नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंची तो हालत सामान्य मिली।
बचाव के उपाय
- मच्छरदानी या कृत्रिम उपकरण लगाएं। सफाई रखें।
- धूप में ज्यादा देर न ठहरें। रात में हल्के गर्म कपड़े पहनें।
- अदरक, नींबू, लहसुन, ताजे फल, सब्जी का सेवन करें।
- बुखार होने पर पैरासिटामोल के अलावा कोई दवा न लें।
- तीन दिन से बुखार है तो डॉक्टर को दिखाएं, जांच कराएं।
- फ्रिज में रखे खाद्य और पेय पदार्थों के सेवन से बचें।
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डेंगू की चपेट में मिलीं दो महिलाएं, मलेरिया मरीजों का आंकड़ा 17 सौ के पार
बरेली। डेंगू और मलेरिया का हमला बढ़ता जा रहा है। बुधवार को मढ़ीनाथ और शेर अली गौटिया निवासी दो महिलाओं की एलाइजा जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। वहीं, मलेरिया के भी 17 नए मरीज मिले। अब जिले में मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा 1707 हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मढ़ीनाथ की रहने वाली 55 वर्षीय धनदेवी और शेर अली गौटिया की 25 वर्षीय रेनू बी सप्ताह भर बुखार से पीड़ित रहीं। दवा से आराम नहीं मिला तो जिला अस्पताल पहुंचकर डेंगू, मलेरिया की जांच कराई। एलाइजा रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर डेंगू की पुष्टि हुई। जिले में अब तक डेंगू के दस मरीज मिल चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक, बृहस्पतिवार को मरीजों के आवास पर सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
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जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक, एलाइजा जांच के बिना डेंगू की पुष्टि नहीं कर सकते। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन के मुताबिक, एलाइजा जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिले बिना डेंगू का इलाज नहीं किया जा सकता। कई मरीजों में लक्षण (तेज बुखार, कंपकंपी, दाने निकलना) डेंगू जैसे हैं। प्लेटलेट्स कम हुई हैं, पर जांच रिपोर्ट निगेटिव है। कुछ मरीज ऐसे भी हैं, जिनकी एलाइजा जांच पॉजिटिव मिल रही है, पर उनमें डेंगू के लक्षण नहीं हैं।
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कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट 30 फीसदी गलत होने की आशंका
माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गोयल के मुताबिक कार्ड टेस्ट रिपोर्ट 30 फीसदी गलत होने की आशंका होती है। जो किट की गुणवत्ता में कमी से होती है। कार्ड टेस्ट निगेटिव है तो रिपोर्ट निगेटिव ही होगी पर पॉजिटिव होने पर रोग का पता नहीं चलता। एलाइजा जांच से ही डेंगू की पुष्टि होती है। अगर वायरल बुखार का स्वरूप बदला है तो उसकी जांच संबंधित वायरल के अनुकूल किट हो या एलाइजा टेस्ट जरूरी है।
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कार्ड टेस्ट पॉजिटिव बताकर मरीजों का हो रहा इलाज
बताया जाता है कि कई निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की जांच एनएस-1 कार्ड से हो रही है। जांच की फीस करीब पांच सौ रुपये वसूल रहे हैं। पॉजिटिव मिलने पर डेंगू बताकर मरीज को भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। जो जान पर भारी पड़ने की आशंका है। कार्ड जांच में करीब दस मिनट में रिपोर्ट मिलती है। एलाइजा जांच की फीस करीब एक हजार रुपये है। रिपोर्ट मिलने में करीब छह घंटे से ज्यादा लगता है। ब्यूरो
केस-1 :
मीरगंज के पहुंचा बुजुर्ग निवासी 65 वर्षीय कांति देवी को सप्ताह भर से बुखार था। डेंगू संदिग्ध लक्षण मिलने पर सीएचसी पर जांच कराई तो कार्ड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव लेकिन एलाइजा निगेटिव मिली। प्लेटलेट्स कम होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।
केस-2 :
हार्टमन कॉलोनी निवासी 60 वर्षीय आनंदी को बुखार था। दवा से तबीयत नहीं सुधरी तो डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड जांच कराई। एलाइजा रिपोर्ट पॉजिटिव मिली पर डेंगू के लक्षण नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंची तो हालत सामान्य मिली।
बचाव के उपाय
- मच्छरदानी या कृत्रिम उपकरण लगाएं। सफाई रखें।
- धूप में ज्यादा देर न ठहरें। रात में हल्के गर्म कपड़े पहनें।
- अदरक, नींबू, लहसुन, ताजे फल, सब्जी का सेवन करें।
- बुखार होने पर पैरासिटामोल के अलावा कोई दवा न लें।
- तीन दिन से बुखार है तो डॉक्टर को दिखाएं, जांच कराएं।
- फ्रिज में रखे खाद्य और पेय पदार्थों के सेवन से बचें।
डेंगू की चपेट में मिलीं दो महिलाएं, मलेरिया मरीजों का आंकड़ा 17 सौ के पार
बरेली। डेंगू और मलेरिया का हमला बढ़ता जा रहा है। बुधवार को मढ़ीनाथ और शेर अली गौटिया निवासी दो महिलाओं की एलाइजा जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। वहीं, मलेरिया के भी 17 नए मरीज मिले। अब जिले में मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा 1707 हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मढ़ीनाथ की रहने वाली 55 वर्षीय धनदेवी और शेर अली गौटिया की 25 वर्षीय रेनू बी सप्ताह भर बुखार से पीड़ित रहीं। दवा से आराम नहीं मिला तो जिला अस्पताल पहुंचकर डेंगू, मलेरिया की जांच कराई। एलाइजा रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर डेंगू की पुष्टि हुई। जिले में अब तक डेंगू के दस मरीज मिल चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक, बृहस्पतिवार को मरीजों के आवास पर सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो