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Bareilly News: खाद के गड्ढों पर कब्जा, दो लोगों पर होगी कार्रवाई
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डीएम ने तहसील कार्यालय एवं न्यायालय और मौके पर जाकर किया निरीक्षण
मीरगंज। डीएम रविंद्र कुमार ने बुधवार को तहसील मीरगंज में कार्यालय एवं न्यायालय का निरीक्षण किया। इस दौरान राजस्व न्यायालय में लंबित वादों और सबसे पुराने वादों की पत्रावलियों का अवलोकन किया। इसके अलावा ग्राम सिंधौली जाकर खाद के गड्ढों का निरीक्षण किया, जिस पर दो लोगों के कब्जे मिले। डीएम ने रिपोर्ट दर्ज करने एवं क्षतिपूर्ति वसूली के निर्देश दिए हैं।
इससे पूर्व तहसील कार्यालय में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ शिकायतकर्ताओं के वादों का निस्तारण हो गया है, लेकिन पोर्टल पर अभी भी वो लंबित दिख रहा है, जिस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को पोर्टल पर भी निस्तारण अपलोड करने और अवशेष वादों को यथाशीघ्र निस्तारित के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जो भी वाद आते हैं, उन्हें संबंधित फाइलों में ही लगाया जाए।
यहां मिलीं खामियां
निरीक्षण में डीएम ने देखा कि तहसीलदार मीरगंज न्यायालय में धारा 34 का वाद राहुल कुमार बनाम गोविंद राम 2019 में दायर हुआ, जो पैरवी में निरस्त हुआ। पुनः 2024 में रिस्टोर कर आदेश पारित किया गया, लेकिन आदेश पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ। इस कारण खतौनी में नामांतरण नहीं हो सका। एक अन्य वाद धारा 67 के अंतर्गत नबी अहमद बनाम ग्राम सभा की पत्रावली डीएम ने देखी। उसमें पाया कि तहसीलदार द्वारा वाद के निस्तारण आदेश में खाद के गड्ढों पर कोई अवैध कब्जा न होना दर्शाया गया है, जबकि उपजिलाधिकारी द्वारा लेखपाल से बात करने पर पता लगा कि उस पर पक्का निर्माण किया हुआ है। संवाद
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मीरगंज। डीएम रविंद्र कुमार ने बुधवार को तहसील मीरगंज में कार्यालय एवं न्यायालय का निरीक्षण किया। इस दौरान राजस्व न्यायालय में लंबित वादों और सबसे पुराने वादों की पत्रावलियों का अवलोकन किया। इसके अलावा ग्राम सिंधौली जाकर खाद के गड्ढों का निरीक्षण किया, जिस पर दो लोगों के कब्जे मिले। डीएम ने रिपोर्ट दर्ज करने एवं क्षतिपूर्ति वसूली के निर्देश दिए हैं।
इससे पूर्व तहसील कार्यालय में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ शिकायतकर्ताओं के वादों का निस्तारण हो गया है, लेकिन पोर्टल पर अभी भी वो लंबित दिख रहा है, जिस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को पोर्टल पर भी निस्तारण अपलोड करने और अवशेष वादों को यथाशीघ्र निस्तारित के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जो भी वाद आते हैं, उन्हें संबंधित फाइलों में ही लगाया जाए।
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यहां मिलीं खामियां
निरीक्षण में डीएम ने देखा कि तहसीलदार मीरगंज न्यायालय में धारा 34 का वाद राहुल कुमार बनाम गोविंद राम 2019 में दायर हुआ, जो पैरवी में निरस्त हुआ। पुनः 2024 में रिस्टोर कर आदेश पारित किया गया, लेकिन आदेश पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ। इस कारण खतौनी में नामांतरण नहीं हो सका। एक अन्य वाद धारा 67 के अंतर्गत नबी अहमद बनाम ग्राम सभा की पत्रावली डीएम ने देखी। उसमें पाया कि तहसीलदार द्वारा वाद के निस्तारण आदेश में खाद के गड्ढों पर कोई अवैध कब्जा न होना दर्शाया गया है, जबकि उपजिलाधिकारी द्वारा लेखपाल से बात करने पर पता लगा कि उस पर पक्का निर्माण किया हुआ है। संवाद
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