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कैंट बोर्ड की सीईओ कुछ भी करें.. हम बेमौत क्यों मरें

Fri, 14 Feb 2020 01:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2020 01:54 AM IST
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Cant board CEO do anything .. Why should we die
बरेली कैंटोनमेंन बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। दो दिन पहले रक्षामंत्री को ज्ञापन भेजकर सीईओ का तबादला न होने पर आत्मदाह की धमकी देने वाले सभासद बैकफुट पर आ गए हैं। रक्षामंत्री के आदेश पर गुरुवार को कैंट के प्रधान निदेशक ने कैंट बोर्ड में बैठक ली तो सभी सभासद आत्मदाह की धमकी देने की बात से साफ मुकर गए। बोले- उन्हें गुमराह कर ज्ञापन पर हस्ताक्षर करा लिए गए थे। प्रधान निदेशक ने दोनों पक्षों को आपसी तालमेल से बेहतर काम करने का मशवरा दिया।
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कैंट बोर्ड की सीईओ डॉ. अनुपम तलवाड़ और कैंट बोर्ड के सभासदों के बीच करीब दो साल से तनातनी चल रही है। सभासदों ने कुछ समय पहले रक्षामंत्री को भेजे ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सीईओ न सिर्फ कैंट के विकास में बाधक बन रही हैं बल्कि जनता और जनप्रतिनिधियों से अनुचित व्यवहार भी करती हैं। ज्ञापन में चेतावनी दी गई थी कि सीईओ का तबादला न हुआ तो वे रक्षा संपदा महानिदेशक कार्यालय में आत्मदाह कर लेंगे। मंत्रालय ने इस ज्ञापन पर गंभीरता दिखाते हुए कैंट के प्रधान निदेशक सत्यनारायण को निर्देश दिया कि दोनों पक्षों से वार्ता कराकर तत्काल विवाद हल कराया जाए। गुरुवार को हुई बैठक में प्रधान निदेशक ने ज्ञापन के बारे में पूछा तो सभासद मुकर गए। सभासद मीता सती, मदन सिंह विष्ट, राजकुमार, धर्मवीर यादव, अब्दुल हमीद ने संबंधित ज्ञापन ठीक से न पढ़ने की बात कही। सभी ने सीईओ पर लगाए आरोपों को खारिज किया। इस पर प्रधान निदेशक ने दोनों पक्षों को बेहतर तालमेल और अच्छे व्यवहार के साथ विकास कार्यों में सहयोग करने का सुझाव दिया।
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बजट नहीं है तो कैसे हों विकास कार्य
बताते हैं कि बैठक में विकास कार्य न होने के सवाल पर कैंट के प्रधान निदेशक ने बजट कम होने की बात कही। साथ ही, प्राप्त बजट से कर्मचारियों की सैलरी और अन्य जरूरी कार्य पूरा किए जाने की जानकारी दी। सभासद वेदप्रकाश तनेजा ने कर्मचारियों के देर रात तक कार्यालय में रुकने का मुद्दा उठाया। इस पर प्रधान निदेशक ने शाम छह बजे तक कार्यालय बंद करने का आदेश दिया। साथ ही, उन्होंने सभासदों की ओर से आत्मदाह की धमकी देने की भर्त्सना की।
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