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ज्वलनशील केमिकल से भरे कैंफर के नाले, खतरा बरकरार
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ज्वलनशील केमिकल से भरे कैंफर के नाले, खतरा बरकरार
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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पूरे दिन नालों से केमिकल की सफाई करने में जुटा रहा फैक्टरी का अमला
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अग्निशमन अधिकारी ने कहा- बंद पड़े प्लांट को शुरू कराने से हुए धमाके
सीबीगंज। बृहस्पतिवार रात सीबीगंज की कैंफर फैक्टरी (ओरियंटल एरोमेटिक्स लिमिटेड) में धमाकों के बाद लगी आग बेशक बुझ गई हो लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। बताया जा रहा है कि जिस ज्वलनशील केमिकल में आग लगी थी, वह अब तक परिसर के नाले-नालियों में भरा हुआ है और कभी भी फिर हादसे की वजह बन सकता है। शुक्रवार को पूरे दिन नाले-नालियों से केमिकल को हटाने का काम चलता रहा।
कैम्फर फैक्टरी में गुरुवार देर शाम स्पार्किंग के बाद तीव्र ज्वलनशील पीएमपीएच (पैरामेथेन हाइड्रोपरॉक्साइड) के ड्रमों में आग लग गई थी। इसके बाद वहां पर कई धमाके हुए तो क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। दमकल के कई वाहनों ने करीब पौन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। आग बुझने के बाद शुक्रवार को फैक्टरी में कामकाज शुरू हो गया। मगर परिसर की नालियों और मुख्य मार्ग के नाले तक केमिकल भरा पड़ा था। इसको लेकर फैक्टरी प्रबंधन समेत सभी लोग तनाव में थे, क्योंकि यह केमिकल काफी ज्वलनशील है और आग के संपर्क में आने पर दोबारा हादसा हो सकता है। इसी वजह से पूरे दिन नाले-नालियों से केमिकल की सफाई होती रही। वहीं, केमिकल की गंध के चलते फैक्टरी परिसर में रहने वाले लोग अब भी परेशान हैं।
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धमाके की आवाज से दूर गिरी टरबाइन
शुक्रवार को कुछ कर्मचारियों ने बताया कि धमाका इतना भीषण था कि काफी वजनी साफ्ट बाल और टरबाइन छिटककर दूर जा गिरी। परिसर में ही खड़ी एक कार की खिड़कियों के कांच टूटकर बिखर गए। शुक्रवार को भी परिसर में जगह-जगह कांच के टुकड़े बिखरे नजर आए।
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लापता कर्मचारी भी मिला
बृहस्पतिवार को धमाके के दौरान फैक्टरी परिसर में ही मौजूद हेल्पर द्वारिका प्रसाद लापता हो गए थे, देर रात वह भी मिल गए। उन्होंने बताया कि धमाके के बाद डर के चलते वह छिप गए थे।
फायर ब्रिगेड की टीम ने पकड़ी लापरवाही
शुक्रवार को अग्निशमन विभाग के अधिकारी फैक्टरी में दोबारा जांच करने पहुंचे। फायर ऑफिसर इंद्रपाल ने बताया कि फैक्टरी का कैथलिक प्लांट एक महीने से बंद पड़ा हुआ था। मगर प्रबंधन ने प्लांट की जांच कराए बिना ही उसे दोबारा शुरू करा दिया, इसी वजह से हादसा हुआ। अगर प्लांट शुरू करने से पहले उसकी गंभीरता से जांच कराई जाती तो शायद यह हादसा न होता। जांच में यह भी सामने आया कि कैथलिक प्लांट में हादसे के समय ऑपरेटर अतुल की ड्यूटी थी। अतुल टी ब्रेक में बाहर चले गए और राम अवतार को अपनी जगह बैठा गए। वहीं राम अवतार का कहना है कि तारों में स्पार्किंग के बाद केमिकल भरे ड्रमों में आग लगने से यह हादसा हुआ।
फैक्टरियों में जांचे जाएंगे आग से सुरक्षा के इंतजाम
कैंफर फैक्टरी में आग लगने की घटना को प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है। एडीएम सिटी महेंद्र सिंह ने घटना का संज्ञान लेेते हुए सीएफओ को औद्योगिक क्षेत्र की सभी फैक्टरी में सुरक्षा इंतजाम जांचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कहीं भी गड़बड़ी मिले तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए।
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अग्निशमन अधिकारी ने कहा- बंद पड़े प्लांट को शुरू कराने से हुए धमाके सीबीगंज। बृहस्पतिवार रात सीबीगंज की कैंफर फैक्टरी (ओरियंटल एरोमेटिक्स लिमिटेड) में धमाकों के बाद लगी आग बेशक बुझ गई हो लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। बताया जा रहा है कि जिस ज्वलनशील केमिकल में आग लगी थी, वह अब तक परिसर के नाले-नालियों में भरा हुआ है और कभी भी फिर हादसे की वजह बन सकता है। शुक्रवार को पूरे दिन नाले-नालियों से केमिकल को हटाने का काम चलता रहा।
कैम्फर फैक्टरी में गुरुवार देर शाम स्पार्किंग के बाद तीव्र ज्वलनशील पीएमपीएच (पैरामेथेन हाइड्रोपरॉक्साइड) के ड्रमों में आग लग गई थी। इसके बाद वहां पर कई धमाके हुए तो क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। दमकल के कई वाहनों ने करीब पौन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। आग बुझने के बाद शुक्रवार को फैक्टरी में कामकाज शुरू हो गया। मगर परिसर की नालियों और मुख्य मार्ग के नाले तक केमिकल भरा पड़ा था। इसको लेकर फैक्टरी प्रबंधन समेत सभी लोग तनाव में थे, क्योंकि यह केमिकल काफी ज्वलनशील है और आग के संपर्क में आने पर दोबारा हादसा हो सकता है। इसी वजह से पूरे दिन नाले-नालियों से केमिकल की सफाई होती रही। वहीं, केमिकल की गंध के चलते फैक्टरी परिसर में रहने वाले लोग अब भी परेशान हैं।
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धमाके की आवाज से दूर गिरी टरबाइन
शुक्रवार को कुछ कर्मचारियों ने बताया कि धमाका इतना भीषण था कि काफी वजनी साफ्ट बाल और टरबाइन छिटककर दूर जा गिरी। परिसर में ही खड़ी एक कार की खिड़कियों के कांच टूटकर बिखर गए। शुक्रवार को भी परिसर में जगह-जगह कांच के टुकड़े बिखरे नजर आए।
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लापता कर्मचारी भी मिला
बृहस्पतिवार को धमाके के दौरान फैक्टरी परिसर में ही मौजूद हेल्पर द्वारिका प्रसाद लापता हो गए थे, देर रात वह भी मिल गए। उन्होंने बताया कि धमाके के बाद डर के चलते वह छिप गए थे।