Bareilly News: बरातघर बचाने के लिए भाजपा में शामिल हुआ था शेर अली जाफरी, खुसरो सेना का किया था विलय
फर्जी डिग्री मामले में जेल भेजा गया शेर अली जाफरी खुद को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ब्रज प्रांत का क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बताता था। उसने तीन साल पहले ब्रज प्रांत के तत्कालीन क्षेत्रीय अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी के सामने अपनी पार्टी खुसरो सेना का भाजपा में विलय किया था।
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बरेली में फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार हुआ शेर अली जाफरी राजनीतिक संरक्षण पाने के लिए मौके के हिसाब से कई दलों में शामिल हुआ। अभी तक वह खुद को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ब्रज प्रांत का क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बताता था। अब पार्टी ने उससे किनारा कर लिया है।
जाफरी ने शहर व भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। एक बार आईएमसी प्रत्याशी के तौर पर भी दांव आजमाया। बसपा सरकार में जाफरी ने पार्टी से जुड़कर अच्छा रसूख बनाया था। तब उसने पत्नी नूरजहां जाफरी को बसपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर मेयर का चुनाव भी लड़वाया, पर सफलता नहीं मिली।
जाफरी ने अपना अखबार भी निकाला था, जिसमें अधिकतर खबरें उसी की तारीफ में प्रकाशित होती थीं। घाटा हुआ तो छपाई बंद कर दी। जाफरी ने खुसरो सेना नाम से अलग पार्टी भी बनाई और वर्ष 2014 के चुनाव में उम्मीदवार उतारे।
भाजपा में किया था खुसरो सेना का विलय
भाजपा सत्ता में आई तो जाफरी फिर भाजपा में आ गया। तीन साल पहले ब्रज प्रांत के तत्कालीन क्षेत्रीय अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी के सामने उसने पीलीभीत में अपनी खुसरो सेना का भाजपा में विलय करने की घोषणा दी। तभी उसे अल्पसंख्यक मोर्चा में पद देने का निर्णय हुआ।
भाजपा पदाधिकारियों के मुताबिक बीडीए के तत्कालीन वीसी ने वर्ष 2022 में उसका अवैध बरातघर बुलडोजर से ढहा दिया था। नेताओं को पता लगा कि उसी को बचाने के लिए जाफरी पार्टी में आया था तो उसे अभियान की जिम्मेदारी देनी बंद कर दी गई।
बरातघर गिरने के बाद चर्चा थी कि जाफरी भाजपा का दामन छोड़ सकता है, लेकिन उसने वक्त की नजाकत समझते हुए इस्तीफा नहीं दिया। अभी तक उसी पद से पहचान बनाए रखी। भाजपा ब्रज प्रांत अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह ने बताया कि शेर अली जाफरी पर उनकी पार्टी या संगठन में कोई पद नहीं है।