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Bareilly News: सेना की शर्तों में उलझा बस अड्डे का नक्शा
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बरेली। सेटेलाइट बस अड्डे को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाना है। यहां बहुमंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स सहित भूमिगत बस टर्मिनल आदि का निर्माण प्रस्तावित है, पर दोनों ओर अति सुरक्षित सैन्य क्षेत्र होने के कारण इसका नक्शा फंस गया है। सेना की शर्तों के मुताबिक इसे नए सिरे से तैयार किए जाने की बात कही जा रही है।
बस अड्डे के विकास के लिए यार्ड समेत पास स्थित रोडवेज की क्षेत्रीय कार्यशाला, बरेली व रुहेलखंड डिपो के वर्कशॉप की कुछ भूमि को भी लिया जाना है। 20 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा स्थान पर इसे विकसित किया जाना है। पिछले दिनाें रोडवेज मुख्यालय ने सेना से निर्माण की अनुमति मांगी थी। सैन्य क्षेत्र के आसपास तीन मंजिल से ज्यादा और भूमिगत निर्माण नहीं हो सकता। ऐसे में अब मामला अटक गया है।
मानचित्र दिया नहीं, मांग ली एनओसी
कैंट बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार रोडवेज ने अब तक मानचित्र ही उपलब्ध नहीं कराया है। जबकि, अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए लिख दिया गया है। मानचित्र सेना की शर्तों के अनुसार होने पर ही निर्माण की अनुमति मिल सकेगी। वर्कशॉप में पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग से भी मानचित्र के बिना ही एनओसी मांगी गई है।
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सेटेलाइट बस अड्डे पर बस टर्मिनल और कॉमर्शियल काॅम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है। कैंट बोर्ड को एनओसी के लिए लिखा गया था। बस अड्डे के आसपास अति सुरक्षित सैन्य क्षेत्र है। ऐसे में मानचित्र तैयार करने में देरी हो रही है। इसके लिए मुख्यालय को लिखा गया है। - दीपक चौधरी, आरएम
संवाद
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बस अड्डे के विकास के लिए यार्ड समेत पास स्थित रोडवेज की क्षेत्रीय कार्यशाला, बरेली व रुहेलखंड डिपो के वर्कशॉप की कुछ भूमि को भी लिया जाना है। 20 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा स्थान पर इसे विकसित किया जाना है। पिछले दिनाें रोडवेज मुख्यालय ने सेना से निर्माण की अनुमति मांगी थी। सैन्य क्षेत्र के आसपास तीन मंजिल से ज्यादा और भूमिगत निर्माण नहीं हो सकता। ऐसे में अब मामला अटक गया है।
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मानचित्र दिया नहीं, मांग ली एनओसी
कैंट बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार रोडवेज ने अब तक मानचित्र ही उपलब्ध नहीं कराया है। जबकि, अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए लिख दिया गया है। मानचित्र सेना की शर्तों के अनुसार होने पर ही निर्माण की अनुमति मिल सकेगी। वर्कशॉप में पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग से भी मानचित्र के बिना ही एनओसी मांगी गई है।
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सेटेलाइट बस अड्डे पर बस टर्मिनल और कॉमर्शियल काॅम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है। कैंट बोर्ड को एनओसी के लिए लिखा गया था। बस अड्डे के आसपास अति सुरक्षित सैन्य क्षेत्र है। ऐसे में मानचित्र तैयार करने में देरी हो रही है। इसके लिए मुख्यालय को लिखा गया है। - दीपक चौधरी, आरएम
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