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'मेरे पति ने इंसानियत की कीमत चुकाई': बस नमाज प्रकरण में बर्खास्त परिचालक की आत्महत्या पर छलका पत्नी का दर्द
Wed, 30 Aug 2023 10:52 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 30 Aug 2023 10:52 AM IST
सार
नौकरी जाने के बाद आत्महत्या करने वाले संविदा परिचालक मोहित यादव की पत्नी रिंकी ने बरेली रीजन के आरएम दीपक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पति को रोज बुलाया जाता था, लेकिन अधिकारियों ने उनका पक्ष नहीं सुना। इससे आहत होकर उन्होंने जान दे दी।
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परिचालक मोहित यादव की पत्नी रिंकी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
यूपी रोडवेज की जनरथ बस रोककर सवारियों को नमाज पढ़वाने के आरोप में बर्खास्तगी के बाद खुदकुशी करने वाले संविदा परिचालक मोहित यादव की पत्नी रिंकी ने बरेली रीजन के आरएम दीपक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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रिंका ने कहा कि आरएम पति को रोज बरेली बुलाते थे, लेकिन उनका पक्ष नहीं सुना। बिना उनका पक्ष सुने ही संविदा समाप्त कर दी गई थी। इसी अवसाद में उन्होंने खुदकुशी कर ली। उन्होंने कहा कि उनके पति ने इंसानियत की कीमत चुकाई है। मूलरूप से मैनपुरी के थाना घिरोर के गांव नगला खुशाली निवासी मोहित यादव बरेली डिपो में संविदा परिचालक थे।
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बरेली से दिल्ली जा रही जनरथ बस को हाईवे पर रोक कर सवारियों को नमाज पढ़वाने के आरोप में उनकी संविदा समाप्त कर दी गई थी। अवसाद और आर्थिक तंगी की वजह से मोहित ने सोमवार को ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली थी। मोहित घर में सबसे बड़े थे। वही पूरा परिवार चलाते थे।
नौकरी जाने के बाद से परेशान रहता था मोहित
बर्खास्त होने के बाद मोहित यादव बेहद परेशान था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। घर का मुखिया होने के नाते सारी जिम्मेदारियां भी उसी के कंधे पर थीं। छोटे भाई रोहित ने बताया कि पिता घर पर रहते हैं। वह भी अभी कोई काम नहीं करता है। संविदा परिचालक की नौकरी कर परिवार की गाड़ी चल रही थी। नौकरी जाने के बाद वह काफी परेशान रह रहे थे।परिवार की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ती जा रही थी। घर का कमाने वाला मुखिया बेरोजगार हो चुका था। बर्खास्तगी के चलते ही भाई हिम्मत खो बैठा और जान दे दी। परिवार को लोग इस बात से भी परेशान हैं कि मोहित का कोई दोष नहीं होने के बाद भी उसे सजा दी गई। बिना किसी नोटिस के मोहित को बर्खास्त कर दिया गया।