बदायूं में दो बच्चों की हत्या के बाद बवाल करने वालों की अब खैर नहीं। सीसीटीवी फुटेज और मौके पर बनाई गई वीडियो के आधार पर अब बवालियों की पहचान होगी। बवालियों की पहचान कराने के लिए तीन टीमें बनाई गईं हैं। वारदात के बाद तोड़फोड़ और आगजनी करने के मामले में पुलिस ने 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
शहर की बाबा कॉलोनी में 19 मार्च की रात दो बच्चों की हत्या के बाद भीड़ में शामिल लोगों ने जमकर उत्पात किया था। चार खोखे जला दिए थे। हत्यारोपी साजिद की दुकान का शटर तोड़कर अंदर से सामान निकालकर सड़क पर रखकर आग लगा दी गई थी। कई पुलिस कर्मियों और पत्रकारों से हाथापाई तक कर दी गई थी। कई लोगों के मोबाइल तोड़ दिए गए थे। एंबुलेंस के सामने हंगामा किया था और शवों को ले जाने नहीं दिया था।
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भीड़ ने आरोपी की दुकान का सामान फूंक दिया था
- फोटो : अमर उजाला
जिन लोगों ने बवाल किया था, उनके खिलाफ बुधवार रात एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है। पहचान कराने के लिए तीन टीमें बनाई गईं हैं। एक टीम में इंस्पेक्टर गौरव बिश्नोई रहेंगे।
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मंडी चौकी पर पुलिस फोर्स
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दूसरी टीम में मंडी चौकी इंचार्ज चंद्रपाल सिंह और तीसरी टीम में सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज रामेश्वर रहेंगे। तीनों टीमें वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बवालियों की पहचान करेंगी। इंस्पेक्टर गौरव बिश्नोई ने बताया कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान कराई जा रही है।
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बाबा कॉलोनी में तैनात पुलिस
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बाबा कॉलोनी में तैनात है पुलिस बल
हत्याकांड के बाद से बाबा कॉलोनी में पुलिस बल तैनात है। पीड़ित परिवार के बाहर इंस्पेक्टर कुंवरगांव राजेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम लगाई गई है। मंडी समिति के नजदीक मूसाझाग इंस्पेक्टर मनोज कुमार को लगाया गया है। सीओ सिटी आलोक मिश्रा भी लगातार भ्रमण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। हालांकि मोहल्ले में अब शांति है। शुक्रवार से स्थानीय लोगों ने अपनी दुकानें भी खोलनी शुरू कर दीं।
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मुख्य आरोपी साजिद का फाइल फोटो
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मजिस्ट्रेटी जांच में पहले दिन किसी ने नहीं दिया बयान
पुलिस मुठभेड़ में साजिद की मौत के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। जांच 28 मार्च तक चलेगी। होली के बाद रिपोर्ट आएगी। सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पहले दिन कोई भी व्यक्ति अपने बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा। अगर किसी को बयान दर्ज कराने हैं तो वह सुबह 10 से शाम पांच बजे तक किसी भी कार्यदिवस में आ सकता है।