UP: इस सीट पर भाजपा-सपा के बीच सीधे मुकाबले में बसपा ने भरा रोमांच, 'हाथी' की चाल से मुकाबला हुआ त्रिकोणीय
खीरी लोकसभा सीट पर लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं ने जमकर मतदान किया। खीरी में कुल 64.73 प्रतिशत मतदान हुआ। पिछले चुनाव में यहां 64.19 प्रतिशत वोट पड़े थे। इस बार बढ़े मतदान ने समीकरण भी उलझा दिए हैं।
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लखीमपुर खीरी में मतदाताओं की सोमवार सुबह से दोपहर बाद तक बूथों पर लगी लाइनों ने अनेक कयासों को उलट-पुलट दिया है। हालांकि, पहले मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच माना जा रहा था लेकिन हाथी की चाल ने मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है। मतदान के बाद चुनावी विश्लेषक गुणा-भाग में जुटे हैं लेकिन सटीक आकलन किसी के पास नहीं है।
कई विधानसभा क्षेत्रों में कमल खिलने, हाथी की चाल तेज रहने तो साइकिल के खूब दौड़ने की चर्चा रही। मतदान से पहले तक विश्लेषक भाजपा के प्रत्याशी दो बार के सांसद एवं केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी और सदर विधायक रह चुके इंडी गठबंधन प्रत्याशी उत्कर्ष वर्मा में टक्कर मान रहे थे। मतदान के बाद भी विश्लेषक इसी पर कायम नजर आ रहे हैं।
हालांकि, उनका यह भी कहना है कि हाथी की चाल ने सीट के पुराने समीकरण गड़बड़ा जरूर दिए हैं, लेकिन संघर्ष वाले समीकरण नहीं बन पाए। बसपा को कैडर वोट और इंडी गठबंधन को मुस्लिम वोट मिलने की भी चर्चाएं खूब तैर रही हैं।
मुस्लिम मतदाताओं ने ज्यादा किया मतदान
खीरी लोकसभा सीट के लोकतंत्र के महापर्व में सुबह सात बजते ही मतदान बूथों पर मतदाताओं की लाइनें लगनी शुरू हो गई थीं। मुस्लिम महिला-पुरुष मतदाताओं की भीड़ लगी थी। इससे माना जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में इस बार मुस्लिम मतदाताओं ने मताधिकार का ज्यादा प्रयोग किया है। यह मत किसके खाते में पड़े हैं, इसके अभी कयास ही लगाए जा रहे हैं।
मुफ्त राशन समेत अन्य सुविधाओं देने को लेकर जहां भाजपा अपने खाते में तो इंडी गठबंधन और बसपा भी अपने खाते में वोट पड़ने को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। हर दल आपना-अपना दावा कर रहा है। लखीमपुर विधानसभा क्षेत्र में कई बूथों पर यही स्थिति देखी गई, इससे परिणाम का सही आकलन नहीं हो पा रहा है।
विधानसभा क्षेत्रवार ये बने समीकरण
कस्ता और गोला विधानसभा क्षेत्र में सीधे तौर पर भाजपा और सपा के बीच टक्कर होने की चर्चा आम है। चुनावी विश्लेषकों का कहना है कि यहां दोनों दलों ने काफी दौरे किए। उनके स्टार प्रचारक भी आए लेकिन इन विधानसभा क्षेत्रों से बसपा की दूरी रही। गोला में बसपा प्रत्याशी के कम आने की चर्चा भी मतदाताओं में है। चुनावी विश्लेषक बताते हैं कि निघासन विधानसभा क्षेत्र में साइकिल खूब दौड़ी है। अनुसूचित जाति के मतदाता बसपा के साथ खड़े नजर आए जबकि मौर्य वोट ज्यादातर सपा के साथ गया है। पतिया ग्रामसभा क्षेत्र और बलवीरपुर में साइकिल के दौड़ने की चर्चा है।
वहीं, पलिया विधानसभा क्षेत्र में सीधी टक्कर भाजपा और सपा में बताई जा रही है। इस बार भाजपा के गढ़ कहे जाने वाले चंद्रपुरवा, सरखना, पतवारा में सपा और बसपा ने सेंधमारी की कोशिश की है। जबकि जनपद की लखीमपुर यानी सदर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा, बसपा और सपा को वोट पड़े हैं। ईदगाह, नौरंगाबाद, खरबरनगंज, इलायतनगर आदि बूथों पर ज्यादातर वोट सपा के साथ जाने की चर्चाएं हैं।
चर्चित तिकुनिया में 58 प्रतिशत मतदान
लंबे समय से एक बात चर्चा में थी तिकुनिया हिंसा का असर मतदान पर पड़ेगा, लेकिन सोमवार को ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया। तिकुनिया में 58 प्रतिशत मतदान हुआ है। यहां करीब पांच हजार करीब मतदाता हैं।