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संसाधन है नहीं, नए कनेक्शन कैसे दें बीएसएनएल सम्मेलन में उठा मुद्दा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुटे अफसर
बरेली
Updated Fri, 19 Dec 2014 10:43 PM IST
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बीएसएनएल एक्जीक्यूटिव एसोसिएशन पश्चिमी उत्तर प्रदेश सर्किल ने संसाधनों की कमी पर चिंता जताई है। संगठन ने कहा कि दूरसंचार नेटवर्क सुधारने और बेहतर ग्राहक सेवा प्रदान करने के लिए उपकरण मुहैया कराए जाने चाहिए।
बरेली क्लब सभागार में शुक्रवार को हुए सर्किल सम्मेलन में तमाम मुद्दे उठे। वेतन विसंगति, प्रमोशन, राजभाषा अधिकारी को सम्मानजनक वेतनमान देने, बेहतर नेटवर्क और सेवा, आधुनिक सुविधाएं, उपकरण कमी आदि पर चर्चा की गई। ज्यादातर वक्ताओं ने कहा कि संचार मंत्रालय निजी कंपनियों को अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने के लिए समय से टेंडर नहीं करता है। थ्री जी सेवाएं आज तक सही नहीं हो पाई हैं, जबकि निजी कंपनियों ने फोर जी नेटवर्क लांच कर दिया है। उपकरण की कमी से नए कनेक्शन देना मुश्किल हो रहा है।
जीएम मणिराम ने कहा कि वाईमैक्स योजना उपकरण अभाव में प्रभावित है। नयी कालोनियों में बीएसएनएल सेवाएं पहुंचाने हेत़ु ओएफसी और अन्य जरूरी उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। फाइव पियर केबिल सबसे ज्यादा कमी है। मुख्य अतिथि सीजीएम प्रदीप कुमार ने वादा किया कि पूरे सर्किल में उपकरण और केबल की कमी नहीं होने देेंगे। जल्द ही टेलीफोन उपकरण और मोडम आदि मिलेंगे। कर्मचारी समस्या समाधान के लिए जिला स्तर पर समिति बनी दी है। इस मौके पर सर्किल प्रमुख एएच खान, केंद्रीय महासचिव प्रहलाद राय, आलमगीर, रजी अहमद, लोकेंद्र गुप्ता, आरके गुप्ता, सुनील शर्मा, संजय वैद्य आदि ने विचार रखे। संचालन मीना सोंधी ने किया। सम्मेलन में 18 जिलों के प्रतिनिधि पहुंचे।
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बरेली क्लब सभागार में शुक्रवार को हुए सर्किल सम्मेलन में तमाम मुद्दे उठे। वेतन विसंगति, प्रमोशन, राजभाषा अधिकारी को सम्मानजनक वेतनमान देने, बेहतर नेटवर्क और सेवा, आधुनिक सुविधाएं, उपकरण कमी आदि पर चर्चा की गई। ज्यादातर वक्ताओं ने कहा कि संचार मंत्रालय निजी कंपनियों को अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने के लिए समय से टेंडर नहीं करता है। थ्री जी सेवाएं आज तक सही नहीं हो पाई हैं, जबकि निजी कंपनियों ने फोर जी नेटवर्क लांच कर दिया है। उपकरण की कमी से नए कनेक्शन देना मुश्किल हो रहा है।
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जीएम मणिराम ने कहा कि वाईमैक्स योजना उपकरण अभाव में प्रभावित है। नयी कालोनियों में बीएसएनएल सेवाएं पहुंचाने हेत़ु ओएफसी और अन्य जरूरी उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। फाइव पियर केबिल सबसे ज्यादा कमी है। मुख्य अतिथि सीजीएम प्रदीप कुमार ने वादा किया कि पूरे सर्किल में उपकरण और केबल की कमी नहीं होने देेंगे। जल्द ही टेलीफोन उपकरण और मोडम आदि मिलेंगे। कर्मचारी समस्या समाधान के लिए जिला स्तर पर समिति बनी दी है। इस मौके पर सर्किल प्रमुख एएच खान, केंद्रीय महासचिव प्रहलाद राय, आलमगीर, रजी अहमद, लोकेंद्र गुप्ता, आरके गुप्ता, सुनील शर्मा, संजय वैद्य आदि ने विचार रखे। संचालन मीना सोंधी ने किया। सम्मेलन में 18 जिलों के प्रतिनिधि पहुंचे।
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