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साले ने बहनोई को मार डाला: प्रेम विवाह से नाराज होकर घोंपा छुरा, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

Fri, 04 Sep 2026 03:35 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: Akash Dubey Updated Fri, 04 Sep 2026 03:35 PM IST
सार

दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने सजा सुनाई। प्रेम विवाह से नाराज युवक को बहनोई की हत्या में आजीवन कारावास की सजा हुई है। किशोरी के अपहरण-दुष्कर्म के दोषी को पांच साल कैद हुई है।

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Brother in law angered by love marriage murdered his sister s husband
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

बहन के प्रेम विवाह करने से नाराज युवक ने अपने बहनोई की छुरा घोंपकर हत्या कर दी थी। न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।

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वादी ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके भाई जाकिर अहमद ने पंद्रह साल पहले बेबी के साथ प्रेम विवाह किया था। इस कारण बेबी का भाई सईद खान जाकिर से खुन्नस रखता था। इस वजह से जाकिर ससुराल नहीं जाते थे। जाकिर की सास काफी बीमार हो गईं। इस पर जाकिर पांच मई 2024 को उन्हें देखने ससुराल चले गए। वहां मौजूद सईद ने जाकिर को देखते ही उनके सीने में छुरा घोंप दिया।

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अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक ने जाकिर को मृत घोषित कर दिया गया था। सईद के खिलाफ बारादरी थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने उसे को गिरफ्तार कर लिया था। विवेचना के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। एडीजे 3 कोर्ट में विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। न्यायालय ने सईद को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

किशोरी का अपहरण और दुष्कर्म करने के दोषी को पांच साल की कैद
किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के दोषी को न्यायालय ने पांच साल की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम पीड़िता को दी जाएगी। भमोरा इलाके के व्यक्ति ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में जिक्र किया था कि वह अपने बेटे के साथ दिल्ली में सिलाई का काम करने गया था। पत्नी अपनी बेटी के घर गई थीं। घर पर नाबालिग बेटी और उसकी छोटी बहनें थीं। 29 जून 2017 को जब पत्नी घर पहुंचीं तो छोटी बेटी ने बताया कि परिचित उमेश उसकी बड़ी बहन को अपने बुआ-फूफा की मदद से कहीं ले गया है।

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पुलिस ने उमेश को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया था। उमेश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। पॉक्सो अधिनियम की विशेष न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल की कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। न्यायालय ने उमेश को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

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