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पहले अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदने का था इरादा, गार्ड ने देख लिया तो लौटना पड़ा
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
बालकनी में पहुंचने के लिए तोड़ दिया था दरवाजे का शीशा, नीचे लौटने के बाद अस्पताल से बाहर निकले
बरेली। सीसीटीवी फुटेज और पूरा घटनाक्रम साफ इशारा कर रहा है कि सपा नेता का इरादा पहले अस्पताल की ही चौथी मंजिल से कूदकर खुदकुशी करने का था। वार्ड से निकलकर वह पहले चौथी मंजिल पर चढ़े थे और उन्होंने वहां बाहर बालकनी में पहुंचने के लिए एक दरवाजे का शीशा भी तोड़ा लेकिन इरादे में सफल हो पाने से पहले ही उन्हें गार्ड ने देख लिया और नीचे लौटा दिया। हालांकि सपा नेता इसके बाद अस्पताल से बाहर निकल गए और इसके बाद करीब दस बजे उन्हें लहूलुहान हालत में पुल के नीचे सड़क पर पड़ा पाया गया।
सपा नेता मेडिकल कॉलेज की दूसरी मंजिल पर बने कोविड वार्ड में भर्ती थे। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के मुताबिक रात आठ बजे स्टाफ की ड्यूटी बदलने के दौरान वह चुपचाप वार्ड से बाहर निकल गए और फिर सीधे अस्पताल की चौथी मंजिल पर पहुंचे। यहां उन्होंने बालकनी की ओर खुलने वाले एक दरवाजे का शीशा भी तोड़ दिया लेकिन इसी बीच एक सिक्योरिटी गार्ड की निगाह उन पर पड़ गई जिसने उन्हें नीचे लौटा दिया। नीचे आने के बाद सपा नेता गेट नंबर दो से निकलकर अस्पताल से बाहर चले गए। कुछ देर बाद अस्पताल स्टाफ को उनके कोविड वार्ड से लापता होने का पता चला तो थाना भोजीपुरा में सूचना दर्ज करा दी गई। माना जा रहा है कि उन्हें चौथी मंजिल से लौटाने वाले गार्ड उनकी खुदकुशी करने की मंशा नहीं समझ पाया वर्ना शायद उन्हें ऐसा करने से रोक लिया जाता।
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बरेली। सीसीटीवी फुटेज और पूरा घटनाक्रम साफ इशारा कर रहा है कि सपा नेता का इरादा पहले अस्पताल की ही चौथी मंजिल से कूदकर खुदकुशी करने का था। वार्ड से निकलकर वह पहले चौथी मंजिल पर चढ़े थे और उन्होंने वहां बाहर बालकनी में पहुंचने के लिए एक दरवाजे का शीशा भी तोड़ा लेकिन इरादे में सफल हो पाने से पहले ही उन्हें गार्ड ने देख लिया और नीचे लौटा दिया। हालांकि सपा नेता इसके बाद अस्पताल से बाहर निकल गए और इसके बाद करीब दस बजे उन्हें लहूलुहान हालत में पुल के नीचे सड़क पर पड़ा पाया गया।
सपा नेता मेडिकल कॉलेज की दूसरी मंजिल पर बने कोविड वार्ड में भर्ती थे। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के मुताबिक रात आठ बजे स्टाफ की ड्यूटी बदलने के दौरान वह चुपचाप वार्ड से बाहर निकल गए और फिर सीधे अस्पताल की चौथी मंजिल पर पहुंचे। यहां उन्होंने बालकनी की ओर खुलने वाले एक दरवाजे का शीशा भी तोड़ दिया लेकिन इसी बीच एक सिक्योरिटी गार्ड की निगाह उन पर पड़ गई जिसने उन्हें नीचे लौटा दिया। नीचे आने के बाद सपा नेता गेट नंबर दो से निकलकर अस्पताल से बाहर चले गए। कुछ देर बाद अस्पताल स्टाफ को उनके कोविड वार्ड से लापता होने का पता चला तो थाना भोजीपुरा में सूचना दर्ज करा दी गई। माना जा रहा है कि उन्हें चौथी मंजिल से लौटाने वाले गार्ड उनकी खुदकुशी करने की मंशा नहीं समझ पाया वर्ना शायद उन्हें ऐसा करने से रोक लिया जाता।
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मोबाइल गायब होने से उठे सवाल, हादसे से कुछ देर पहले भाई को किया था फोन
सपा नेता के बड़े भाई कोर्ट के रिटायर्ड पेशकार ने बताया कि शनिवार रात अस्पताल से निकलने के बाद छोटे भाई ने उन्हें फोन किया था। उन्हें यह भी बताया था कि वह अस्पताल से बाहर निकल आए हैं और भोजीपुरा पुल पर हैं। उन्हें इस बात का यकीन नहीं हुआ, इसी बीच फोन कट गया और स्विच ऑफ हो गया। संक्षिप्त बातचीत में वह यह भी नहीं समझ पाए कि आगे क्या हो सकता है। परिवार वालों के साथ वह मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो पता चला कि उनके भाई लापता हैं। कुछ ही देर बाद उनके घायल हालत में जिला अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर उनके भाई का फोन भी नहीं मिला है। यह भी जांच का विषय है कि फोन कहां गया।
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लापता होने की सूचना पर पहुंचे घरवालों ने कोविड अस्पताल में किया हंगामा
सपा नेता के अस्पताल से गायब होने के बाद जब स्टाफ को यह बात पता लगी तो हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर रात में ही मेडिकल कॉलेज पहुंचे सपा नेता के परिवार वालों ने निगरानी में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। किया। ात करीब एक बजे थाना भोजीपुरा पहुंचकर उन्होंने सपा नेता की गुमशुदगी दर्ज कराई जिसके बाद वायरलेस पर मेसेज प्रसारित हुआ तो एक व्यक्ति के पुल से कूदने के बाद घायल हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराने की सूचना मिली। परिवार के लोग इसके बाद जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक सपा नेता की मौत हो चुकी थी। उधर, जिला अस्पताल में जब सपा नेता के कोरोना संक्रमित होने का पता चला तो हड़कंप मच गया।25 अगस्त को लिए गए परिवार के सदस्यों के सैंपल, नहीं आई रिपोर्ट
सपा नेता के भाई ने बताया कि उनके भाई के कोरोना संक्रमित निकलने के बाद उसके बेटे समेत परिवार के तीन और सदस्यों के सैंपल लिए गए थे मगर पांच दिन बाद भी उनकी रिपोर्ट नहीं बताई गई है। वे लोग असमंजस में हैं कि इन लोगों को पॉजिटिव माना जाए या निगेटिव।अस्पताल प्रबंधन ने कहा.. मामूली लक्षण थे सपा नेता में, नहीं थी दहशत की कोई बात
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक रविवार रात शिफ्ट बदलने के बाद नए स्टाफ को कोविड वार्ड में एक बेड खाली दिखा और तलाश करने के बाद भी मरीज नहीं मिला तो इसकी सूचना कोविड कंट्रोल रूम के साथ प्रबंधन को दी गई। थाना भोजीपुरा को भी फोन पर घटनाक्रम बता दिया गया। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तो मरीज गेट नंबर दो से भोजीपुरा की ओर जाता दिखा। उनके परिजन पहुंचे तो भोजीपुरा और आसपास के इलाके में भी उनकी तलाश की गई। इस बीच गार्ड से पूछताछ में पता चला कि अस्पताल से बाहर जाने से पहले मरीज ने अपने वार्ड से चौथी मंजिल पर जाने की कोशिश की थी जहां से गार्ड ने उन्हें वापस भेज दिया था। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक 25 अगस्त से अस्पताल में भर्ती सपा नेता में कोई गंभीर लक्षण नहीं थे। हल्के लक्षण वाली श्रेणी में रखकर ही उनका इलाज किया जा रहा था।सीसीटीवी फुटेज में सपा नेता खुद अस्पताल से बाहर जाते दिख रहे हैं। एक राहगीर ने उनके पुल से नीचे पड़े होने की सूचना दी तो उठाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनकी मौत हो गई। रात में उनके परिवार के मेडिकल कॉलेज में हंगामे के बाद गुमशुदगी भी दर्ज कर ली गई। पूरे घटनाक्रम के अनुसार यह खुदकुशी ही है। - मनोज कुमार त्यागी, इंस्पेक्टर भोजीपुरा
अस्पताल प्रशासन से पूछताछ की गई। उनके मुताबिक रोगी रात को बिना बताए चला गया था। इसकी सूचना चिकित्सालय प्रशासन ने तत्काल पुलिस को दे दी थी। अगर प्रकरण में किसी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ