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Bareilly News: दुविधा की बेड़ियां तोड़ खुद की बनाई राह पर आगे बढ़ रहीं वैष्णवी
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बरेली। आत्मविश्वास सफलता की पहली सीढ़ी होता है। 21 साल की उम्र में ज्यादातर युवा अपने कॅरिअर को लेकर दुविधा में होते हैं, पर वैष्णवी उनसे अलग हैं। पहले जिम्नास्टिक में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर शहर का नाम रोशन किया, अब खुद की अकादमी खोलकर बेटियों के हुनर को संवार रही हैं। दुविधा की बेड़ियों को तोड़कर उन्होंने खुद अपनी राह चुनी। चुनौतियों को मात देकर आगे बढ़ीं और बेटियों के लिए मिसाल कायम की।
शहर के शाहदाना मोहल्ले की रहने वाली वैष्णवी वैश्य की बचपन से जिम्नास्टिक में रुचि रही। परिजनों के सहयोग से कदम आगे बढ़ाया तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। शहर में जिम्नास्टिक के लिए सुविधाओं का अभाव होने के बावजूद वह कई बार जिला चैंपियन बनीं। राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता का परचम लहराया। इस बीच सुविधाओं की कमी उनको खटकती रहती थी। जिन चुनौतियों से वह खुद जूझीं, शहर की अन्य बेटियों को उससे बचाने के लिए उन्होंने अपनी अकादमी खोलने का निर्णय लिया।
एक साल पहले उन्होंने सौ फुटा रोड पर अपनी अकादमी खोल दी। आज 50 बच्चे उनसे जिम्नास्टिक की बारीकियां सीख रहे हैं। वैष्णवी ने बताया कि शहर के बच्चाें को हुनरमंद बनाने और उपयुक्त मंच प्रदान करने के लिए वह लगातार प्रयासरत हैं। यह खेल शक्ति, लचीलापन, संतुलन और नियंत्रण पर आधारित होता है। साथ ही, लयबद्धता का भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है। संवाद
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उपलब्धियां
- छह बार जिला चैंपियन
- छह बार स्टेट चैंपियन
- राष्ट्रीय प्रतियोगिता में किया प्रतिभाग
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शहर के शाहदाना मोहल्ले की रहने वाली वैष्णवी वैश्य की बचपन से जिम्नास्टिक में रुचि रही। परिजनों के सहयोग से कदम आगे बढ़ाया तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। शहर में जिम्नास्टिक के लिए सुविधाओं का अभाव होने के बावजूद वह कई बार जिला चैंपियन बनीं। राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता का परचम लहराया। इस बीच सुविधाओं की कमी उनको खटकती रहती थी। जिन चुनौतियों से वह खुद जूझीं, शहर की अन्य बेटियों को उससे बचाने के लिए उन्होंने अपनी अकादमी खोलने का निर्णय लिया।
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एक साल पहले उन्होंने सौ फुटा रोड पर अपनी अकादमी खोल दी। आज 50 बच्चे उनसे जिम्नास्टिक की बारीकियां सीख रहे हैं। वैष्णवी ने बताया कि शहर के बच्चाें को हुनरमंद बनाने और उपयुक्त मंच प्रदान करने के लिए वह लगातार प्रयासरत हैं। यह खेल शक्ति, लचीलापन, संतुलन और नियंत्रण पर आधारित होता है। साथ ही, लयबद्धता का भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है। संवाद
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उपलब्धियां
- छह बार जिला चैंपियन
- छह बार स्टेट चैंपियन
- राष्ट्रीय प्रतियोगिता में किया प्रतिभाग