{"_id":"685325bfb512fc56e80d2149","slug":"blood-banks-initiative-blood-donors-started-getting-digital-certificate-bareilly-news-c-4-lko1064-664700-2025-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: ब्लड बैंक की पहल, रक्तदाताओं को मिलने लगा डिजिटल सर्टिफिकेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: ब्लड बैंक की पहल, रक्तदाताओं को मिलने लगा डिजिटल सर्टिफिकेट
विज्ञापन
बरेली। किसी अनजान व्यक्ति की जान बचाने वाले रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र के लिए अब जिला अस्पताल ब्लड बैंक के चक्कर नहीं काटने होंगे। उनके मोबाइल नंबर पर रक्तदान का मेसेज मिलेगा। उसमें डोनर नंबर और उनका ब्लड ग्रुप भी दर्ज रहेगा।
रक्त के अभाव में किसी की जान न जाए, इसके लिए जिला अस्पताल के ब्लड बैंक ने लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने और उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था शुरू की है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. केपी सिंह के मुताबिक स्वैच्छिक रक्तदान के बाद रक्तदाता को डोनर कार्ड मिलता है, जो तीन माह तक वैध होता है। इस दौरान किसी रक्तदाता को अगर ब्लड की जरूरत होगी तो संबंधित कार्ड को बैंक में जमा करने पर जरूरत के मुताबिक एक यूनिट ब्लड मिलता है।
रक्तदान के बाद अगर कार्ड खो जाए तो पहचान न होने से रक्त देना मुश्किल हो जाता था। अब ऑनलाइन सर्टिफिकेट में रक्तदान की तिथि और सभी जानकारियां अपडेट रहेंगी। कार्ड न होने पर भी सर्टिफिकेट के आधार पर रक्त मिलेगा। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार के मुताबिक, ऑनलाइन प्रमाणपत्र पर डोनर का नाम, तिथि, नंबर, ब्लड ग्रुप दर्ज रहेगा। रक्तदान की तिथि से तीन माह में अगर कोई रक्तदाता बदले में रक्त लेने आएगा तो संंबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी। भविष्य में अगर वह फिर आएगा तो संंबंधित जानकारी के मिलान के बाद ही रक्त मिलेगा। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
रक्त के अभाव में किसी की जान न जाए, इसके लिए जिला अस्पताल के ब्लड बैंक ने लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने और उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था शुरू की है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. केपी सिंह के मुताबिक स्वैच्छिक रक्तदान के बाद रक्तदाता को डोनर कार्ड मिलता है, जो तीन माह तक वैध होता है। इस दौरान किसी रक्तदाता को अगर ब्लड की जरूरत होगी तो संबंधित कार्ड को बैंक में जमा करने पर जरूरत के मुताबिक एक यूनिट ब्लड मिलता है।
विज्ञापन
रक्तदान के बाद अगर कार्ड खो जाए तो पहचान न होने से रक्त देना मुश्किल हो जाता था। अब ऑनलाइन सर्टिफिकेट में रक्तदान की तिथि और सभी जानकारियां अपडेट रहेंगी। कार्ड न होने पर भी सर्टिफिकेट के आधार पर रक्त मिलेगा। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार के मुताबिक, ऑनलाइन प्रमाणपत्र पर डोनर का नाम, तिथि, नंबर, ब्लड ग्रुप दर्ज रहेगा। रक्तदान की तिथि से तीन माह में अगर कोई रक्तदाता बदले में रक्त लेने आएगा तो संंबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी। भविष्य में अगर वह फिर आएगा तो संंबंधित जानकारी के मिलान के बाद ही रक्त मिलेगा। ब्यूरो
विज्ञापन