Bareilly News: भाजपा नेता फिजा के पेट पर मारी लात, गर्भपात; अभद्रता के विरोध पर पड़ोसियों ने पीटा
भाजपा कार्यकर्ता शारिक 30 अगस्त की रात गर्भवती पत्नी फिजा के साथ घर की ओर जा रहे थे। रास्ते में पड़ोसियों ने शारिक से अभद्रता कर दी। विरोध पर उनकी पिटाई कर दी। आरोप है कि एक आरोपी ने फिजा के पेट में लात मार दी थी।
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बरेली में पिटाई के दौरान पेट पर लात लगने से घायल बारादरी थाना क्षेत्र निवासी भाजपा नेत्री फिजा का गर्भपात हो गया। वह पूर्व में भाजपा के टिकट पर पार्षदी का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। मामले में कार्रवाई करने के बजाय बारादरी पुलिस चार दिन से टाल रही थी। परेशान पति सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट डाल दी। इसका संज्ञान लेकर एसएसपी ने फटकार लगाई तो पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
रोहली टोला निवासी भाजपा कार्यकर्ता शारिक 30 अगस्त की रात पत्नी फिजा के साथ घर की ओर जा रहे थे। रास्ते में पड़ोसियों ने शारिक से अभद्रता कर दी। शारिक ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। फिजा ने पति को बचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उन्हें भी पीट दिया। उनके पेट पर लातें मारीं। इलाज के दौरान सोमवार को उनका गर्भपात हो गया। तब घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें 20-25 लोग शारिक को पीटते दिख रहे हैं।
पीड़ित के भाई का भी पुलिस ने किया चालान
शारिक की ओर से 30 अगस्त को साजिद सकलैनी, रईस, शब्बीर, नजीब, इदरीश और भूरा व 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई थी। शारिक के मुताबिक उस दिन इंस्पेक्टर हिमांशु निगम अवकाश पर थे। प्रभारी इंस्पेक्टर अली हसन ने पहले उन्हीं को थाने में बैठाने की कोशिश की।
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जब उन्होंने अपनी पिटाई का वीडियो दिखाया तो छोड़ दिया पर उनके छोटे भाई आरिफ को बैठा लिया। पुलिस ने तहरीर लेकर रख ली और दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति के साथ उनके भाई का भी शांतिभंग में चालान कर दिया। तब से आज तक वह थाने की दौड़ लगाता रहा। इंस्पेक्टर हिमांशु निगम ने भी कोई तवज्जो नहीं दी। फिजा का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया।
आईएमसी की युवा विंग का जिलाध्यक्ष है मुख्य आरोपी
शुरुआत में फिजा के साथ अभद्र व्यवहार के बाद मारपीट की बात बताई गई थी। बाद में पुलिस की जांच में मामला संपत्ति के विवाद का निकला था। दरअसल, शारिक की ओर से आरोपी पक्ष के खिलाफ संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश को लेकर शिकायत की गई थी। शारिक ने बताया कि वह भाजपा से जुड़े हैं और राष्ट्रवादी नीतियों का समर्थन करते हैं। वहीं, मुख्य आरोपी साजिद सकलैनी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल की युवा शाखा का जिलाध्यक्ष है।
शारिक पर लगाए आरोप
आईएमसी के प्रवक्ता मुनीर इदरीसी ने बताया कि विवाद मदीना साहब की मजार से संबंधित 250 वर्गगज जमीन का है। हुजूर के इंतकाल के बाद इस जगह की देखरेख उनके पांच मुरीदों के जिम्मे थी। उनमें तीन हिंदू हैं जो बड़े व्यवसायी हैं। बाकी दो मुस्लिम मुरीद यहां देखरेख करते हैं। शारिक सत्ता पक्ष की धौंस दिखाकर इस संपत्ति पर कब्जा करना चाहता है। मामला आईएमसी प्रभारी मौलाना तौकीर रजा की जानकारी में आया है। वह अधिकारियों से इस बारे में बात करेंगे।