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भाजपाई हुए पार्षद को सपाई अगले ही दिन पार्टी में वापस ले आए
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रुठे पार्षद को मनाने घर पहुंचे सपाई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पार्टी प्रमुख की वर्कशॉप से ठीक पहले चला हाईवोल्टेज ड्रामा
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सपा का एक धड़ा वर्कशाप से पहले शक्ति प्रदर्शन के तौर पर कर रहा जाहिर
बरेली। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मंडलीय वर्कशॉप बुधवार से शुरू हो रही है। उससे ठीक एक दिन पहले सपा में हाईवोल्टेज ड्रामा चला। पार्षद नरेश पटेल ने सोमवार शाम पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली थी और मंगलवार दोपहर 12 बजे सपा में वापसी कर ली। सपा का एक धड़ा इसे शक्ति प्रदर्शन के तौर पर जाहिर कर रहा है।
सपा प्रमुख की वर्कशॉप चुनाव से पहले आपसी गुटबाजी खत्म करने, आचरण ठीक करने को लेकर होने जा रही है। लेकिन उससे पहले सपा में गुटबाजी साफ दिखाई दी। नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य का टिकट न मिलने से नाराज पार्षद नरेश पटेल ने पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। मेयर उमेश गौतम व भाजपा महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा ने भी उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई थी। इसके बाद सपा महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने उनकी गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए कहा था कि वह बैठकों से नदारद रहते थे और सिर्फ नाम भर के लिए ही सपा में थे।
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सोमवार को इस पूरे घटनाक्रम के बाद मंगलवार सुबह ही महानगर टीम के कुछ पदाधिकारी एक पूर्व मंत्री के साथ पार्षद नरेश पटेल के यहां पहुंचे और करीब दो घंटे बाद उन्हें सपा कार्यालय ले आए और फिर कहा कि नरेश पटेल सपा के ही नेता है। सपाइयों में चर्चा यह रही कि यह पहले से लिखी हुई एक पटकथा थी, इसीलिए आनन-फानन में सपा छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेना और फिर 24 घंटे से पहले ही भाजपा छोड़कर वापस सपा में आ गए।
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उनकी वापसी के बाद महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि मंगलवार को पार्षद नरेश पटेल आए और उन्हाेंने कहा कि टिकट न मिलने पर उन्होंने नाराजगीवश ऐसा कर दिया था। उनकी आस्था अभी भी सपा में है।
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सपा का एक धड़ा वर्कशाप से पहले शक्ति प्रदर्शन के तौर पर कर रहा जाहिर बरेली। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मंडलीय वर्कशॉप बुधवार से शुरू हो रही है। उससे ठीक एक दिन पहले सपा में हाईवोल्टेज ड्रामा चला। पार्षद नरेश पटेल ने सोमवार शाम पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली थी और मंगलवार दोपहर 12 बजे सपा में वापसी कर ली। सपा का एक धड़ा इसे शक्ति प्रदर्शन के तौर पर जाहिर कर रहा है।
सपा प्रमुख की वर्कशॉप चुनाव से पहले आपसी गुटबाजी खत्म करने, आचरण ठीक करने को लेकर होने जा रही है। लेकिन उससे पहले सपा में गुटबाजी साफ दिखाई दी। नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य का टिकट न मिलने से नाराज पार्षद नरेश पटेल ने पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। मेयर उमेश गौतम व भाजपा महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा ने भी उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई थी। इसके बाद सपा महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने उनकी गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए कहा था कि वह बैठकों से नदारद रहते थे और सिर्फ नाम भर के लिए ही सपा में थे।
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सोमवार को इस पूरे घटनाक्रम के बाद मंगलवार सुबह ही महानगर टीम के कुछ पदाधिकारी एक पूर्व मंत्री के साथ पार्षद नरेश पटेल के यहां पहुंचे और करीब दो घंटे बाद उन्हें सपा कार्यालय ले आए और फिर कहा कि नरेश पटेल सपा के ही नेता है। सपाइयों में चर्चा यह रही कि यह पहले से लिखी हुई एक पटकथा थी, इसीलिए आनन-फानन में सपा छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेना और फिर 24 घंटे से पहले ही भाजपा छोड़कर वापस सपा में आ गए।
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उनकी वापसी के बाद महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि मंगलवार को पार्षद नरेश पटेल आए और उन्हाेंने कहा कि टिकट न मिलने पर उन्होंने नाराजगीवश ऐसा कर दिया था। उनकी आस्था अभी भी सपा में है।