फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Birth certificate issued by creating fake website of statistics department

सांख्यिकी विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाकर जारी कर दिए जन्म प्रमाणपत्र

Fri, 15 Oct 2021 01:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 01:17 AM IST
विज्ञापन
Birth certificate issued by creating fake website of statistics department
नकली प्रमाण पत्र।
बरेली। जालसाजों ने केंद्र सरकार के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाकर तमाम फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बना डाले। लोगों को शक न हो इसके लिए इन पर फर्जी क्यूआर कोड भी छापा गया। पुष्टि के लिए उसे वेबसाइट से भी लिंक कर दिया। ऐसे ही दो जन्म प्रमाणपत्र जांच के लिए नगर निगम पहुंचे तो मामला पकड़ में आया। इस पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार की ओर से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि नवाबगंज के गांव जगराजपुर में रहने वाले राकेश मिश्रा के पुत्र अमन मिश्रा और फरीदपुर के गांव फैजनगर के संतोष गंगवार के बेटे अक्षु गंगवार के जन्म प्रमाणपत्र जांच के लिए नगर निगम को भेजे गए थे। जांच में वे प्रमाणपत्र फर्जी निकले, क्योंकि वे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के बजाय योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की ओर से जारी किए गए थे। नगर निगम के लिपिक खलीक अहमद और मुकेश कुमार ने उन पर बने क्यूआर कोड को स्कैन किया तो वे लोग फौरन ही उस वेबसाइट से कनेक्ट हो गए, जहां से इन्हें जारी किया गया था। आम आदमी अगर इस प्रमाणपत्र की जांच भी करता है तो उसे फर्जी होने की जानकारी नहीं हो पाती।
विज्ञापन

आगरा समेत कई जगह हुआ फर्जीवाड़ा
मामला पकड़ में आने पर नगर निगम की ओर से योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग को ई मेल भेजकर इस बारे में अवगत कराया गया। इस पर वहां से जानकारी मिली कि आगरा समेत कई नगर निगम क्षेत्र में इस तरह का फर्जीवाड़ा हुआ है। साथ ही इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

400-1000 रुपये तक वसूले
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले लोगों से चार सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये वसूल किए। जो लोग अपने प्रमाणपत्रों की जांच कराने के लिए नगर निगम पहुंचे थे, फर्जीवाड़ा का अहसास होने पर वहां से चुपचाप खिसक लिए। इस वजह आरोपियों के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं हो सकी। उन लोगों ने इतना जरूर बताया कि किसी दूसरे व्यक्ति के जरिये व्हाट्सएप पर उनसे डिटेल लेकर जन्म प्रमाणपत्र व्हाट्सएप पर ही उपलब्ध करा दिया गया था।

फेसबुक पर पोस्ट डालकर फंसाया, अब गायब
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इस मामले में पड़ताल में तमाम चीजें सामने आई हैं। एक व्यक्ति ने फेसबुक पर इस संबंध में पोस्ट डाली है कि घर बैठकर जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया जा सकता है। उसने कहा है कि यह बिल्कुल सही है और एक दिन से लेकर 70 वर्ष तक की आयु का कोई भी व्यक्ति बनवा सकता है। मगर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद यह पोस्ट और उस व्यक्ति का अकाउंट गायब हो गया है। लोगों को फंसाने के लिए उसने अपना जन्म प्रमाणपत्र भी फेसबुक पर शेयर किया है।
‘किसी व्यक्ति ने फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों के जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिए। मामला पकड़ में आने पर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।’
- डॉ. अशोक कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed