{"_id":"5ebaf45e8ebc3e908f686acb","slug":"biowaste-disposal-bareilly-news-bly405646354","type":"story","status":"publish","title_hn":"बायोवेस्ट मामले में निगम ने आईएमए और सीएमओ को भेजा पत्र, अस्पतालों से घोषणापत्र दिलाने को कहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बायोवेस्ट मामले में निगम ने आईएमए और सीएमओ को भेजा पत्र, अस्पतालों से घोषणापत्र दिलाने को कहा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बरेली के कुछ नर्सिंग होम व अस्पतालों के सामान्य कूड़े के साथ बायोमेडिकल वेस्ट मिलाकर इसे ठिकाने लगाने की शिकायत पर निगम अधिकारियों ने अब अपनी कार्यवाही में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और सीएमओ को भी शामिल करने का मन बना लिया है। इस संदर्भ में मंगलवार को निगम ने आईएमए और सीएमओ को बाकायदा पत्र लिखकर न केवल उनका सहयोग मांगा बल्कि बरेली के सभी निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम को जरूरी निर्देश जारी करने का अनुरोध भी किया।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस से संक्रमण का खतरा फैलने के डर से केंद्र और राज्य सरकारों ने बड़ी मुश्किल से निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम को खोलने की इजाजत दी। इस दौरान इन्हें सुरक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन करने का भी निर्देश दिया गया। उधर, पिछले दिनों निगम के कुछ पार्षदों ने बाकायदा वीडियोग्राफी कर नगर आयुक्त और पर्यावरण अभियंता से शिकायत की कि कई नर्सिंग होम अपने बायोमेडिकल वेस्ट को सामान्य कूड़े में मिलाकर ठिकाने लगा रहे हैं। ऐसे में संक्रमण का खतरा है। निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसियों ने भी इसकी शिकायत निगम अधिकारियों से की। इस पर सोमवार को बैठक कर इन एजेंसियों को शहर के सभी अस्पतालों से कूड़ा उठाने के लिए मना कर दिया गया।
वहीं, मंगलवार को पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को पत्र लिखकर कहा कि निगम इन अस्पतालों का कूड़ा तब तक नहीं उठाएगा जब तक कि यह अस्पताल घोषणापत्र नहीं दे देते। इस कार्य में निगम ने आईएमए की मदद भी मांगी है। कहा है कि आईएमए अपनी ओर से एक सर्कुलर जारी कर शहर के सभी निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम को इसके लिए बाध्य करे। पत्र की एक कापी सीएमओ को भी भेजी गई है जिसमें इन अस्पतालों द्वारा निर्देशों का पालन न करने पर कार्रवाई आदि करने का भी अनुरोध किया गया है।
विज्ञापन
आईएमए व चीफ मेडिकल ऑफिसर को पत्र लिखा गया है। उनसे सभी अस्पतालों पर दबाव बनाने और घोषणापत्र लिखवाने में सहयोग करने को कहा गया है। बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में सावधानी बरतने व निर्धारित एजेंसी को ही कूड़ा देने को लेकर जरूरी निर्देश जारी करने को भी कहा गया है। उधर, बायोमेडिकल वेस्ट उठाने वाली एजेंसी को रिमाइंडर जारी करने की भी तैयारी है।
- संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम
विज्ञापन
गौरतलब है कि कोरोना वायरस से संक्रमण का खतरा फैलने के डर से केंद्र और राज्य सरकारों ने बड़ी मुश्किल से निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम को खोलने की इजाजत दी। इस दौरान इन्हें सुरक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन करने का भी निर्देश दिया गया। उधर, पिछले दिनों निगम के कुछ पार्षदों ने बाकायदा वीडियोग्राफी कर नगर आयुक्त और पर्यावरण अभियंता से शिकायत की कि कई नर्सिंग होम अपने बायोमेडिकल वेस्ट को सामान्य कूड़े में मिलाकर ठिकाने लगा रहे हैं। ऐसे में संक्रमण का खतरा है। निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसियों ने भी इसकी शिकायत निगम अधिकारियों से की। इस पर सोमवार को बैठक कर इन एजेंसियों को शहर के सभी अस्पतालों से कूड़ा उठाने के लिए मना कर दिया गया।
विज्ञापन
वहीं, मंगलवार को पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को पत्र लिखकर कहा कि निगम इन अस्पतालों का कूड़ा तब तक नहीं उठाएगा जब तक कि यह अस्पताल घोषणापत्र नहीं दे देते। इस कार्य में निगम ने आईएमए की मदद भी मांगी है। कहा है कि आईएमए अपनी ओर से एक सर्कुलर जारी कर शहर के सभी निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम को इसके लिए बाध्य करे। पत्र की एक कापी सीएमओ को भी भेजी गई है जिसमें इन अस्पतालों द्वारा निर्देशों का पालन न करने पर कार्रवाई आदि करने का भी अनुरोध किया गया है।
विज्ञापन
आईएमए व चीफ मेडिकल ऑफिसर को पत्र लिखा गया है। उनसे सभी अस्पतालों पर दबाव बनाने और घोषणापत्र लिखवाने में सहयोग करने को कहा गया है। बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में सावधानी बरतने व निर्धारित एजेंसी को ही कूड़ा देने को लेकर जरूरी निर्देश जारी करने को भी कहा गया है। उधर, बायोमेडिकल वेस्ट उठाने वाली एजेंसी को रिमाइंडर जारी करने की भी तैयारी है।
- संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम