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बिहार के मजदूरों की हुई घर वापसी
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बरेली। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान आदि प्रांतों से पैदल घर जाते वक्त पकड़कर क्वारंटीन किए गए बिहार के मजदूरों की आखिरकार सोमवार को घर वापसी हो गई। डीएम की ओर से कई बार शासन को पत्र भेज गए थे लेकिन बिहार सरकार की नीति स्पष्ट न होने से मजदूर फंसे हुए थे। शासन से सोमवार को मंजूरी मिलने के बार प्रशासन ने रोडवेज बसों से श्रमिकों को बिहार के लिए रवाना कर दिया। अब शेल्टर होम में केवल नेपाल के 14 मजदूर ही बचे हैं। लॉकडाउन लागू होने के बाद मजदूर पैदल ही अपने घर जाने के लिए निकल पड़े। जिले की सीमा में प्रवेश करने पर इन्हें पकड़कर परसाखेड़ा और हरूनगला में बने शेल्टर होम में ठहराया गया था। जिले में ऐसे करीब 155 मजदूर क्वारंटीन थे, लेकिन बिहार सरकार की ओर से कोई नीति न बनने से उन्हेें उनके घर नहीं भेजा जा पा रहा था। दो-तीन हफ्तों से ठहरे मजदूरों को घर भेजने के संबंध में डीएम नितीश कुमार कई बार शासन को चिट्ठी भी लिख चुके थे। सोमवार को शासन से मंजूरी मिली तो बिहारी मजदूरों के चेहरे खुशी से चमक उठे। तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मजदूरों को रोडवेज की बसों से भेजा गया है। शेल्टर होम में अब केवल नेपाल के ही 14 मजदूर शेष हैं। नेपाल सरकार को इस बारे में पहले ही सूचना भेजी जा चुकी है।
शासन से निर्देश मिलने के बाद सोमवार को बिहार के सभी मजदूरों को रोडवेज बसों से उनके घर भिजवा दिया गया है। इसकी सूचना भी संबंधित जिले को दे दी गई है। - वीके सिंह, एडीएम प्रशासन
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शासन से निर्देश मिलने के बाद सोमवार को बिहार के सभी मजदूरों को रोडवेज बसों से उनके घर भिजवा दिया गया है। इसकी सूचना भी संबंधित जिले को दे दी गई है। - वीके सिंह, एडीएम प्रशासन
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