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Bareilly News: ठगने से पहले विजिलेंस थाने बुलाते थे शातिर, जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल
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अब तक बिजली चोरी के 10 आरोपियों से ठगी की बात आई सामने, हत्थे नहीं चढ़ा सरगना
बरेली। बिजली चोरी के आरोपियों को ठगने से पहले शातिर उनको विजिलेंस थाने बुलाते थे। चोरी के आरोपियों को इसके बाद भरोसा हो जाता था कि वह विजिलेंस से ही हैं। दिनेश नाम के एक शातिर की गिरफ्तारी के बाद अब तक 10 लोगों से ठगी की बात सामने आ चुकी है। सरगना विक्रम और दूसरा साथी राहुल अब भी फरार है। पूरे मामले में विजिलेंस के कुछ जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बिजली चोरों को सौदेबाजी करके छोड़ने के मामलों में हाल ही के दिनों में चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। एसडीई किला रविंद्र कुमार और जेई विजिलेंस को हटाने के अलावा जेई सुधीर कुमार और टीजीटू सूरजपाल को निलंबित किया जा चुका है। दिनेश और विक्रम यूपी कॉप से बिजली चोरी में दर्ज एफआईआर की कॉपी निकालने के बाद खुद को विजिलेंस में तैनात बताकर बिजली चोरी के मामले को खत्म कराने की बात कहते थे। पिछले दिनों जखीरा, केलाबाग, गढैय्या मोहल्लों में खुद बिजली निगम के कर्मचारियों ने बिजली चोरी के आरोपियों को बिना कार्रवाई छोड़ दिया था। इसी तरह के मामलों का शातिर हवाला देते थे।
सीओ विजिलेंस मीनाक्षी शर्मा का कहना है कि सिविल पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की है। जांच में स्पष्ट हो जाएगा कि ठगी करने वालों को किसका संरक्षण मिलता था। सिविल पुलिस के स्तर से उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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बरेली। बिजली चोरी के आरोपियों को ठगने से पहले शातिर उनको विजिलेंस थाने बुलाते थे। चोरी के आरोपियों को इसके बाद भरोसा हो जाता था कि वह विजिलेंस से ही हैं। दिनेश नाम के एक शातिर की गिरफ्तारी के बाद अब तक 10 लोगों से ठगी की बात सामने आ चुकी है। सरगना विक्रम और दूसरा साथी राहुल अब भी फरार है। पूरे मामले में विजिलेंस के कुछ जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बिजली चोरों को सौदेबाजी करके छोड़ने के मामलों में हाल ही के दिनों में चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। एसडीई किला रविंद्र कुमार और जेई विजिलेंस को हटाने के अलावा जेई सुधीर कुमार और टीजीटू सूरजपाल को निलंबित किया जा चुका है। दिनेश और विक्रम यूपी कॉप से बिजली चोरी में दर्ज एफआईआर की कॉपी निकालने के बाद खुद को विजिलेंस में तैनात बताकर बिजली चोरी के मामले को खत्म कराने की बात कहते थे। पिछले दिनों जखीरा, केलाबाग, गढैय्या मोहल्लों में खुद बिजली निगम के कर्मचारियों ने बिजली चोरी के आरोपियों को बिना कार्रवाई छोड़ दिया था। इसी तरह के मामलों का शातिर हवाला देते थे।
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सीओ विजिलेंस मीनाक्षी शर्मा का कहना है कि सिविल पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की है। जांच में स्पष्ट हो जाएगा कि ठगी करने वालों को किसका संरक्षण मिलता था। सिविल पुलिस के स्तर से उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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