{"_id":"f0647daeeb4f23a6cdad376b848bda66","slug":"bda-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ साल से घूम रही चौराहों के सौंदर्यीकरण की फाइल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ साल से घूम रही चौराहों के सौंदर्यीकरण की फाइल
बरेली
Updated Fri, 19 Dec 2014 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) से प्रस्तावित शहर के आठ चौराहों के सौंदर्यीकरण की फाइल नगर निगम में डेढ़ साल से एक पटल से दूसरे में घूम रही है। मेयर और अपर नगर आयुक्त के बीच रस्साकसी के चलते ये फाइल एक बार फिर लटक गई है। पीपीपी मॉडल के प्रस्ताव को मंजूरी न मिलनेे से चौराहों का सौंदर्यीकरण नहीं हो पा रहा।
पिछले साल नगर निगम ने शहर के आठ चौराहों का पीपीपी मॉडल से सौंदर्यीकरण करने की योजना बनायी थी। अनुबंध की शर्त थी कि सौंदर्यीकरण कराने वाली फर्म को पीपीपी मॉडल पर निर्धारित तीन माह के अंदर चौराहों का सौंदर्यीकरण करना होगा। चौराहों के सौंदर्यीकरण के 10 साल बाद तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी फर्म की तय की गई है। इसके बदले आफरदाता फर्म को दो साल के लिए शहर में विज्ञापन लगाने का अधिकार दिया गया था। फर्म को सड़कों पर नए डिवाइडरों के निर्माण के अलावा यूनीपोल, थमनेल्स निर्माण, ट्रैफिक रिफ्लैक्टर जेबरा लाइन डालना, स्पीड ब्रेकर, पोल लगाना और स्टेच्यू का निर्माण करना था। हालांकि पार्षदों ने एकमात्र फर्म मै. प्रकाश आर्ट को आफर पीपीपी अनुबंध मिलने पर सवाल खड़े किए थे। पीपीपी मॉडल में दूसरी फर्म क्यों नहीं सामने आयी। इस पर अभी भी सवाल उठ रहे हैं। अनुबंध मिलने के बाद फर्म की फाइल डेढ़ साल से इधर से उधर घूम रही है। अपर नगर आयुक्त सच्चिदानंद सिंह का कहना है कि पीपीपी मॉडल में अन्य प्रस्ताव भी आए थे लेकिन एक को छोड़कर बाकी प्रस्ताव अधूरे थे। अब तक प्रस्ताव पर परीक्षण का काम चल रहा है। प्रस्ताव के स्वीकृत या अस्वीकृत के बारे में निर्णय उच्चाधिकारी करेंगे।
इन चौराहों का प्रस्तावित है सौंदर्यीकरण
चौपुला चौराहा, पटेल चौक, बरेली कालेज चौराहा, चौकी चौराहा, गांधी उद्यान चौराहा, शील अस्पताल चौराहा, बीसलपुर चौराहा और सेटेलाइट चौराहा।
‘अपर नगर आयुक्त से फाइल मंगाकर देखूंगा कि आखिर इसके इतने लंबे समय तक लटकने की क्या वजह है। एक या दो दिन में इसका निस्तारण कराया जाएगा।’ डा. आईएस तोमर, मेयर
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले साल नगर निगम ने शहर के आठ चौराहों का पीपीपी मॉडल से सौंदर्यीकरण करने की योजना बनायी थी। अनुबंध की शर्त थी कि सौंदर्यीकरण कराने वाली फर्म को पीपीपी मॉडल पर निर्धारित तीन माह के अंदर चौराहों का सौंदर्यीकरण करना होगा। चौराहों के सौंदर्यीकरण के 10 साल बाद तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी फर्म की तय की गई है। इसके बदले आफरदाता फर्म को दो साल के लिए शहर में विज्ञापन लगाने का अधिकार दिया गया था। फर्म को सड़कों पर नए डिवाइडरों के निर्माण के अलावा यूनीपोल, थमनेल्स निर्माण, ट्रैफिक रिफ्लैक्टर जेबरा लाइन डालना, स्पीड ब्रेकर, पोल लगाना और स्टेच्यू का निर्माण करना था। हालांकि पार्षदों ने एकमात्र फर्म मै. प्रकाश आर्ट को आफर पीपीपी अनुबंध मिलने पर सवाल खड़े किए थे। पीपीपी मॉडल में दूसरी फर्म क्यों नहीं सामने आयी। इस पर अभी भी सवाल उठ रहे हैं। अनुबंध मिलने के बाद फर्म की फाइल डेढ़ साल से इधर से उधर घूम रही है। अपर नगर आयुक्त सच्चिदानंद सिंह का कहना है कि पीपीपी मॉडल में अन्य प्रस्ताव भी आए थे लेकिन एक को छोड़कर बाकी प्रस्ताव अधूरे थे। अब तक प्रस्ताव पर परीक्षण का काम चल रहा है। प्रस्ताव के स्वीकृत या अस्वीकृत के बारे में निर्णय उच्चाधिकारी करेंगे।
विज्ञापन
इन चौराहों का प्रस्तावित है सौंदर्यीकरण
चौपुला चौराहा, पटेल चौक, बरेली कालेज चौराहा, चौकी चौराहा, गांधी उद्यान चौराहा, शील अस्पताल चौराहा, बीसलपुर चौराहा और सेटेलाइट चौराहा।
‘अपर नगर आयुक्त से फाइल मंगाकर देखूंगा कि आखिर इसके इतने लंबे समय तक लटकने की क्या वजह है। एक या दो दिन में इसका निस्तारण कराया जाएगा।’ डा. आईएस तोमर, मेयर
विज्ञापन