{"_id":"66d7ba6bca65f36a0b034ad9","slug":"battle-of-supremacy-started-between-eo-and-municipality-president-bareilly-news-c-188-1-sbly1013-101292-2024-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: ईओ और पालिका अध्यक्ष में शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: ईओ और पालिका अध्यक्ष में शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई
विज्ञापन
वर्षों से एक ही पटल पर जमे लिपिकों को बदले जाने के मिले आदेश, इसको पलटने के लिए भेजा पत्र
फरीदपुर। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एवं पालिका अध्यक्ष के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई है। बोर्ड के प्रस्ताव के बाद नगर पालिका के ईओ ने कई वर्षों से एक ही पटल पर जमे लिपिकों के पटल बदलने के लिए आदेश जारी किए। यह बात नगर पालिका के अध्यक्ष को पता चली तो उन्होंने ईओ के आदेश को निरस्त करने का आदेश देते हुए ईओ को पत्र भेज दिया। नगर पालिका के कर्मचारियों के सामने वर्चस्व कायम करने के लिए दोनों में जंग छिड़ गई है।
नगर पालिका परिषद में विगत दिनों हुई बोर्ड की बैठक में पालिका के अंदर हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर हंगामा हुआ। सभासदों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इस मुद्दे को उठाया। इस दौरान अधिशासी अधिकारी को इसकी जांच कराने का प्रस्ताव पास किया। वहीं, कई वर्षों से एक ही पटल पर जमे लिपिकों के पटल बदलने का प्रस्ताव पास किया।
बोर्ड की प्रस्ताव के आधार पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने कई लिपिकों के पटल बदल दिए। यह बात नगर पालिका के अध्यक्ष शराफत जारी वाले को पता चली तो उन्होंने ईओ के पटल बदलने वाले आदेश को निरस्त करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी व ईओ को पत्र भेजा है। इससे अब दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई है।
विज्ञापन
अब आगे क्या होगा
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। अगर, पटल बदलने वाले आदेश को निरस्त करने के लिए पत्र जारी भी करेंगे तो उनका पत्र स्वयं ही निरस्त माना जाएगा। कर्मचारियों के पटल बदलने का अधिकार अध्यक्ष के पास नहीं है। बोर्ड की सहमति पर पटल बदले गए हैं।
नगर पालिका के अध्यक्ष ने बताया कि संबंधित पत्र जिला अधिकारी व ईओ को भेजा है, जो कि नगर पालिका के डाक रजिस्टर में दर्ज हैं। संवाद
विज्ञापन
फरीदपुर। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एवं पालिका अध्यक्ष के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई है। बोर्ड के प्रस्ताव के बाद नगर पालिका के ईओ ने कई वर्षों से एक ही पटल पर जमे लिपिकों के पटल बदलने के लिए आदेश जारी किए। यह बात नगर पालिका के अध्यक्ष को पता चली तो उन्होंने ईओ के आदेश को निरस्त करने का आदेश देते हुए ईओ को पत्र भेज दिया। नगर पालिका के कर्मचारियों के सामने वर्चस्व कायम करने के लिए दोनों में जंग छिड़ गई है।
नगर पालिका परिषद में विगत दिनों हुई बोर्ड की बैठक में पालिका के अंदर हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर हंगामा हुआ। सभासदों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इस मुद्दे को उठाया। इस दौरान अधिशासी अधिकारी को इसकी जांच कराने का प्रस्ताव पास किया। वहीं, कई वर्षों से एक ही पटल पर जमे लिपिकों के पटल बदलने का प्रस्ताव पास किया।
विज्ञापन
बोर्ड की प्रस्ताव के आधार पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने कई लिपिकों के पटल बदल दिए। यह बात नगर पालिका के अध्यक्ष शराफत जारी वाले को पता चली तो उन्होंने ईओ के पटल बदलने वाले आदेश को निरस्त करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी व ईओ को पत्र भेजा है। इससे अब दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई है।
विज्ञापन
अब आगे क्या होगा
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। अगर, पटल बदलने वाले आदेश को निरस्त करने के लिए पत्र जारी भी करेंगे तो उनका पत्र स्वयं ही निरस्त माना जाएगा। कर्मचारियों के पटल बदलने का अधिकार अध्यक्ष के पास नहीं है। बोर्ड की सहमति पर पटल बदले गए हैं।
नगर पालिका के अध्यक्ष ने बताया कि संबंधित पत्र जिला अधिकारी व ईओ को भेजा है, जो कि नगर पालिका के डाक रजिस्टर में दर्ज हैं। संवाद