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UP News: गणतंत्र दिवस से पहले बरेलवी उलमा की अपील- मदरसों में पढ़ाया जाए भारतीय संविधान

Fri, 24 Jan 2025 02:05 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 24 Jan 2025 02:05 PM IST
सार

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि संविधान देश की एकता और अखंडता की गारंटी है। बच्चों का संविधान पढ़ाया जाना बहुत जरूरी है ताकि वो अपने अधिकारों को जान सकें। 

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Barelvi Ulema appeal Indian Constitution should be taught in madrasas on Republic Day
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की ओर से दरगाह आला हजरत स्थित ग्रैंड मुफ्ती हाउस में शुक्रवार को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि 26 जनवरी देश के लिए जश्न का दिन है। संविधान अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक के लिए बड़ी नेमत है। यह देश की एकता और अखंडता की गारंटी है। 

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मौलाना ने तमाम मुस्लिम संस्थाओं द्वारा स्थापित स्कूल-कॉलेज और मदरसों के जिम्मेदारों से अपील करते हुए कहा कि हर बच्चे को भारतीय संविधान पढ़ाया जाए ताकि नई पीढ़ी ये जान सके कि संविधान ने नागरिकों को क्या-क्या अधिकार दिए हैं। किस तरह से हमें आजादी हासिल है। मदरसों के छात्र इस तरह की किताब नहीं पढ़ पाते हैं। उनको जानकारी नहीं मिल पाती है, इसलिए मदरसों में संविधान का पढ़ाया जाना बहुत जरूरी है।
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'देश की छवि धूमिल कर रहे धार्मिक विवाद'
मौलाना हाशीम रजा खां ने कहा कि भारत विकास और विश्व नेतृत्व के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। इसलिए इसकी महत्वाकांक्षाओं और घरेलू असंगतियों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है। नए विवाद धार्मिक समुदायों के हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ये मुद्दे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से ध्यान आकर्षित करते हैं और भारत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। 
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इस्लामिक रिसर्च सेंटर के उप निदेशक आरिफ अंसारी ने कहा कि सामाजिक टकराव और विभाजन को कम करने के तरीके के रूप में भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपराओं, समावेशिता और विविध मान्यताओं के सम्मान पर फिर से जोर देना चाहिए। 

हाजी नाजिम बेग ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भय या पूर्वाग्रह के अपने चुने हुए धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। बढ़ती विभाजनकारी चुनौती से निपटने के लिए हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। 

मौलाना सूफी मूजाहिद हुसैन कादरी ने कहा कि भड़काऊ बयानबाजी को खारिज किया जाना चाहिए। शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की जानी चाहिए। गोष्ठी में मुख्य रूप से मौलाना हसनैन रजा, कारी मुस्तकीम अहमद, रोमान अंसारी, हाफिज रजी अहमद, ज़ोहेब अंसारी, मौलाना अबसार हबीबी, सय्यद शाबान अली, अब्दुल हसीब खां, रशीद खां, सलीम खां आड़ती, आरीफ रजा, फैसल एडवोकेट आदि लोग उपस्थित रहे।

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