Bareilly News: इसरो में परचम लहरा रहीं बरेली की पायल, गगनयान मिशन में भी अहम योगदान
बरेली की पायल अग्रवाल इसरो में कार्यरत हैं। उनके पति दीपक अग्रवाल भी उनके साथ त्रिवेंद्रम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में सेवाएं दे रहे हैं। पायल ने गगनयान मिशन में अहम भूमिका निभाई है।
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नवरात्र की महासप्तमी पर लांच हुए गगनयान मिशन में बरेली की बेटी ने अहम भूमिका निभाई है। वह मानवरहित पहली टेस्ट फ्लाइट लांच व्हीकल के सुपर कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर डिजाइन करने वाली टीम का हिस्सा रही हैं।
शहर के कृष्णा काउंटी मिनी बाइपास निवासी सराफा व्यापारी मुरली मनोहर अग्रवाल की बेटी पायल अग्रवाल इसरो में कार्यरत हैं। उनके पति दीपक अग्रवाल भी उनके साथ त्रिवेंद्रम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में सेवाएं दे रहे हैं।
पायल ने बताया कि उन्हें बरेली की बेटी कहलाना पसंद है। वह चाहती हैं कि उनकी तरह ही अन्य बेटियां भी सफल हों। इसके लिए उनको हमेशा बड़े सपने देखना चाहिए।
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बिशप कॉनराड स्कूल से किया 12वीं
पायल ने बताया कि उन्होंने बिशप कॉनराड स्कूल से वर्ष 1995 में उन्होंने 12वीं पास की थी। उसके बाद श्री राममूर्ति इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया। गगनयान मिशन के टेस्ट व्हीकल एस्ट्रोनॉट के लिए बनाए गए क्रू मॉड्यूल के कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर उनकी टीम ने तैयार किया। वर्ष 2004 में उन्होंने उत्तराखंड के दुगड्डा कोटद्वार के दीपक अग्रवाल से शादी की थी।
शादी के दो साल बाद इसरो में काम करना शुरू किया। वर्ष 2011 में उन्होंने आइआइएसएसटी त्रिवेंद्रम से एमटेक किया। वह अब तक कई महत्वपूर्ण मिशन का हिस्सा रही हैं। दुगड्डा के एक स्कूल को गोद लेकर वह बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता भी मुहैया करा रही हैं।