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बरेली जोन के पुलिस अफसरों की बैठक में बोले आईजी
बरेली
Updated Thu, 07 Jan 2016 01:59 AM IST
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बरेली। आईजी विजय सिंह मीना ने बुधवार को जुगाड़बाजी से थाना प्रभारी की कुर्सी पाकर माल काट रहे दरोगा और इंस्पेक्टरों की खूब खबर ली। उन्होंने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी से दो टूक कहा कि नकारा थाना प्रभारियों को तत्काल हटाया आए। किसी दागी पुलिस कर्मी की री-पोस्टिंग भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बरेली और बिजनौर की बड़ी वारदातों के अलावा पुरानी सभी घटनाओं का खुलासा करने के लिए फिर से टीमें बनाकर खुलासा कराने के भी निर्देश दिए।
जोनल कार्यालय सभागार में मुरादाबाद और बरेली के उप महानिरीक्षक और सभी जिलों के एसएसपी और एसपी की बैठक में आईजी ने कहा कि थानों में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। एनसीआर को कोई भी थानेदार हल्के में न लें। ऐसे मामले में प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। जो थानेदार अच्छे काम करते हैं, उन्हें पुलिस की मासिक गोष्ठी में सम्मानित किया जाए। पंचायत चुनाव के दौरान जिन गांवों में विवाद हुए हैं, वहां एएसपी और सीओ जाकर बैठक करके समीक्षा कर लें। कोई तनाव की बात हो तो कायदे से कार्रवाई कराएं। आईजी ने यह भी कहा कि पुलिस पर हमले की घटनाओं के अभियुक्तों को गिरफ्तारी में ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। विवेचनाओं की गति तेज करने के लिए सीओ साप्ताहिक बैठकों में विवेचकों को कसें। जोन स्तर से जाने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेकर उनकी आख्या 15 जनवरी तक भेज दें। इस मौके पर डीआईजी आरकेएस राठौर, मुरादाबाद से डीआईजी और सभी जिलों के पुलिस अफसर मौजूद रहे।
बरेली, बिजनौर और पीलीभीत छाया रहा
समीक्षा बैठक में बिजनौर में 28 दिसंबर को पंजाब नेशनल बैंक, धामपुर शाखा में हुई 91 लाख रुपये की लूट की घटना का खुलासा करने पर जोर दिया गया। उन्होंने एसपी बिजनौर से कहा कि दस दिन में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक करके सुरक्षा व्यवस्था को सुधार लें। बरेली के केसीएमटी के चेयरमैन गिरधर गोपाल खंडेलवाल की कोठी में हुई डकैती के खुलासे को लेकर भी आईजी गंभीर थे। उन्होंने नकटिया के डॉक्टर बाल किशन की कोठी में डकैती, गार्डन सिटी के रिटायर्ड वीडियो पीके गुप्ता और उनकी पत्नी की हत्या के बाद डकैती डालने आदि घटनाओं का भी जल्द खुलासा करने कहा। पीलीभीत की लड़की के नवंबर में लापता होने वाली घटना को गंभीरता से लेते हुए आईजी का कहना था कि गुमशुदगी दर्ज करने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। इस घटना की तीन दिन के अंदर खुलासा होना चाहिए।
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जोनल कार्यालय सभागार में मुरादाबाद और बरेली के उप महानिरीक्षक और सभी जिलों के एसएसपी और एसपी की बैठक में आईजी ने कहा कि थानों में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। एनसीआर को कोई भी थानेदार हल्के में न लें। ऐसे मामले में प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। जो थानेदार अच्छे काम करते हैं, उन्हें पुलिस की मासिक गोष्ठी में सम्मानित किया जाए। पंचायत चुनाव के दौरान जिन गांवों में विवाद हुए हैं, वहां एएसपी और सीओ जाकर बैठक करके समीक्षा कर लें। कोई तनाव की बात हो तो कायदे से कार्रवाई कराएं। आईजी ने यह भी कहा कि पुलिस पर हमले की घटनाओं के अभियुक्तों को गिरफ्तारी में ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। विवेचनाओं की गति तेज करने के लिए सीओ साप्ताहिक बैठकों में विवेचकों को कसें। जोन स्तर से जाने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेकर उनकी आख्या 15 जनवरी तक भेज दें। इस मौके पर डीआईजी आरकेएस राठौर, मुरादाबाद से डीआईजी और सभी जिलों के पुलिस अफसर मौजूद रहे।
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बरेली, बिजनौर और पीलीभीत छाया रहा
समीक्षा बैठक में बिजनौर में 28 दिसंबर को पंजाब नेशनल बैंक, धामपुर शाखा में हुई 91 लाख रुपये की लूट की घटना का खुलासा करने पर जोर दिया गया। उन्होंने एसपी बिजनौर से कहा कि दस दिन में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक करके सुरक्षा व्यवस्था को सुधार लें। बरेली के केसीएमटी के चेयरमैन गिरधर गोपाल खंडेलवाल की कोठी में हुई डकैती के खुलासे को लेकर भी आईजी गंभीर थे। उन्होंने नकटिया के डॉक्टर बाल किशन की कोठी में डकैती, गार्डन सिटी के रिटायर्ड वीडियो पीके गुप्ता और उनकी पत्नी की हत्या के बाद डकैती डालने आदि घटनाओं का भी जल्द खुलासा करने कहा। पीलीभीत की लड़की के नवंबर में लापता होने वाली घटना को गंभीरता से लेते हुए आईजी का कहना था कि गुमशुदगी दर्ज करने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। इस घटना की तीन दिन के अंदर खुलासा होना चाहिए।
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