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बरेलीः तीन टीमों ने रातभर किया इंतजार.. नहीं आई बाघिन
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फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्ट्री के जंगल मे चहलकदमी कर रही बाघिन वन विभाग की पकड़ से फिलहाल बहुत दूर है। गुरुवार को रबर फैक्टरी के आधे इलाके में लगे किसी भी कैमरे में बाघिन की फुटेज नहीं दिखी। अफसरों के निर्देश पर बाघिन को ट्रैंक्युलाइज करने के लिए विशेषज्ञों की तीन टीमें रात भर पहरा देती रहीं मगर बाघिन आई ही नहीं। विशेषज्ञ अब घेराबंदी कर बाघिन को ट्रेस करने में जुटे हैं।
बाघिन को ट्रैंक्युलाइज करने के लिए चीफ कंजर्वेटर ललित वर्मा ने छह विशेषज्ञों की टीम को तीन भागों में बांटकर बाघिन को पकड़ने के निर्देश दिए हैं। बुधवार रात को एक टीम रबर प्लांट और दूसरी कोयला प्लांट रेलवे इंजन के पास और तीसरी टीम को मंदिर के पास तालाब के पास में तैनात कर दिया गया था। तीनों जगह एक-एक पड्डा भी बांधा गया था। योजना थी कि बाघिन जैसे ही शिकार पर हमला करेगी, उसे ट्रैंक्युलाइज कर दिया जाएगा। मगर शातिर बाघिन की चाल के आगे वन विभाग की यह योजना भी विफल हो गयी। तीनों टीमें मचान पर पूरी रात बैठकर इंतजार करती रहीं मगर बाघिन आई ही नहीं। वहीं, वन सरंक्षक जावेद अख्तर और डीएफओ भरतलाल भी पूरी रात चले ऑपरेशन की अगुवाई करते रहे। उनके मुताबिक ट्रैंक्युलाइज की तैयारी के दौरान आवाजाही से बाघिन चौकन्नी होने के कारण शिकार के पास आने के बाबजूद कहीं छिपकर बैठ गयी थी। एक दो दिन यही रणनीति रहेगी। तीनों टीमें बुधवार रात की तरह ही गुरुवार रात को मचान पर बैठकर बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज करने की कोशिश करेंगी।
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बाघिन को ट्रैंक्युलाइज करने के लिए चीफ कंजर्वेटर ललित वर्मा ने छह विशेषज्ञों की टीम को तीन भागों में बांटकर बाघिन को पकड़ने के निर्देश दिए हैं। बुधवार रात को एक टीम रबर प्लांट और दूसरी कोयला प्लांट रेलवे इंजन के पास और तीसरी टीम को मंदिर के पास तालाब के पास में तैनात कर दिया गया था। तीनों जगह एक-एक पड्डा भी बांधा गया था। योजना थी कि बाघिन जैसे ही शिकार पर हमला करेगी, उसे ट्रैंक्युलाइज कर दिया जाएगा। मगर शातिर बाघिन की चाल के आगे वन विभाग की यह योजना भी विफल हो गयी। तीनों टीमें मचान पर पूरी रात बैठकर इंतजार करती रहीं मगर बाघिन आई ही नहीं। वहीं, वन सरंक्षक जावेद अख्तर और डीएफओ भरतलाल भी पूरी रात चले ऑपरेशन की अगुवाई करते रहे। उनके मुताबिक ट्रैंक्युलाइज की तैयारी के दौरान आवाजाही से बाघिन चौकन्नी होने के कारण शिकार के पास आने के बाबजूद कहीं छिपकर बैठ गयी थी। एक दो दिन यही रणनीति रहेगी। तीनों टीमें बुधवार रात की तरह ही गुरुवार रात को मचान पर बैठकर बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज करने की कोशिश करेंगी।
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