{"_id":"5ec183658ebc3e9031065ad3","slug":"bareilly-the-former-councilor-hanged-the-plank-at-the-honeycomb-crossing-calling-social-workers-a-history-sheeter-bareilly-news-bly406141061","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरेलीः समाज सेवियों को हिस्ट्रीशीटर बताकर पूर्व सभासद ने शहदाना चौराहे पर टांगी तख्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरेलीः समाज सेवियों को हिस्ट्रीशीटर बताकर पूर्व सभासद ने शहदाना चौराहे पर टांगी तख्ती
विज्ञापन
पूर्व सभासद द्वारा टांगी गई तख्ती।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरीबों की मदद को मिले रुपये हड़पने पर बेइज्जती हुई तो दबंगों को लेजाकर गंगापुर में की मारपीट
विज्ञापन
बरेली। लॉकडाउन में शाहदाना चौराहे के पास रेलवे ग्राउंड में फंसे लोगों को भुखमरी का शिकार होता देख एक व्यापारी ने उनकी मदद के लिए दस हजार रुपये की रकम दी लेकिन इलाके का ही पूर्व पार्षद पूरी रकम हड़प गया। यही नहीं, पोल खुली तो न सिर्फ उन तीन समाजसेवियों को हिस्ट्रीशीटर बताते हुए शाहदाना चौराहे पर तख्ती टांग दी जो इन गरीबों की मदद में जुटे हुए थे बल्कि एक के घर में घुसकर मारपीट भी कर दी। इस मामले में पूर्व पार्षद के खिलाफ थाना बारादरी में तहरीर दी गई है।
कोरोना ने अगर यह दिखाया कि इस जमाने में भी कुछ लोगों के दिलों में इंसानियत के लिए जगह है तो तमाम खुदगर्ज और मौकापरस्त लोगों को बेनकाब भी किया है। ऐसा ही वाकया बारादरी इलाके में हुआ है। दरअसल शाहदाना चौराहे के पास रेलवे ग्राउंड में तमाम ऐसे गरीब फंसे हुए हैं जिनके पास न रोजगार है न भूख मिटाने का कोई जरिया। इनमें से तमाम लोग ऐसे हैं जो शहर में ही रिक्शा चलाने जैसे काम करके पेट भरते थे तो कई बाहर के लोग भी हैं जो लॉकडाउन की वजह से घर नहीं लौट पा रहे हैं। गंगापुर इलाके के ही कुछ लोग काफी दिनों से इन गरीबों के खाने-पीने का इंतजाम कर रहे हैं।
कुछ दिनों पहले एक व्यापारी ने इन गरीबों की हालत पर तरस खाकर उनकी मदद के लिए एक पूर्व पार्षद को दस हजार रुपये दिए लेकिन पूर्व पार्षद गरीबों की मदद करने के बजाय पूरी रकम खुद हड़प गया। शुक्रवार को किसी तरह व्यापारी को पूर्व पार्षद की धोखाधड़ी का पता लगा तो तो उसने उसे बुलाकर जमकर लताड़ लगाई। इसके बाद पूर्व पार्षद की बौखलाहट उन तीन लोगों पर निकली जो गरीबों की मदद कर रहे थे। उसने एक तख्ती पर तीनों के नाम के नीचे हिस्ट्रीशीटर लिखकर उसे शनिवार दोपहर शाहदाना चौराहे पर टांग दिया।
विज्ञापन
इस तख्ती पर नजर पड़ने के बाद कुछ लोगों की दोपहर में ही पूर्व पार्षद से गालीगलौज हो गई। रविवार सुबह इलाके की ही दिव्या राना ने थाना बारादरी में तहरीर देकर आरोप लगाया कि पूर्व पार्षद ने शनिवार रात दबंगों के साथ उनके घर आकर गालीगलौज और जमकर हंगामा किया। विरोध पर मारपीट भी की। इस बीच करीब दो सौ लोगों की भीड़ भी इकट्ठी हो गई। पुलिस ने भीड़ को तितरबितर कर मामले को मौके पर ही निपटा दिया और कोई कार्रवाई नहीं की।
बिथरी में रजऊपुर के ग्रामीणों ने कोटेदार पर कम राशन देने का आरोप लगाते हुए एसडीएम से शिकायत की है। प्रकाश, नत्थू आदि ने बताया कि कोटेदार कम राशन दे रहा है। चना भी एक किलो की जगह नौ सौ ग्राम ही दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कोटेदार का कहना है कि राशन लाने और रखने में काफी खराब हो जाता है। जबकि कोटेदार राजवीर आरोप को गलत बता रहे हैं। उसका कहना है कि वह पूरा राशन दे रहा है। इसकी जांच कराई जा सकती है। उधर भोजीपुरा के गांव चौपारा जनूबी के गांव के लोगों ने शिकायत की है कि कोटेदार बकरी पालन करता है। वह राशन कार्डधारकों को देने के बजाय उसे बचाकर बकरियों को खिला देता है। इसके अलावा प्रति यूनिट जो राशन वितरित होना चाहिए, वह भी नहीं दिया जा रहा।
कोरोना ने अगर यह दिखाया कि इस जमाने में भी कुछ लोगों के दिलों में इंसानियत के लिए जगह है तो तमाम खुदगर्ज और मौकापरस्त लोगों को बेनकाब भी किया है। ऐसा ही वाकया बारादरी इलाके में हुआ है। दरअसल शाहदाना चौराहे के पास रेलवे ग्राउंड में तमाम ऐसे गरीब फंसे हुए हैं जिनके पास न रोजगार है न भूख मिटाने का कोई जरिया। इनमें से तमाम लोग ऐसे हैं जो शहर में ही रिक्शा चलाने जैसे काम करके पेट भरते थे तो कई बाहर के लोग भी हैं जो लॉकडाउन की वजह से घर नहीं लौट पा रहे हैं। गंगापुर इलाके के ही कुछ लोग काफी दिनों से इन गरीबों के खाने-पीने का इंतजाम कर रहे हैं।
विज्ञापन
कुछ दिनों पहले एक व्यापारी ने इन गरीबों की हालत पर तरस खाकर उनकी मदद के लिए एक पूर्व पार्षद को दस हजार रुपये दिए लेकिन पूर्व पार्षद गरीबों की मदद करने के बजाय पूरी रकम खुद हड़प गया। शुक्रवार को किसी तरह व्यापारी को पूर्व पार्षद की धोखाधड़ी का पता लगा तो तो उसने उसे बुलाकर जमकर लताड़ लगाई। इसके बाद पूर्व पार्षद की बौखलाहट उन तीन लोगों पर निकली जो गरीबों की मदद कर रहे थे। उसने एक तख्ती पर तीनों के नाम के नीचे हिस्ट्रीशीटर लिखकर उसे शनिवार दोपहर शाहदाना चौराहे पर टांग दिया।
विज्ञापन
इस तख्ती पर नजर पड़ने के बाद कुछ लोगों की दोपहर में ही पूर्व पार्षद से गालीगलौज हो गई। रविवार सुबह इलाके की ही दिव्या राना ने थाना बारादरी में तहरीर देकर आरोप लगाया कि पूर्व पार्षद ने शनिवार रात दबंगों के साथ उनके घर आकर गालीगलौज और जमकर हंगामा किया। विरोध पर मारपीट भी की। इस बीच करीब दो सौ लोगों की भीड़ भी इकट्ठी हो गई। पुलिस ने भीड़ को तितरबितर कर मामले को मौके पर ही निपटा दिया और कोई कार्रवाई नहीं की।
चालाकी: खाना खिलाते थे गंगापुर के लोग खुद खड़ा हो जाता था मसीहा बनकर
व्यापारियों को यह महसूस न हो कि वह उसका पैसा खा गया, इसके लिए वह रोजाना उस वक्त रेलवे ग्राउंड में पहुंच जाता था जब गंगापुर के समाजसेवी गरीबों को खाना बांट रहे होते थे। बताया जाता है कि इस दौरान वह ऐसा दिखावा करता था जैसे सारा इंतजाम खुद उसने किया हो। खुद फोटो भी खिंचवाता था ताकि उन्हें दिखाकर दस हजार रुपये देने वाले व्यापारी को संतुष्ट किया जा सके। कुछ दिनों से गंगापुर के लोगों ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी जिसके बाद उसकी पोल खुल गई। उसका शक उन्हीं लोगों पर गया, इसीलिए उसने उनके नाम की तख्ती चौराहे पर टांग दी।मुफ्त के राशन में घटतौली करके अपनी बकरियों को खिलाता है गेहूं-चावल
बरेली/ बिथरी। गरीबों को मुफ्त में दिए जाने वाले राशन में कोटेदार जमकर घटतौली कर रहे हैं लेकिन पूर्ति विभाग और प्रशासन दोनों बेखबर बने हुए हैं। बिथरी के साथ कई गांवों के लोगों ने कोटेदोरों के खिलाफ राशन न देने या घटतौली करने की शिकायतें की हैं। भोजीपुरा के एक गांव के लोगों को कहना है कि कोटेदार राशन की घटतौली करके अपनी बकरियों को गेहूं-चावल खिला देता है।बिथरी में रजऊपुर के ग्रामीणों ने कोटेदार पर कम राशन देने का आरोप लगाते हुए एसडीएम से शिकायत की है। प्रकाश, नत्थू आदि ने बताया कि कोटेदार कम राशन दे रहा है। चना भी एक किलो की जगह नौ सौ ग्राम ही दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कोटेदार का कहना है कि राशन लाने और रखने में काफी खराब हो जाता है। जबकि कोटेदार राजवीर आरोप को गलत बता रहे हैं। उसका कहना है कि वह पूरा राशन दे रहा है। इसकी जांच कराई जा सकती है। उधर भोजीपुरा के गांव चौपारा जनूबी के गांव के लोगों ने शिकायत की है कि कोटेदार बकरी पालन करता है। वह राशन कार्डधारकों को देने के बजाय उसे बचाकर बकरियों को खिला देता है। इसके अलावा प्रति यूनिट जो राशन वितरित होना चाहिए, वह भी नहीं दिया जा रहा।