UP: 'तुम कांवड़ लेने मत जाना...' कविता गाने वाले शिक्षक रजनीश गंगवार को मिल रही धमकी, पुलिस को दी तहरीर
'तुम कांवड़ लेने मत जाना...' कविता गाकर चर्चा में आए शिक्षक डॉ. रजनीश गंगवार को सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही है। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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बरेली में कांवड़ यात्रा पर कविता गाने वाले शिक्षक डॉ. रजनीश गंगवार को सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं। इससे वह और उनके परिवार में दहशत है। शिक्षक ने पुलिस को तहरीर दी है। साथ ही सुरक्षा की भी मांग की है।
डॉ. रजनीश गंगवार ने पुलिस को बताया कि कांवड़ के संबंध में उनकी कविता वायरल होने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने उन्हें सोशल मीडिया पर धमकियां देनी शुरू कर दी हैं। लोग तरह-तरह से ट्रोल कर रहे हैं। यहां तक कि जूते मारने वाले को 1200 रुपये का इनाम देने की बात तक कही गई है। राजेश कुमार नाम के शख्स ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
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उन्होंने अंदेशा जताया है कि यह लोग कभी उन पर हमला कर या करवा सकते हैं। मानहानि व जान से मारने की धमकी देने वाले लोगों पर जल्द कार्रवाई की जाए। साथ ही पुलिस से सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की है।
रजनीश गंगवार ने पुलिस के अलावा डीएम, अध्यक्ष राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग व उप्र मानवाधिकार आयोग से भी शिकायत की है। इंस्पेक्टर संजय तोमर ने बताया कि शिक्षक की तहरीर मिल गई है। मामले में जांच की जा रही है, सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा।
कहां से शुरू हुआ विवाद
डॉ.रजनीश गंगवार बहेड़ी के एमजीएम इंटर कॉलेज में हिंदी के शिक्षक हैं। उन्होंने 12 जुलाई को प्रार्थना स्थल पर 'तुम कांवड़ लेने मत जाना, ज्ञान का दीप जलाना...' कविता गाई थी। शिक्षक के मुताबिक उन्होंने कविता के माध्यम से छात्रों को सत्कर्म, शिक्षा, मानवता और विवेक का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी गई थी। लेकिन कुछ लोगों ने इस कविता को धर्म से जोड़कर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया।
महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष सचिन प्रजापति ने 14 जुलाई को बहेड़ी कोतवाली में शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। जिसमें उन्होंने कहा कि यह कविता हिंदू आस्था का अपमान है। मामले ने तूल पकड़ा तो शिक्षक ने माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि न वह धर्म विरोधी है और न ही सरकार विरोधी। अगर उनकी कविता से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो क्षमाप्रार्थी हैं। आगे से ऐसा नहीं होगा।