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बरेली का युवक भी सोशल मीडिया पर बना रहा वैक्सीन विरोधी माहौल
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सीसीटीवी में कैद हुआ पत्र फेंकने वाला।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली का युवक भी सोशल मीडिया पर बना रहा वैक्सीन विरोधी माहौल
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खुद को रेलवे कर्मचारी बताता है फरीदाबाद के डॉक्टर के ग्रुप का सदस्य
ग्रुप में किसान आंदोलन के भी भड़काऊ वीडियो, पुलिस तफ्तीश में जुटी
बरेली। कोरोना वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाने के लिए राजेंद्रनगर के घरों में पर्चे फेंकने के मामले में फरीदाबाद कनेक्शन सामने आने के बाद पता चला है कि वहां के डॉक्टर के कई समर्थक बरेली में भी हैं। इनमें खुद को रेलकर्मी बताने वाला शख्स तो अक्सर ही भड़काऊ वीडियो व सूचनाएं सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहा है। पुलिस और खुफिया तंत्र इस पर निगरानी कर रहे हैं।
राजेंद्रनगर में दो दिन पहले चार घरों में पत्र फेंके गए थे, उनमें कोरोना वैक्सीन में पशुओं का खून मिला होने जैसी भ्रामक बातें लिखी थीं। पत्र में 5 जी तकनीक को भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह बताया था। पत्र में जो मोबाइल नंबर लिखा था वह फरीदाबाद की एक संस्था का हेल्पलाइन नंबर है जिसका संचालक फरीदाबाद का डॉक्टर कोरोना को मामूली फ्लू बताता रहा है। साथ ही कोरोना मरीजों को तीन दिन में ठीक करने का दावा करता है। डॉक्टर के ग्रुप से बरेली के कई लोग जुडे़ हैं। इनमें शहर का एक युवक वैक्सीन को बदनाम करने के लिए कई भ्रामक वीडियो और सूचनाएं अपने सोशल मीडिया अकाउंट से डाल रहा है। युवक ने अपनी आईडी पर खुद को रेलकर्मी लिखा है। युवक ने उस डॉक्टर के भी कई वीडियो शेयर किए हैं। डॉक्टर के ग्रुप में किसान आंदोलन पर सरकार को घेरते हुए भी उसके वीडियो हैं।
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डॉक्टर के वीडियो से निकली पशुओं के खून की अफवाह
पशुओं के खून से वैक्सीन बनाने की बात घरों में फेंके गए पर्चों में लिखी थी। पुलिस पड़ताल कर रही है कि यह अफवाह कहां से शुरू हुई। इस दौरान पता चला कि फरीदाबाद के डॉक्टर ने दिसंबर के आखिरी महीने में वीडियो पोस्ट करके वैक्सीन में पशुओं का खून होने की बात कही थी। वीडियो में पट्टी के साथ लिखा गया था कि तुरंत डाउनलोड कर लें, कुछ ही देर में वीडियो को हटा दिया जाएगा। पुलिस मान रही है कि वहीं से यह अफवाह पूरे देश में फैल गई।
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घरों में पर्चे डालता दिखा शख्स पर कोहरे ने बचाया
पर्चे फेंकने वाले की पहचान के लिए कुछ और सीसीटीवी की रिकार्डिंग तलाशी गई, मगर कामयाबी नहीं मिली। एक फुटेज में एक लंबे कद का शख्स घरों के दरवाजों से पर्चे सरकाता नजर आ रहा है मगर कैमरे से दूरी, मफलर और घने कोहरे की वजह से चेहरे की पहचान नहीं हो पा रही है। हालांकि कद काठी के हिसाब से बरेली पुलिस ने कई लोगों को चिह्नित करने का काम किया है। पुलिस मान रही है कि साजिशकर्ता ने पर्चे फेंकने के लिए किसी नशेड़ी का इस्तेमाल कर लिया हो। इंस्पेक्टर प्रेमनगर अवनीश कुमार दावा कर रहे हैं कि जल्दी ही आरोपी को पकड़ लेंगे। आगे के सीसीटीवी देखे जा रहे हैं।
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खुद को रेलवे कर्मचारी बताता है फरीदाबाद के डॉक्टर के ग्रुप का सदस्य
ग्रुप में किसान आंदोलन के भी भड़काऊ वीडियो, पुलिस तफ्तीश में जुटी बरेली। कोरोना वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाने के लिए राजेंद्रनगर के घरों में पर्चे फेंकने के मामले में फरीदाबाद कनेक्शन सामने आने के बाद पता चला है कि वहां के डॉक्टर के कई समर्थक बरेली में भी हैं। इनमें खुद को रेलकर्मी बताने वाला शख्स तो अक्सर ही भड़काऊ वीडियो व सूचनाएं सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहा है। पुलिस और खुफिया तंत्र इस पर निगरानी कर रहे हैं।
राजेंद्रनगर में दो दिन पहले चार घरों में पत्र फेंके गए थे, उनमें कोरोना वैक्सीन में पशुओं का खून मिला होने जैसी भ्रामक बातें लिखी थीं। पत्र में 5 जी तकनीक को भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह बताया था। पत्र में जो मोबाइल नंबर लिखा था वह फरीदाबाद की एक संस्था का हेल्पलाइन नंबर है जिसका संचालक फरीदाबाद का डॉक्टर कोरोना को मामूली फ्लू बताता रहा है। साथ ही कोरोना मरीजों को तीन दिन में ठीक करने का दावा करता है। डॉक्टर के ग्रुप से बरेली के कई लोग जुडे़ हैं। इनमें शहर का एक युवक वैक्सीन को बदनाम करने के लिए कई भ्रामक वीडियो और सूचनाएं अपने सोशल मीडिया अकाउंट से डाल रहा है। युवक ने अपनी आईडी पर खुद को रेलकर्मी लिखा है। युवक ने उस डॉक्टर के भी कई वीडियो शेयर किए हैं। डॉक्टर के ग्रुप में किसान आंदोलन पर सरकार को घेरते हुए भी उसके वीडियो हैं।
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डॉक्टर के वीडियो से निकली पशुओं के खून की अफवाह
पशुओं के खून से वैक्सीन बनाने की बात घरों में फेंके गए पर्चों में लिखी थी। पुलिस पड़ताल कर रही है कि यह अफवाह कहां से शुरू हुई। इस दौरान पता चला कि फरीदाबाद के डॉक्टर ने दिसंबर के आखिरी महीने में वीडियो पोस्ट करके वैक्सीन में पशुओं का खून होने की बात कही थी। वीडियो में पट्टी के साथ लिखा गया था कि तुरंत डाउनलोड कर लें, कुछ ही देर में वीडियो को हटा दिया जाएगा। पुलिस मान रही है कि वहीं से यह अफवाह पूरे देश में फैल गई।
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