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संवाद: चुनौतियां ज्यादा, संसाधन कम... फिर भी खेलों में आगे बढ़ रहीं बरेली की महिला खिलाड़ी
Thu, 25 Sep 2025 10:58 AM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 25 Sep 2025 10:58 AM IST
सार
बरेली में शारदीय नवरात्र पर अमर उजाला कार्यालय में बुधवार को संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न खेलों से जुड़ीं महिला खिलाड़ियों ने बेबाकी से अपने अनुभव साझा किए।
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संवाद कार्यक्रम में महिला खिलाड़ी
- फोटो : संवाद
विस्तार
बरेली जिले में खेल सुविधाओं और संसाधनों की कमी है। खिलाड़ी महिला हो तो पारिवारिक और सामाजिक चुनौतियां कोढ़ में खाज का काम करती हैं। इन सबको मात देकर जिले की महिला खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि उनके हौसले के समक्ष हर चुनौती बौनी है। शारदीय नवरात्र पर अमर उजाला कार्यालय में बुधवार को आयोजित संवाद में विभिन्न खेलों से जुड़ीं महिला खिलाड़ियों ने बेबाकी से अपने अनुभव साझा किए।
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महिला खिलाड़ियों ने बताया कि शहर में उनके लिए अलग छात्रावास, स्कॉलरशिप और विशेषज्ञ महिला फिजियोथेरेपिस्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। चोट या अचानक दर्द की स्थिति में उन्हें खुद ही प्राथमिक उपचार करना पड़ता है। पोषणयुक्त आहार और खेल सामग्री जुटाना भी मुश्किल होता है। कई बार परिवार सहयोग करता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में उन्हें खुद ही व्यवस्था करनी पड़ती है। ये सुविधाएं मिलें तो वह अपने खेल पर और ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सकती हैं।
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इनडोर हॉल की कमी बड़ी चुनौती
सेपक टाकरा और अन्य इनडोर खेलों से जुड़ीं खिलाड़ियों ने शहर में इनडोर हॉल की कमी को बड़ी चुनौती बताया। कहा कि इस खेल के उपकरण अक्सर विदेश से आते हैं। उनके महंगे होने के कारण हर खिलाड़ी को उपलब्ध कराना मुश्किल है। पुरुष खिलाड़ियों के लिए उपकरण उपलब्ध हो जाते हैं, जबकि महिला खिलाड़ियों को अक्सर पुराने या पुरुष खिलाड़ियों के उपकरणों से ही अभ्यास करना पड़ता है।
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इन परेशानियों से पीछा छूटे तो महिला खिलाड़ी कीर्तिमान रच सकती हैं। इस दौरान इरम, शशि यादव, आरती, दीपू कश्यप, अंजलि सिंह, अनुष्का, अंजलि मौर्या, रिद्धि, मोहिनी, प्रीति यादव, पूजा यादव, रितिका शर्मा, सेजल यादव, वंशिका, रिदम शर्मा, पूनम सहित अन्य खिलाड़ी मौजूद रहीं।
सौगात से कम नहीं सिंथेटिक ट्रैक
एथलेटिक्स से जुड़ी खिलाड़ियों ने सिंथेटिक ट्रैक को एक बड़ी सौगात बताया। उनका कहना है कि इससे उनके खेल में और निखार आएगा। हालांकि, आर्थिक परेशानियों के चलते उनके सामने डाइट और अच्छे जूतों की व्यवस्था करना अब भी बड़ी चुनौती है। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रशिक्षण के साथ उन्हें खेल किट भी मुहैया कराई जानी चाहिए।
एथलेटिक्स से जुड़ी खिलाड़ियों ने सिंथेटिक ट्रैक को एक बड़ी सौगात बताया। उनका कहना है कि इससे उनके खेल में और निखार आएगा। हालांकि, आर्थिक परेशानियों के चलते उनके सामने डाइट और अच्छे जूतों की व्यवस्था करना अब भी बड़ी चुनौती है। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रशिक्षण के साथ उन्हें खेल किट भी मुहैया कराई जानी चाहिए।