बरेली की रामलीला: 'रावण' है साइट इंचार्ज, 'हनुमानजी' हैं सेल्स मैनेजर; 11वीं की छात्रा निभाएगी सीता का किरदार
बरेली के सुभाषनगर में होने वाली रामलीला के किरदारों से जो मंच से अलग अपने व्यक्तिगत जीवन में अलग-अलग पेशों से जुड़े हुए हैं। कोई सेल्स मैनेजर हैं तो कोई बीकॉम कर रहा है। इस साल पहली बार लड़कियां भी रामरीला का मंचन करेंगी।
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रावण साइट इंचार्ज है, हनुमानजी सेल्स मैनेजर। कुंभकर्ण भी एक निजी कंपनी में मैनेजर है और श्रीराम जी बीकॉम कर रहे हैं। सीताजी 11वीं में हैं और जज बनना चाहती हैं। यह सभी बरेली के सुभाषनगर में होने वाली रामलीला के मुख्य किरदार हैं। आइए, आपको मिलवाते हैं, कुछ ऐसे ही किरदारों से जो मंच से अलग अपने व्यक्तिगत जीवन में अलग-अलग पेशों से जुड़े हुए हैं।
किरदार ने नाम के आगे जोड़ दिया ‘लंकेश’
दीपक सिंह बताते हैं कि वह 23 वर्षों से रावण का किरदार निभा रहे हैं। वह झांसी की निजी कंपनी में साइट इंचार्ज के पद पर तैनात हैं। रामलीला के लिए हर बार डेढ़ माह का अवकाश लेते हैं। इन छुट्टियों की कंपनी तनख्वाह भी नहीं काटती है। लंबे समय से रावण का किरदार निभाने के चलते गली-मोहल्ले में सभी ने नाम के आगे ‘लंकेश’ जोड़ दिया है। अब पूरा नाम दीपक सिंह ‘लंकेश ही पुकारा जाता है।
वहीं राम का किरदार निभा रहे सिद्धांत बीकॉम के स्टूडेंट हैं। एक्टिंग का शौक हैं, इसलिए रामलीला में किरदार निभाते रहते हैं। वह पहली बार राम का रोल निभा रहे हैं। वहीं लक्ष्मण का किरदार निभा रहे यश ठाकुर अस्थाई रूप से जल निगम में काम कर रहे हैं। साथ ही समय मिलने पर थिएटर भी कर लेते हैं। वह बताते हैं कि एनसीसी में बेस्ट कैडेट के लिए उन्हें राष्ट्रपति भी सम्मानित कर चुकी हैं।
दिन में नौकरी, शाम को रिहर्सल
रामलीला में हनुमान का किरदार निभाने वाले नितिन जौहरी बताते हैं कि वह एक निजी कंपनी में सेल्स मैनेजर के पद पर तैनात हैं। बताते हैं कि ‘रामलीला होती है तो शाम को जल्दी घर आ जाता हूं। सभी मिलकर रिहर्सल करते हैं। वह 11 वर्षों से रामलीला का हिस्सा हैं। इसी तरह पांच वर्षों से कुंभकर्ण का रोल कर रहे अंकित जौहरी निजी कंपनी में मैनेजर हैं। वह ऑफिस से आने के बाद मंचन करते हैं।
बताते हैं कि ‘रामलीला के दिनों में टाइम मैनेजमेंट और भी जरूरी हो जाता है।’ 40 वर्षों से ताड़का का किरदार निभा रहे प्रवीण शर्मा कहते हैं कि ‘बचपन से रामलीला देखने आते थे। एक बार किरदार निभाने का मौका मिला, तब से लगातार ताड़का का किरदार निभा रहा हूं। कैटरिंग का काम करने वाले आलोक कश्यप बताते हैं कि वह 17 वर्षों से रामलीला में बाली का किरदार निभा रहे हैं।
पहली बार मंचन करेंगी लड़कियां
सुभाषनगर श्री रामलीला कमेटी के मंत्री आलोक तायल बताते हैं कि रामलीला में महिला पात्रों के किरदार अब तक सिर्फ पुरुष कलाकार निभाते थे। 82वर्षों से हो रही रामलीला में इस बार परिवर्तन किया गया है। अबकी बार से रामलीला में सीता, सबरी, सखी आदि के किरदार लड़कियां निभा रही हैं। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली वृंदा बाजपेई सीता का किरदार निभा रही हैं।
वह बताती हैं कि बचपन से पिता के साथ रामलीला देखने आ रही हूं। काफी समय से सोच रही थी कि सीता जी का रोल करूं। रामलीला से पहले ऑडिशन हुआ। चयनित होने पर बहुत खुशी हुई। वृंदा बताती हैं कि उनकी मां वकील और पिता कॉन्ट्रेक्टर हैं। वह पीसीएस जे क्वालिफाई करके जज बनना चाहती हैं। वृंदा की छोटी बहन तेजस्विनी बाजपेई नौवीं की छात्रा हैं। वह भी रामलीला में सबरी का किरदार निभा रही हैं।