Bareilly: मौलाना तौकीर को गिरफ्तार करने में सीओ भी फेल, कोर्ट ने लगाई फटकार, एसएसपी को दी जिम्मेदारी
वर्ष 2010 में हुए बरेली दंगे के लिए कोर्ट से मास्टरमाइंड ठहराए गए मौलाना तौकीर रजा को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस पर कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई है। अब एसएसपी को मौलाना तौकीर को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
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बरेली में आईएमसी (इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने में सीओ प्रथम की टीम भी नाकाम रही। इस पर एडीजी फास्ट ट्रैक कोर्ट रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए एसएसपी को गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी है। डीएम को जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। अगली तारीख 19 मार्च तय की है।
मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार करने में पुलिस लगातार फ्लॉप साबित हो रही है। पहले प्रेमनगर थाना प्रभारी आशुतोष रघुवंशी को समन तामील कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। वह समन ही तामील नहीं करा सके। अब गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद कोर्ट ने सीओ प्रथम संदीप कुमार सिंह को मौलाना को गिरफ्तार कर बुधवार को पेश करने का निर्देश दिया था। सीओ के नेतृत्व में एक टीम दिल्ली गई थी पर काफी तलाश के बाद भी मौलाना का सुराग नहीं मिल सका।
पुलिस को लगाई कड़ी फटकार
बुधवार को पुलिस की ओर से जब कोर्ट में अपना पक्ष रखा गया तो कोर्ट ने कड़ी फटकार लगा दी। कहा कि आरोपी मौलाना तौकीर रजा खां बरेली जनपद का बहुत ही प्रभावशाली व्यक्ति है। उसके प्रभाव के कारण ही अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे यह भी लगता है कि भारत में आम आदमी के लिए कानून अलग और प्रभावशाली आरोपी के लिए अलग है। अगर आम आदमी इस तरह का अपराध करता तो पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया होता।
आरोपी एक प्रभावशाली धार्मिक व्यक्ति है, इसलिए गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी बाहर खुला घूम रहा है। कोर्ट ने 19 मार्च की तारीख तय करते हुए एसपी घुले सुशील चंद्रभान को मौलाना तौकीर की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंप दी है। साथ ही कहा है कि जिले की कानून व्यवस्था बनाए रखने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी डीएम की होगी।
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दोबारा जारी किया गया तौकीर का वारंट
एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट से बुधवार को मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ दोबारा से गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। इस बार वारंट एसएसपी के नाम से संबोधन करके जारी किया गया है, मतलब कि 19 मार्च 2024 को मौलाना को गिरफ्तार कर पेश कराने की जिम्मेदारी एसएसपी को सीधे तौर पर दी गई है। वारंट में मारपीट, हमला, बलवा, सेवन क्रिमनल लॉ एक्ट और साजिश रचने जैसी वह सभी धाराएं लगाई गई हैं जिनमें मुकदमे के बाकी आरोपियों पर चार्जशीट लगी है।