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बरेली: बारावफात के जुलूस में नहीं बजेगा डीजे, नई परंपरा डाली तो कार्रवाई; सोशल मीडिया पर रहेगी पुलिस की नजर
Thu, 21 Sep 2023 10:29 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 21 Sep 2023 10:29 AM IST
सार
डीएम ने कोई नई परंपरा न डालने, शांतिपूर्ण जुलूस निकालने, वालंटियर्स को नियुक्त कर उसकी सूची पुलिस प्रशासन को देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कोई भी भ्रामक पोस्ट मैसेज, सोशल मीडिया पर डालने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुई बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली के कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को डीएम शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में ईद-ए-मिलादुन्नबी/बारावफात त्योहार पर शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में बैठक हुई। जुलूस में डीजे बजाने की अनुमति न देने की मांग धर्मगुरुओं और जुलूस आयोजकों ने डीएम से की, जिस पर डीएम ने पुलिस प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्र में एक बैठक कर आयोजकों को संबंधित बिंदुओं से अवगत कराते हुए जागरूक करने के निर्देश दिए।
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डीएम ने कोई नई परंपरा न डालने, शांतिपूर्ण जुलूस निकालने, वालंटियर्स को नियुक्त कर उसकी सूची पुलिस प्रशासन को देने के लिए कहा। सभी मजिस्ट्रेट और एसडीएम को जुलूस के रास्तों का निरीक्षण कर उसे दुरुस्त कराने, बिजली पोल, लाइन चेक करने, नगर निगम और जल निगम को साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि कोई भी भ्रामक पोस्ट मैसेज, सोशल मीडिया पर डालने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान और एसपी सिटी राहुल भाटी ने भी धर्मगुरुओं व आयोजकों को शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकालने के लिए कहा।
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42 साल बाद बदलेगा जुलूस-ए-मुहम्मदी का रास्ता
कुतुबखाना पुल के निर्माण की वजह से 42 साल बाद इस बार जुलूस-ए-मुहम्मदी बदले हुए रास्ते से निकाला जाएगा। हालांकि, जुलूस किस रास्ते से निकलेगा, यह अभी तय नहीं है। बुधवार को प्रशासन और अंजुमन खुद्दाम-ए-रसूल के पदाधिकारियों के बीच होने वाली बैठक में इसका रास्ता तय किया जाएगा।जुलूस कोहाड़ापीर से शुरू होकर कुतुबखाना, जिला अस्पताल, कोतवाली, नावल्टी चौराहा, पहलवान साहब की दरगाह, इस्लामिया कॉलेज रोड, जिला परिषद मार्ग, बिहारीपुर होते हुए सौदागरान स्थित दरगाह आला हजरत पहुंच कर संपन्न होता है। यह जुलूस 1981 में शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत आला हजरत दरगाह के पूर्व सज्जादा हजरत रेहान रजा खां (रेहानी मियां) ने की थी।
अंजुमन के सचिव शान रजा ने बताया कि जुलूस 29 सितंबर को निकाला जाएगा। प्रशासन को पत्र भेजा है। बुधवार को बैठक में वैकल्पिक मार्ग पर चर्चा होगी।