Bareilly News: डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र में कराया बेटी का दाखिला, आम बच्चों संग खेलती-पढ़ती है मासूम
उत्तर प्रदेश में हाथरस के बाद अब बरेली के डीएम रविंद्र कुमार ने मिसाल कायम की है। उन्होंने अपनी बेटी का दाखिला आंगनबाड़ी केंद्र में कराया है। शुक्रवार को आम बच्चों के साथ खेलती मासूम बच्ची की तस्वीर सामने आई तो चर्चा शुरू हो गई।
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बरेली के डीएम रविंद्र कुमार की बेटी का कांधरपुर के आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए दाखिला कराया गया है। वह हम उम्र बच्चों के साथ खेलते और पढ़ते देखी गई तो उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई। मासूम बच्ची की तस्वीर ने लोगों का ध्यान खींचा। शहर में लोग डीएम के इस फैसले की तारीफ कर रहे हैं। बता दें कि हाथरस की डीएम अर्चना वर्मा भी अपने दो साल के बेटे का एडमीशन आंगनबाड़ी में करा चुकी हैं। अब बरेली के डीएम ने मिसाल कायम की है। डीएम की यह पहल सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सबक भी है।
लोगों का कहना कि ये ऐसा दौर है जब सरकारी अधिकारी और अमीर लोग बच्चों को क्रेच और बड़े महंगे पब्लिक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। इसके बावजूद डीएम ने बेटी को आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत करवाकर मिसाल देने लायक काम किया है। इससे अन्य लोग भी बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र तक भेजने के लिए प्रेरित होंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों के इंतजाम सुधर सकते हैं। डीएम का ध्यान भी इन केंद्रों पर रहेगा।
झांसी में भी आंगनबाड़ी केंद्र में जाती थी डीएम की बेटी
रविंद्र कुमार बरेली से पहले झांसी में डीएम थे। वहां भी उनकी बेटी आंगनबाड़ी केंद्र में जाती थी। आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह साल तक के बच्चों को पंजीकृत करके प्री-स्कूल शिक्षा दी जाती है। बता दें कि डीएम रविंद्र कुमार आईआईटी पास आउट हैं। उन्होंने वर्ष 2002 से 2009 तक मर्चेंट नेवी में काम किया था। फिर इसे छोड़कर सिविल सेवा की परीक्षा दी। 2011 में उनका चयन हुआ था।
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डीएम रविंद्र कुमार बरेली से पहले झांसी, बुलंदशहर समेत अन्य कई जिलों की कमान संभाल चुके हैं। मूलरूप से बिहार के बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर के रहने वाले रविंद्र कुमार दिसंबर 2017 से जून 2019 तक पेयजल स्वच्छता मंत्री उमा भारती के निजी सचिव भी रह चुके हैं। रविंद्र कुमार दो बार एवरेस्ट फतह भी कर चुके हैं।