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पुलिस ने किया खेल तब खुल पाया बरेली कॉलेज
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Bareilly college
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एफआईआर में गंभीर धाराएं फिर भी शांति भंग के आरोप में आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी कर कॉलेज प्रशासन को मनाया
कुछ ही देर में अदालत से दोनों आरोपियों को मिल गई जमानत, आज से विधिवत खुलेगा कॉलेज, सभी शैक्षिक गतिविधियां होंगी
बरेली। तोड़फोड़, कर्मचारी से मारपीट और हंगामा करने की घटना के बाद भी कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण अनिश्चितकाल के लिए बंद हुए बरेली कॉलेज को खुलवाने के लिए पुलिस और प्रशासन को खेल करना पड़ा। बुधवार को इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ को कॉलेज खोलने के लिए मना लिया गया। हालांकि एफआईआर में गंभीर धाराएं होने के बावजूद दोनों आरोपियों का चालान सिर्फ शांति भंग करने के आरोप में किया गया लिहाजा कुछ ही घंटों बाद दोनों को जमानत मिल गई।
बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों पर कॉलेज में तोड़फोड़, मारपीट और हंगामे के साथ उनकी कुर्सी दफ्तर से निकालकर बाहर मैदान लाकर रखने का आरोप लगाया था। इस मामले में दो बार तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर कॉलेज के शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ ने अनिश्चितकाल के लिए कॉलेज को बंद करने का एलान कर दिया। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। सोमवार को कॉलेज बंद किए जाने के बाद पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने शिक्षकों और कर्मचारियों को मनाने की काफी कोशिश की लेकिन उन्होंने आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी होने से पहले फैसला वापस लेने से साफ इनकार कर दिया।
दो दिन कॉलेज बंद रहने के बाद बुधवार को बारादरी पुलिस ने चीफ प्रॉक्टर की ओर से दिए गए नामों के आधार पर दो आरोपी अनिकेत और निखिल राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। एफआईआर में तोड़फोड़ के आरोप में धारा 427 के साथ पब्लिक प्रापर्टी डैमेज एक्ट समेत कई गंभीर धाराएं थीं लेकिन दोनों आरोपियों का चालान शांति भंग करने के आरोप में किया गया लिहाजा दोनों को कुछ ही देर जमानत मिल गई। इस बीच शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ को आरोपियों की गिरफ्तारी की संदेश देकर कॉलेज खुलवा लिया गया।
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आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कॉलेज
पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और एसीएम
शिक्षक संघ के महासचिव डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि बुधवार को दोपहर दो बजे सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय और एसीएम प्रथम कॉलेज पहुंचे। सेमिनार कक्ष में प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन समेत शिक्षक और कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों के सामने वार्ता हुई। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कॉलेज की ओर से चिन्हित दूसरे अराजक तत्वों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति भी नहीं होने देने का आश्वासन दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने संघ की मांग पूरी होने की बात कहते हुए छात्र हित में हड़ताल को वापस लेेने का अनुरोध किया। इसके बाद हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया। बृहस्पतिवार से महाविद्यालय में सभी शैक्षिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। अगर छात्र संगठनों ने कोई उपद्रव किया और कार्रवाई न हुई तो फिर हड़ताल की जाएगी।
छात्रहित सर्वोपरि बशर्ते अराजकता न हो
बरेली कॉलेज कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट के कार्रवाई की जानकारी देने के बाद धरना खत्म करने का फैसला लिया गया है। सभी कर्मचारी कॉलेज में बेहतर शिक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रयासरत हैं। अब फिर सभी अस्थायी कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में दो से तीन बजे तक प्रत्येक कार्य दिवस में धरना पर बैठेंगे।
छात्रवृत्ति फार्म जमा करने उमड़े छात्र
बुधवार को बरेली कॉलेज का नजारा अलग ही था। सभागार पर शिक्षक और कर्मचारियों का धरना चल रहा था तो दूसरी ओर, बीएड विभाग के परिसर में छात्रवृत्ति आवेदन फार्म जमा करने के लिए सैकड़ों विद्यार्थी पहुंचे थे। फार्म जमा करने के लिए आठ काउंटर लगाए गए थे। जिस पर कर्मचारी छात्रवृत्ति के आवेदन को जमा कर उसे लॉक कर रहे थे। पहले फार्म जमा करने के लिए छात्र धक्कामुक्की करते रहे।
पुलिस फोर्स के साथ पीएसी भी तैनात
परिसर में हड़ताल के साथ भारी तादाद में छात्रों की मौजूदगी के कारण हंगामे की आशंका थी लिहाजा पुलिस फोर्स के साथ पीएसी भी तैनात की गई थी। कई बार फार्म जमा करने को लेकर शोरगुल हुआ मगर पुलिस की मौजूदगी के कारण हंगामा नहीं बढ़ा। दूरदराज से आए विद्यार्थियों ने लाइन में लगकर एक-एक कर अपने फार्म जमा कराए। हालांकि, आवेदन तिथि बढ़ने की सूचना मिलने के बाद सब राहत में दिखे।
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कुछ ही देर में अदालत से दोनों आरोपियों को मिल गई जमानत, आज से विधिवत खुलेगा कॉलेज, सभी शैक्षिक गतिविधियां होंगी
बरेली। तोड़फोड़, कर्मचारी से मारपीट और हंगामा करने की घटना के बाद भी कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण अनिश्चितकाल के लिए बंद हुए बरेली कॉलेज को खुलवाने के लिए पुलिस और प्रशासन को खेल करना पड़ा। बुधवार को इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ को कॉलेज खोलने के लिए मना लिया गया। हालांकि एफआईआर में गंभीर धाराएं होने के बावजूद दोनों आरोपियों का चालान सिर्फ शांति भंग करने के आरोप में किया गया लिहाजा कुछ ही घंटों बाद दोनों को जमानत मिल गई।
बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों पर कॉलेज में तोड़फोड़, मारपीट और हंगामे के साथ उनकी कुर्सी दफ्तर से निकालकर बाहर मैदान लाकर रखने का आरोप लगाया था। इस मामले में दो बार तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर कॉलेज के शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ ने अनिश्चितकाल के लिए कॉलेज को बंद करने का एलान कर दिया। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। सोमवार को कॉलेज बंद किए जाने के बाद पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने शिक्षकों और कर्मचारियों को मनाने की काफी कोशिश की लेकिन उन्होंने आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी होने से पहले फैसला वापस लेने से साफ इनकार कर दिया।
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दो दिन कॉलेज बंद रहने के बाद बुधवार को बारादरी पुलिस ने चीफ प्रॉक्टर की ओर से दिए गए नामों के आधार पर दो आरोपी अनिकेत और निखिल राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। एफआईआर में तोड़फोड़ के आरोप में धारा 427 के साथ पब्लिक प्रापर्टी डैमेज एक्ट समेत कई गंभीर धाराएं थीं लेकिन दोनों आरोपियों का चालान शांति भंग करने के आरोप में किया गया लिहाजा दोनों को कुछ ही देर जमानत मिल गई। इस बीच शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ को आरोपियों की गिरफ्तारी की संदेश देकर कॉलेज खुलवा लिया गया।
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आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कॉलेज
पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और एसीएम
शिक्षक संघ के महासचिव डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि बुधवार को दोपहर दो बजे सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय और एसीएम प्रथम कॉलेज पहुंचे। सेमिनार कक्ष में प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन समेत शिक्षक और कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों के सामने वार्ता हुई। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कॉलेज की ओर से चिन्हित दूसरे अराजक तत्वों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति भी नहीं होने देने का आश्वासन दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने संघ की मांग पूरी होने की बात कहते हुए छात्र हित में हड़ताल को वापस लेेने का अनुरोध किया। इसके बाद हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया। बृहस्पतिवार से महाविद्यालय में सभी शैक्षिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। अगर छात्र संगठनों ने कोई उपद्रव किया और कार्रवाई न हुई तो फिर हड़ताल की जाएगी।
छात्रहित सर्वोपरि बशर्ते अराजकता न हो
बरेली कॉलेज कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट के कार्रवाई की जानकारी देने के बाद धरना खत्म करने का फैसला लिया गया है। सभी कर्मचारी कॉलेज में बेहतर शिक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रयासरत हैं। अब फिर सभी अस्थायी कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में दो से तीन बजे तक प्रत्येक कार्य दिवस में धरना पर बैठेंगे।
छात्रवृत्ति फार्म जमा करने उमड़े छात्र
बुधवार को बरेली कॉलेज का नजारा अलग ही था। सभागार पर शिक्षक और कर्मचारियों का धरना चल रहा था तो दूसरी ओर, बीएड विभाग के परिसर में छात्रवृत्ति आवेदन फार्म जमा करने के लिए सैकड़ों विद्यार्थी पहुंचे थे। फार्म जमा करने के लिए आठ काउंटर लगाए गए थे। जिस पर कर्मचारी छात्रवृत्ति के आवेदन को जमा कर उसे लॉक कर रहे थे। पहले फार्म जमा करने के लिए छात्र धक्कामुक्की करते रहे।
पुलिस फोर्स के साथ पीएसी भी तैनात
परिसर में हड़ताल के साथ भारी तादाद में छात्रों की मौजूदगी के कारण हंगामे की आशंका थी लिहाजा पुलिस फोर्स के साथ पीएसी भी तैनात की गई थी। कई बार फार्म जमा करने को लेकर शोरगुल हुआ मगर पुलिस की मौजूदगी के कारण हंगामा नहीं बढ़ा। दूरदराज से आए विद्यार्थियों ने लाइन में लगकर एक-एक कर अपने फार्म जमा कराए। हालांकि, आवेदन तिथि बढ़ने की सूचना मिलने के बाद सब राहत में दिखे।