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Bareilly News: यूपी प्रमाण पोर्टल रैंकिंग में बरेली कॉलेज फिसड्डी
Tue, 11 Aug 2026 01:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:03 AM IST
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बरेली। उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने करने के लिए शासन की ओर से यूपी प्रमाण पोर्टल बनाया गया है। इसकी हालिया समीक्षा रिपोर्ट ने बरेली कॉलेज को प्रदेश में 182वां स्थान मिला है। भारी-भरकम बजट, विशाल आधारभूत ढांचे और शिक्षकों-कर्मचारियों की बड़ी फौज होने के बावजूद यह संस्थान मंडल के छोटे और नए कॉलेजों से भी पीछे छूट गया है।
पोर्टल पर तय मानकों के तहत कॉलेजों को अपना मासिक डेटा अपलोड करना होता है। उच्च शिक्षा विभाग एवं मंडलायुक्त कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के पैरामीटर पर जहां राज्य का औसत स्कोर 21.78 निर्धारित है, वहीं बरेली कॉलेज का स्कोर शून्य दर्ज किया गया। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के मानकों पर भी कॉलेज का प्रदर्शन राज्य के औसत 28.12 अंक की तुलना में मात्र 20 अंक ही रहा।
दूसरी ओर, संसाधनों की कमी के बावजूद बरेली का राजकीय महिला महाविद्यालय प्रदेश में 82वीं रैंक के साथ अच्छी स्थिति में है। उसका एनआईआरएफ स्कोर 33.33 और नैक स्कोर 46.67 दर्ज किया गया है। मीरगंज स्थित राजेंद्र प्रसाद डिग्री कॉलेज 91वीं रैंक और 66.67 के एनआईआरएफ स्कोर के साथ काफी बेहतर स्थिति में है। बहेड़ी का गन्ना उत्पादक पीजी कॉलेज 108वें और साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय 156वें स्थान पर रहे।
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शाहजहांपुर का गांधी फैज-ए-आम कॉलेज मंडल में अव्वल
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में शाहजहांपुर का गांधी फैज-ए-आम स्नातकोत्तर कॉलेज 59वीं रैंक हासिल कर बरेली मंडल में शीर्ष पर रहा। राजकीय महाविद्यालयों की श्रेणी में बदायूं का राजकीय महाविद्यालय बिसौली 41वीं रैंक प्राप्त कर बेहतर स्थिति में दिखा। 22 जून तक भेजे गए आंकड़ों के आधार पर तैयार इस सूची में बदायूं के राजकीय डिग्री कॉलेज दातागंज को 293वीं, राजकीय डिग्री कॉलेज बिल्सी को 124वीं और नेहरू मेमोरियल एसएन दास पीजी कॉलेज को 186वीं रैंक मिली है। बरेली का महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय 235वीं रैंक पर रहा। पीलीभीत के गवर्नमेंट गर्ल्स डिग्री कॉलेज को 264वीं, गवर्नमेंट गर्ल्स डिग्री कॉलेज बीसलपुर को 141वीं, उपाधि कॉलेज को 234वीं और स्प्रिंगडेल कॉलेज को 200वीं रैंक मिली है। शाहजहांपुर में आर्य महिला पीजी कॉलेज को 291वीं और स्वामी शुकदेवानंद पीजी कॉलेज को 148वीं रैंक मिली है। दूसरी ओर, मंडल के 19 राजकीय, संघटक व एडेड कॉलेजों और 208 स्ववित्तपोषित कॉलेजों ने अब तक अपना डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। इस वजह से उनकी रैंकिंग जारी नहीं हो सकी।
शून्य प्रगति वाले कॉलेजों पर कसेगा शिकंजा
शासन की ओर से यूपी-प्रमाण पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के सभी महाविद्यालयों को 100 प्रतिशत नैक आच्छादित करने और शीर्ष 100 एनआईआरएफ संस्थानों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रत्येक महाविद्यालय को 43 मुख्य सूचकांकों और 200 उप-सूचकांकों के आधार पर मासिक प्रगति रिपोर्ट दर्ज करनी होती है। हर माह की पांच तारीख को उच्च शिक्षा निदेशालय और मंडलायुक्त स्तर पर इसकी समीक्षा की जाती है। शासनादेश में यह स्पष्ट किया गया है कि जिन महाविद्यालयों की एनआईआरएफ, नैक और शोध परिणामों में प्रगति शून्य या अत्यंत कम है, उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के समन्वय से एक विशेष सत्यापन समिति गठित की जाएगी जो महाविद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करेगी।
वर्जन
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निगरानी की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। रिसर्च वर्क और इसमें सुधार के लिए शासन और प्रशासन की ओर से निरीक्षण किए जाएंगे। शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए काम किया जाएगा। - डॉ. राजेश कुमार, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी
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पोर्टल पर तय मानकों के तहत कॉलेजों को अपना मासिक डेटा अपलोड करना होता है। उच्च शिक्षा विभाग एवं मंडलायुक्त कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के पैरामीटर पर जहां राज्य का औसत स्कोर 21.78 निर्धारित है, वहीं बरेली कॉलेज का स्कोर शून्य दर्ज किया गया। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के मानकों पर भी कॉलेज का प्रदर्शन राज्य के औसत 28.12 अंक की तुलना में मात्र 20 अंक ही रहा।
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दूसरी ओर, संसाधनों की कमी के बावजूद बरेली का राजकीय महिला महाविद्यालय प्रदेश में 82वीं रैंक के साथ अच्छी स्थिति में है। उसका एनआईआरएफ स्कोर 33.33 और नैक स्कोर 46.67 दर्ज किया गया है। मीरगंज स्थित राजेंद्र प्रसाद डिग्री कॉलेज 91वीं रैंक और 66.67 के एनआईआरएफ स्कोर के साथ काफी बेहतर स्थिति में है। बहेड़ी का गन्ना उत्पादक पीजी कॉलेज 108वें और साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय 156वें स्थान पर रहे।
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शाहजहांपुर का गांधी फैज-ए-आम कॉलेज मंडल में अव्वल
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में शाहजहांपुर का गांधी फैज-ए-आम स्नातकोत्तर कॉलेज 59वीं रैंक हासिल कर बरेली मंडल में शीर्ष पर रहा। राजकीय महाविद्यालयों की श्रेणी में बदायूं का राजकीय महाविद्यालय बिसौली 41वीं रैंक प्राप्त कर बेहतर स्थिति में दिखा। 22 जून तक भेजे गए आंकड़ों के आधार पर तैयार इस सूची में बदायूं के राजकीय डिग्री कॉलेज दातागंज को 293वीं, राजकीय डिग्री कॉलेज बिल्सी को 124वीं और नेहरू मेमोरियल एसएन दास पीजी कॉलेज को 186वीं रैंक मिली है। बरेली का महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय 235वीं रैंक पर रहा। पीलीभीत के गवर्नमेंट गर्ल्स डिग्री कॉलेज को 264वीं, गवर्नमेंट गर्ल्स डिग्री कॉलेज बीसलपुर को 141वीं, उपाधि कॉलेज को 234वीं और स्प्रिंगडेल कॉलेज को 200वीं रैंक मिली है। शाहजहांपुर में आर्य महिला पीजी कॉलेज को 291वीं और स्वामी शुकदेवानंद पीजी कॉलेज को 148वीं रैंक मिली है। दूसरी ओर, मंडल के 19 राजकीय, संघटक व एडेड कॉलेजों और 208 स्ववित्तपोषित कॉलेजों ने अब तक अपना डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। इस वजह से उनकी रैंकिंग जारी नहीं हो सकी।
शून्य प्रगति वाले कॉलेजों पर कसेगा शिकंजा
शासन की ओर से यूपी-प्रमाण पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के सभी महाविद्यालयों को 100 प्रतिशत नैक आच्छादित करने और शीर्ष 100 एनआईआरएफ संस्थानों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रत्येक महाविद्यालय को 43 मुख्य सूचकांकों और 200 उप-सूचकांकों के आधार पर मासिक प्रगति रिपोर्ट दर्ज करनी होती है। हर माह की पांच तारीख को उच्च शिक्षा निदेशालय और मंडलायुक्त स्तर पर इसकी समीक्षा की जाती है। शासनादेश में यह स्पष्ट किया गया है कि जिन महाविद्यालयों की एनआईआरएफ, नैक और शोध परिणामों में प्रगति शून्य या अत्यंत कम है, उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के समन्वय से एक विशेष सत्यापन समिति गठित की जाएगी जो महाविद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करेगी।
वर्जन
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निगरानी की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। रिसर्च वर्क और इसमें सुधार के लिए शासन और प्रशासन की ओर से निरीक्षण किए जाएंगे। शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए काम किया जाएगा। - डॉ. राजेश कुमार, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी