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डाटा की गड़बड़ी पर अस्थाई कर्मचारियों ने प्राचार्य को घेरा
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बरेली। पीपीएफ सुविधा के लिए कर्मचारियों से डाटा मांगने के बाद बरेली कॉलेज में एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। कॉलेज रिकार्ड के मुताबिक पांच कर्मचारियों की उम्र नौकरी लगने के समय 14 साल से कम थी और 112 कर्मचारियों का डाटा मिलान नहीं हो पा रहा है। इसको लेकर अस्थाई कर्मचारी विरोध में हैं। उन्होंने सोमवार को प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा का घेराव किया और सवाल उठाया कि इतने कर्मचारियों का डाटा गड़बड़ कैसे हो सकता है।
बता दें कि पिछले दिनों बरेली कॉलेज ने अस्थाई कर्मचारियों की संविदा समाप्त कर दी थी। इसके बाद तमाम विरोध प्रदर्शन हुए तो कॉलेज प्रशासन ने उन्हें बहाल कर दिया। साथ ही पीपीएफ और ईएसआई की सुविधा देने का वादा किया था। अब इसकी कवायद शुरू हुई है। कॉलेज ने कर्मचारियों का रिकार्ड निकाला तो सामने आया कि पांच कर्मचारियों को 14 साल से कम उम्र में ही नौकरी दे दी गई थी। वहीं 112 कर्मचारियों का आधार डाटा गड़बड़ है। यह जानकारी में आते ही कर्मचारी विरोध में आ गए हैं। सोमवार को जितेंद्र मिश्रा समेत कई कर्मचारियों ने प्राचार्य का घेराव कर सवाल उठाया कि इतने कर्मचारियों का डाटा गड़बड़ कैसे हो सकता है। साथ ही अनावश्यक दस्तावेज मांगने का भी आरोप लगाया। इसके बाद तय हुआ कि कि सिर्फ जरूरी दस्तावेज ही लिए जाएंगे।
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बता दें कि पिछले दिनों बरेली कॉलेज ने अस्थाई कर्मचारियों की संविदा समाप्त कर दी थी। इसके बाद तमाम विरोध प्रदर्शन हुए तो कॉलेज प्रशासन ने उन्हें बहाल कर दिया। साथ ही पीपीएफ और ईएसआई की सुविधा देने का वादा किया था। अब इसकी कवायद शुरू हुई है। कॉलेज ने कर्मचारियों का रिकार्ड निकाला तो सामने आया कि पांच कर्मचारियों को 14 साल से कम उम्र में ही नौकरी दे दी गई थी। वहीं 112 कर्मचारियों का आधार डाटा गड़बड़ है। यह जानकारी में आते ही कर्मचारी विरोध में आ गए हैं। सोमवार को जितेंद्र मिश्रा समेत कई कर्मचारियों ने प्राचार्य का घेराव कर सवाल उठाया कि इतने कर्मचारियों का डाटा गड़बड़ कैसे हो सकता है। साथ ही अनावश्यक दस्तावेज मांगने का भी आरोप लगाया। इसके बाद तय हुआ कि कि सिर्फ जरूरी दस्तावेज ही लिए जाएंगे।
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