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‘बरेली सेंट्रल’ में बनेगा आधुनिक डिग्री कॉलेज

Wed, 27 Sep 2017 02:17 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Wed, 27 Sep 2017 02:17 AM IST
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'Bareilly Central' will be set up in Modern Degree College
स्‍ममाटऱ्र्ट ‌िससिटी

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‘बरेली सेंट्रल’ प्रोजेक्ट में कुछ फेरबदल के बाद शासन ने इसे हरीझंडी दे दी है। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आवास विकास विभाग के जरिये बरेली विकास प्राधिकरण को दिया जाना है। बीडीए निजी संस्थानों को जमीन का बैनामा नहीं करेगा बल्कि लीज पर देगा। इस प्रोजेक्ट से करीब 300 करोड़ की आमदनी होगी, जबकि प्रोजेक्ट पर खर्च 74 करोड़ होना है। आमदनी की बाकी रकम प्रोजेक्ट के अन्य कामों पर खर्च होगी। नए सिरे से बनने वाले बरेली सेंट्रल प्रोजेक्ट मेें पुरानी जेल के भवनों में महिला जेल बनाई जाएगी, लेकिन इसका ऐतिहासिक हिस्सा लिविंग हैरीटेज पार्क के रूप में विकसित होगा। प्रोजेक्ट में सबसे अहम बात यह है कि यहां अत्याधुनिक डिग्री कॉलेज भी बनेगा। इसमें इंटरनेशनल लेबल का स्टेडियम और ऑडीटोरियम बनाया जाएगा। हॉस्टल की भी व्यवस्था होगी। 
 

‘हमने बचा लिया बरेली सेंट्रल’
डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि पुरानी जेल की जमीन किसी की किसी को रजिस्ट्री नहीं होगी, बल्कि उसे लीज पर देने की बात तय हुई है। सीनियर आर्किटेक्ट अनुपम सक्सेना के साथ उनकी मुख्य सचिव समेत शासन के चार बड़े अधिकारियों से बरेली सेंट्रल पर विस्तार से चर्चा हुई है। अनुपम सक्सेना की मदद से हमने बरेली सेंट्रल प्रोजेक्ट बचा लिया है। 60 एकड़ जमीन महिला जेल के लिए जाने के बाद हमारे पास कुछ नहीं बचता। अनुपम नए सिरे से बरेली सेंट्रल प्रोजेक्ट बना रहे हैं। इसे प्रमुख सचिव गृह को भेज दिया जाएगा। वहां से प्रोजेक्ट आवास विकास के माध्यम से बीडीए को मिलेगा। कमिश्नर के निर्देशन में इस प्रोजेक्ट पर काम होगा। शासन से भी प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग होगी।
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आवासीय योजना खत्म, महिला शरणालय भी बाहर 
बरेली सेंट्रल से आवासीय योजना को समाप्त कर दिया गया है। दीन दयाल उपाध्याय कन्वेशन सेंटर के साथ कला अकादमी, आईटी पार्क समेत बारह प्रोजेक्ट बाकी रह गए हैं। महिला कल्याण विभाग का महिला शरणालय प्रोजेक्ट भी बाहर कर दिया गया है। जेल के आसपास मार्केट नहीं बनेगा। इसके अलावा जो दुकानें और शोरूम बनाए जाने हैं, उन्हें लीज पर दिया जाएगा। व्यावसायिक इलाके में सरकारी और अर्द्धसरकारी विभाग भी बोली लगा सकते हैं। जिन विभागों को जमीन दी जाएगी, वे अपने इलाके में उद्योग के हिसाब से कुछ इलाके को आवासीय क्षेत्र में इस्तेमाल कर सकते हैं। 
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सात एकड़ जमीन प्रशासनिक भवनों को आरक्षित होगी
नए प्रोजेक्ट में सात एकड़ जमीन प्रशासनिक भवनों के लिए आरक्षित रखी गई है। आगामी वर्षों में कोई भी प्रशासनिक भवन बनाने के लिए इस जमीन का इस्तेमाल हो सकता है।

माल गोदाम रोड पर बनेगा बस अड्डा
डीएम ने बताया कि परिवहन निगम के बस अड्डे के प्रोजेक्ट को हमने माल गोदाम रोड की तरफ शिफ्ट कर दिया है। वहां सुभाषनगर की तरफ जाने वाली सड़क से बस अड्डे का कनेक्शन होने से आसानी भी रहेगी। जाम की समस्या से भी लोगों को निंजात मिलेगी।



शहर की शक्ल बदल जाएगी
बरेली सेंट्रल प्रोजेक्ट बनाने वाले सीनियर आर्कि टेक्ट अनुपम सक्सेना का कहना है कि यह प्रोजेक्ट शहर की शक्ल बदल देगा। लिंक रोड बनने से सुभाषनगर के लोग सीधे सिविल लाइंस आएंगे। माल गोदाम रोड पर बस अड्डा बनने से शहर में जाम की समस्या से निजात मिलेगी। सड़कों से ट्रैफिक लोड कम हो जाएगा। पुराने रोडवेज बस अड्डे की जमीन पर भी मल्टीलेबल पार्किंग के साथ अच्छा मार्केट बनाया जा सकता है। बरेली सेंट्रल प्रोजेक्ट से सरकार को प्रोजेक्ट के विकास पर खर्च करने के बाद करीब 200 करोड़ की आमदनी होगी।
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