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बैंक कर्मियों की हड़ताल सफल, संसद में नहीं आएगा निजीकरण का बिल
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
- फोटो : पीटीआई
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शीत सत्र में केंद्र सरकार ला रही थी बैंकिंग लॉ एमिडमेंड बिल, बैंक कर्मियों ने किया था विरोध
बरेली। शीत सत्र में केंद्र सरकार बैंकों का निजीकरण करने के लिए बैंकिंग लॉ एमिडमेंड बिल ला रही थी। इस बिल के खिलाफ बैंक कर्मियों ने दो दिन ही हड़ताल की। सरकार ने संसद में लाने पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस पर खुशी जताते हुए बैंक कर्मियों ने मंगलवार को बैठक की और कहा कि सरकार ने बिल लाने से रोक दिया है लेकिन निजीकरण के खिलाफ बैंक कर्मी विरोध करते रहेेंगे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट ओपी वडेरा ने बैठक में सभी बैंक कर्मियों को हड़ताल सफल बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल बिल तो टल गया है लेकिन निजीकरण के खिलाफ हमारी लड़ाई चलती रहेगी। जिला संयोजक दिनेश सक्सेना ने कहा 16 व 17 दिसंबर की हुई हड़ताल से सरकार पीछे हटी है, लेकिन हमें सतर्क रहने की जरूरत है। हम आगे भी सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का विरोध करते रहेंगे। ट्रेड यूनियन फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि बरेली संगठनों ने निजीकरण नीति के खिलाफ दो हजार से अधिक बैनर छपवाए हैं। हम अभी विरोध करते रहेेंगे। इन सभी बैनरों को शहर के टेंपो, टैक्सी, ई रिक्शा और सार्वजनिक जगहों पर लगवाकर लोगों को जागरूक करने का काम करते रहेंगे। अधिकारी संघ के बीडी सिंह ने बैठक में शामिल कर्मियों को निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। उन्हाेंने सभी बैंक कर्मियों से भी आहन किया कि बैंक शाखा पर लगे होर्डिंग बैनर को लगाए रखें और लोगों को इस बारे में जागरूक करते रहे।
इस दौरान नवींद्र कुमार, अजीत सक्सेना, चरण सिंह यादव, आरबी खन्ना, आलोक गुप्ता, बीएन अग्रवाल, कुशल गर्ग, अरून कुमार मौजूद रहे।
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बरेली। शीत सत्र में केंद्र सरकार बैंकों का निजीकरण करने के लिए बैंकिंग लॉ एमिडमेंड बिल ला रही थी। इस बिल के खिलाफ बैंक कर्मियों ने दो दिन ही हड़ताल की। सरकार ने संसद में लाने पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस पर खुशी जताते हुए बैंक कर्मियों ने मंगलवार को बैठक की और कहा कि सरकार ने बिल लाने से रोक दिया है लेकिन निजीकरण के खिलाफ बैंक कर्मी विरोध करते रहेेंगे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट ओपी वडेरा ने बैठक में सभी बैंक कर्मियों को हड़ताल सफल बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल बिल तो टल गया है लेकिन निजीकरण के खिलाफ हमारी लड़ाई चलती रहेगी। जिला संयोजक दिनेश सक्सेना ने कहा 16 व 17 दिसंबर की हुई हड़ताल से सरकार पीछे हटी है, लेकिन हमें सतर्क रहने की जरूरत है। हम आगे भी सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का विरोध करते रहेंगे। ट्रेड यूनियन फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि बरेली संगठनों ने निजीकरण नीति के खिलाफ दो हजार से अधिक बैनर छपवाए हैं। हम अभी विरोध करते रहेेंगे। इन सभी बैनरों को शहर के टेंपो, टैक्सी, ई रिक्शा और सार्वजनिक जगहों पर लगवाकर लोगों को जागरूक करने का काम करते रहेंगे। अधिकारी संघ के बीडी सिंह ने बैठक में शामिल कर्मियों को निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। उन्हाेंने सभी बैंक कर्मियों से भी आहन किया कि बैंक शाखा पर लगे होर्डिंग बैनर को लगाए रखें और लोगों को इस बारे में जागरूक करते रहे।
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इस दौरान नवींद्र कुमार, अजीत सक्सेना, चरण सिंह यादव, आरबी खन्ना, आलोक गुप्ता, बीएन अग्रवाल, कुशल गर्ग, अरून कुमार मौजूद रहे।