बदायूं तिहरा हत्याकांड: हमलावरों ने नाबालिग को भी नहीं बख्शा, ट्रॉली में छिपा तो चढ़कर मारीं दो गोलियां
जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव आरिफपुर भक्ता नगला में बुधवार को दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया था। इस दौरान हमलावरों ने नाबालिग को भी नहीं बख्शा। दो गोलियां मारकर उसकी भी हत्या कर दी थी।
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बदायूं के जरीफनगर इलाके के आरिफपुर भक्ता नगला गांव में खूनी रंजिश के दौरान हत्यारोपियों ने नाबालिग जयप्रकाश को भी नहीं बख्शा। वह गोलियां चलते देखकर सहम गया था। अपनी जान बचाने के लिए ट्रॉली में छिपकर बैठ गया था, लेकिन हत्यारोपियों पर जुनून सवार था। उन्होंने ट्रॉली पर चढ़कर नाबालिग जयप्रकाश को दो गोलियां मारीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव आरिफपुर भक्ता नगला में बुधवार को खेत से ट्रैक्टर निकालने को लेकर हुए विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर फायरिंग हुई थी, जिसमें अमर सिंह के रेशमपाल और महीपाल पक्ष के सतेंद्र व जयप्रकाश की गोली लगने से मौत हो गई। चार लोग घायल हो गए। घटना की वजह दोनों पक्षों च चली आ रही चुनावी रंजिश बताई गई।
करीब 15 वर्षीय जयप्रकाश महीपाल का तीसरे नंबर का बेटा था। वो फसल में खाद लगवाने अपने पिता के साथ खेत पर आया था। हालांकि महीपाल के बड़े बेटे 26 वर्षीय वीरपाल, 22 वर्षीय रोहताश और 13 वर्षीय मंजू मौके पर मौजूद होने की बात सामने नहीं आई है। पुलिस इसकी छानबीन कर रही है।
सतेंद्र को भी मारीं दो गोलियां
बताया जा रहा है कि जिस वक्त अमर सिंह के लोग फायरिंग करते हुए खेत पर पहुंचे थे। जयप्रकाश उनसे डर गया था। वह खेत में खड़ी ट्रॉली में जाकर छिप गया था। तब तक फायरिंग की आवाज सुनकर गांव के तमाम लोग भी पहुंच गए थे, लेकिन उनकी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। अमर सिंह पक्ष के लोगों ने देखते ही देखते सतेंद्र को दो गोलियां मारीं।
हरिओम को सिर में गोली मारी। बाकी लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए थे। हमलावर उन्हें ढूंढ़ ढूंढ़कर गोली मार रहे थे। आखिर में उन्होंने नाबालिग जयप्रकाश को भी नहीं छोड़ा। ट्रॉली में चढ़कर उसको दो गोलियां मारीं, जिससे उसकी ट्रॉली में ही मौत हो गई।