{"_id":"6625a4176e826d8d80008b18","slug":"bacterial-infection-is-the-cause-of-pain-below-the-waist-not-dirty-toilets-bareilly-news-c-4-bly1015-386613-2024-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: बैक्टीरिया का संक्रमण है कमर से नीचे दर्द की वजह, गंदे शौचालय नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: बैक्टीरिया का संक्रमण है कमर से नीचे दर्द की वजह, गंदे शौचालय नहीं
विज्ञापन
बरेली। महिलाओं को कमर से नीचे होने वाले दर्द (क्रॉनिक पेल्विक पेन) की वजह कोई चोट या पीरियड नहीं है। यह तकलीफ पेशाब ज्यादा देर रोकने से होती है। इसे नजरंदाज करने से किडनी पर दुष्प्रभाव की आशंका रहती है। लिहाजा, जब दबाव बने तो मूत्र त्याग में देरी न करें।
रविवार को उत्तर प्रदेश गायनी सोसायटी की ओर से आयोजित अधिवेशन के दौरान यह जानकारी मुंबई की डॉ. सुचित्रा पंडित ने दी। बताया कि बाजार, स्कूल, कॉलेज, यात्रा के दौरान अक्सर कोई सुरक्षित जगह न मिलने पर महिलाएं मूत्र त्याग से बचती हैं। अगर जगह मिलती है और वहां गंदगी है तो भी वे मूत्र त्याग नहीं करती। लिहाजा, पानी का सेवन भी कम करती हैं। बार-बार पेशाब के दबाव को रोकने से नलिका में इकोलाई बैक्टीरिया का संक्रमण शुरू हो जाता है। शुरुआत में हल्का दर्द होता है, पर नजरंदाज करने से यह क्रॉनिक पेल्विक पेन की वजह बन जाती है।
बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 15-20 उम्रदराज महिलाएं पीड़ित मिल रही हैं। शुरुआत से ही अगर इलाज हो तो परेशानी से निजात मुमकिन है।
गर्भवस्था के दौरान नियमित जांच जरूरी: डॉ. एमसी पटेल
प्रधानमंत्री मोदी के सहपाठी रहे अहमदाबाद के डॉ. एमसी पटेल ने प्रेग्नेंसी संबंधी विधिक प्रकरणों को लेकर अधिवेशन में जानकारी दी। बताया कि प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत होने पर डॉक्टर, स्टाफ को परिजन आरोपी मानते हैं, जबकि मौत की अन्य वजहें होती हैं। इसमें गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच न कराना, बीपी, डायबिटीज, एनीमिया की चपेट में होना, रक्तस्राव अन्य शामिल हैं। अगर जांच हो तो इस पर अंकुश लग सकता है। बताया कि भारत सरकार मातृ-शिशु मृत्युदर को प्रति लाख प्रसव होने पर 70 से कम लाने का प्रयास कर रही है।
विज्ञापन
तो सिजेरियन से हुआ अभिनेता विक्रांत मेसी की पत्नी का प्रसव
मुंबई की डॉ.सुचित्रा कई फिल्मी हस्तियों की फैमिली डॉक्टर भी हैं। फरवरी में उन्होंने 12वीं फेल फिल्म के अभिनेता विक्रांत मेसी की पत्नी शीतल ठाकुर का प्रसव कराया था। बताया कि शीतल चाहती थीं कि उन्हें सामान्य प्रसव हो। इसके लिए वह सभी एहतियात भी बरत रहीं थीं, लेकिन प्रसव से पूर्व ही कुछ जटिलताओं की वजह से सिजेरियन करना पड़ा। उन्हें बेटे का जन्म हुआ।
स्वतंत्रता संग्राम के योद्धाओं को नमन कर आयोजन का समापन
अधिवेशन के आखिरी दिन रुहेलखंड के योद्धाओं की मंच पर झांकी प्रस्तुत की गई। इसके जरिए स्वतंत्रता संग्राम में रुहेलखंड की भूमिका के बारे में देश भर से जुटे गायनेकोलॉजिस्ट को बताया गया। इस लघु नाटिका में आयोजक मंडल के सदस्यों ने बतौर कलाकार शानदार प्रस्तुति दी। यहां डॉ. लता, डॉ. लतिका अग्रवाल, डॉ. मृदुला, डॉ. प्रगति अग्रवाल, डॉ. गायत्री सिंह, डॉ. भारती सरन व अन्य मौजूद रहीं।
विज्ञापन
रविवार को उत्तर प्रदेश गायनी सोसायटी की ओर से आयोजित अधिवेशन के दौरान यह जानकारी मुंबई की डॉ. सुचित्रा पंडित ने दी। बताया कि बाजार, स्कूल, कॉलेज, यात्रा के दौरान अक्सर कोई सुरक्षित जगह न मिलने पर महिलाएं मूत्र त्याग से बचती हैं। अगर जगह मिलती है और वहां गंदगी है तो भी वे मूत्र त्याग नहीं करती। लिहाजा, पानी का सेवन भी कम करती हैं। बार-बार पेशाब के दबाव को रोकने से नलिका में इकोलाई बैक्टीरिया का संक्रमण शुरू हो जाता है। शुरुआत में हल्का दर्द होता है, पर नजरंदाज करने से यह क्रॉनिक पेल्विक पेन की वजह बन जाती है।
विज्ञापन
बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 15-20 उम्रदराज महिलाएं पीड़ित मिल रही हैं। शुरुआत से ही अगर इलाज हो तो परेशानी से निजात मुमकिन है।
गर्भवस्था के दौरान नियमित जांच जरूरी: डॉ. एमसी पटेल
प्रधानमंत्री मोदी के सहपाठी रहे अहमदाबाद के डॉ. एमसी पटेल ने प्रेग्नेंसी संबंधी विधिक प्रकरणों को लेकर अधिवेशन में जानकारी दी। बताया कि प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत होने पर डॉक्टर, स्टाफ को परिजन आरोपी मानते हैं, जबकि मौत की अन्य वजहें होती हैं। इसमें गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच न कराना, बीपी, डायबिटीज, एनीमिया की चपेट में होना, रक्तस्राव अन्य शामिल हैं। अगर जांच हो तो इस पर अंकुश लग सकता है। बताया कि भारत सरकार मातृ-शिशु मृत्युदर को प्रति लाख प्रसव होने पर 70 से कम लाने का प्रयास कर रही है।
विज्ञापन
तो सिजेरियन से हुआ अभिनेता विक्रांत मेसी की पत्नी का प्रसव
मुंबई की डॉ.सुचित्रा कई फिल्मी हस्तियों की फैमिली डॉक्टर भी हैं। फरवरी में उन्होंने 12वीं फेल फिल्म के अभिनेता विक्रांत मेसी की पत्नी शीतल ठाकुर का प्रसव कराया था। बताया कि शीतल चाहती थीं कि उन्हें सामान्य प्रसव हो। इसके लिए वह सभी एहतियात भी बरत रहीं थीं, लेकिन प्रसव से पूर्व ही कुछ जटिलताओं की वजह से सिजेरियन करना पड़ा। उन्हें बेटे का जन्म हुआ।
स्वतंत्रता संग्राम के योद्धाओं को नमन कर आयोजन का समापन
अधिवेशन के आखिरी दिन रुहेलखंड के योद्धाओं की मंच पर झांकी प्रस्तुत की गई। इसके जरिए स्वतंत्रता संग्राम में रुहेलखंड की भूमिका के बारे में देश भर से जुटे गायनेकोलॉजिस्ट को बताया गया। इस लघु नाटिका में आयोजक मंडल के सदस्यों ने बतौर कलाकार शानदार प्रस्तुति दी। यहां डॉ. लता, डॉ. लतिका अग्रवाल, डॉ. मृदुला, डॉ. प्रगति अग्रवाल, डॉ. गायत्री सिंह, डॉ. भारती सरन व अन्य मौजूद रहीं।