बीएड: प्रथम वर्ष के फेल छात्रों को पास करने की तैयारी
कोरोना की वजह से ढाई हजार छात्रों को मिल सकेगी राहत
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बरेली। बीएड प्रथम वर्ष में फेल रहे करीब ढाई हजार छात्रों को बड़ी राहत मिल सकती है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय इन्हें बगैर परीक्षा के ही पास करने की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कोरोना की वजह से परीक्षा कराने में दिक्कत को देखते हुए ऐसा किया जा रहा है। इसके लिए छात्रों का ब्योरा एकत्र किया जा रहा है। द्वितीय वर्ष में प्राप्त हुए अंकों के आधार पर प्रथम वर्ष के फेल छात्रों को पास किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इसे लेकर जल्द ही बैठक की जाएगी।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के करीब सवा सौ बीएड कॉलेज में 12 हजार से ज्यादा छात्र अध्ययनरत हैं। बताते हैं कि पिछले साल बीएड प्रथम वर्ष के करीब ढाई हजार छात्र फेल हो गए थे। इनकी इस बार परीक्षाएं करानी थी लेकिन कोरोना काल की वजह से वर्तमान शैक्षिक सत्र की परीक्षाएं कराने में ही विश्वविद्यालय प्रशासन के पसीना छूट चुका है। नियमानुसार जो छात्र पिछले साल फेल हो चुके हैं, उनकी बैक पेपर की परीक्षा होनी चाहिए थी मगर ये परीक्षाएं नहीं हो सकी। अब ये छात्र द्वितीय वर्ष की परीक्षा में तो शामिल हो गए लेकिन प्रथम वर्ष का बैक पेपर की परीक्षा ये नहीं दे सके। इस वजह से इनका रिजल्ट तैयार करने में पेच फंस रहा था।
बताते हैं कि विश्वविद्यालय की एक वरिष्ठ अधिकारी के कोरोना पॉजिटिव हो जाने से भी परीक्षाएं कराने में दिक्कत हुई। इसलिए इन छात्रों के लिए विश्वविद्यालय कोई नीति भी नहीं बना सका है। बीएड फैकल्टी के एक वरिष्ठ शिक्षक का कहना है कि इससे विश्वविद्यालय को परीक्षाएं कराने में परेशानी हो रही है। अब ऐेसे छात्रों को पास करने की तैयारी में है। हालांकि पास वहीं छात्र होंगे, जो द्वितीय वर्ष के सभी पेपर में पास होंगे। विवि के मीडिया प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि इसकी विस्तृत जानकारी विभाग के पास है। जल्द ही सूचना जारी की जाएगी।