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आजम की हां पर हुआ बरेली-रामपुर सीट से अनिल शर्मा का टिकट
बरेली
Updated Wed, 10 Feb 2016 01:08 AM IST
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बरेली। कबीना मंत्री आजम खां की हरी झंडी मिलते ही समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की बरेली-रामपुर स्थानीय निकाय सीट से सदस्य (एमएलसी) के लिए डॉ. अनिल शर्मा का टिकट फाइनल कर दिया। हालांकि एक दिन पहले तक सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव भी टिकट के दावेदार माने जा रहे थे लेकिन मंगलवार को दोपहर उन्होंने टिकट की दौड़ से इंकार कर किसी और को टिकट मिलने के संकेत दे दिए थे। डॉ. अनिल काफी दिनों से टिकट की पैरवी में जुटे हुए थे। सूत्रों ने बताया कि उनको बदायूं के सांसद धर्मेंद्र यादव से निकटता का लाभ मिला। उन्होंने पार्टी हाईकमान से उनके टिकट की पैरवी की थी लेकिन हाईकमान को इस सीट पर आजम खां की सहमति का इंतजार था। बताते हैं कि कबीना मंत्री ने जैसे ही डॉ. अनिल के नाम पर मुहर लगाई, पार्टी ने टिकट घोषित कर दिया।
टिकट के लिए डॉ. अनिल लखनऊ में डेरा डाले हुए थे। शाम को टिकट की घोषणा के वक्त भी वह राजधानी में थे। वह सपा के प्रदेश सचिव रहे हैं और तीन बार बरेली शहर से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। 2007 और 2002 का विधानसभा चुनाव उन्होंने शहर से कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था लेकिन जीत नहीं सके। हालांकि उससे पहले वह सपा में ही थे। पिछले मेयर चुनाव में भी उन्होंने अपनी पत्नी रजनी शर्मा के लिए टिकट मांगा था लेकिन बाद में सपा ने डॉ. आईएस तोमर को प्रत्याशी बना दिया। टिकट की घोषणा के बाद डॉ. अनिल के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
समाजवादी पार्टी ने जनता की सेवा के जिस मकसद से मुझे प्रत्याशी बनाया है, उन उम्मीदों पर खरा उतरने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। इसके लिए नेता जी और मुख्यमंत्री जी के अलावा सभी पार्टीजनों का आभारी हूं और कार्यकर्ताओं के सहयोग से जीत भी तय है।
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-डॉ. अनिल शर्मा, प्रत्याशी बनने के बाद
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टिकट के लिए डॉ. अनिल लखनऊ में डेरा डाले हुए थे। शाम को टिकट की घोषणा के वक्त भी वह राजधानी में थे। वह सपा के प्रदेश सचिव रहे हैं और तीन बार बरेली शहर से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। 2007 और 2002 का विधानसभा चुनाव उन्होंने शहर से कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था लेकिन जीत नहीं सके। हालांकि उससे पहले वह सपा में ही थे। पिछले मेयर चुनाव में भी उन्होंने अपनी पत्नी रजनी शर्मा के लिए टिकट मांगा था लेकिन बाद में सपा ने डॉ. आईएस तोमर को प्रत्याशी बना दिया। टिकट की घोषणा के बाद डॉ. अनिल के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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समाजवादी पार्टी ने जनता की सेवा के जिस मकसद से मुझे प्रत्याशी बनाया है, उन उम्मीदों पर खरा उतरने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। इसके लिए नेता जी और मुख्यमंत्री जी के अलावा सभी पार्टीजनों का आभारी हूं और कार्यकर्ताओं के सहयोग से जीत भी तय है।
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-डॉ. अनिल शर्मा, प्रत्याशी बनने के बाद