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अयोध्या फैसले के वक्त दरगाह आला हजरत की गलियों में रहा सन्नाटा
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बरेली। टीवी पर जैसे ही कोर्ट का फैसला प्रसारित होने वाला था उससे पहले ही दरगाह आला हजरत पर सन्नाटा छा गया। यहां तक कि बाहर से रोजमर्रा के आने वाले जायरीन भी बहुत कम दिखे।
दरगाह पर सुबह में जरूर थोड़ी बहुत चहलपहल रही। लगभग साढ़े दस बजते-बजते दरगाह की गलियों में सन्नाटा छा गया। गली में रहने वाले सारे परिवार के लोग अपने-अपने घरों में चले गए थे। वहां के तमाम दुकानदार भी दुकानें बंद करके अड़ोस-पड़ोस के घरों में टीवी के सामने बैठ गए। वहीं आला हजरत परिवार के तमाम लोगों के घरों के बाहर सन्नाटा था। दरगाह पर जरूर कुछ अकीदतमंद बने रहे। दोपहर बाद दरगाह की गलियों में फिर से लोगों की आवाजाही सामान्य हो गई। इस बीच लोग जब बाहर निकले तो फैसले को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया। फिर सबके अपने-अपने तर्क थे और अपनी-अपनी बातें। यह सिलसिला फिर चलता रहा। संवाद
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दरगाह पर सुबह में जरूर थोड़ी बहुत चहलपहल रही। लगभग साढ़े दस बजते-बजते दरगाह की गलियों में सन्नाटा छा गया। गली में रहने वाले सारे परिवार के लोग अपने-अपने घरों में चले गए थे। वहां के तमाम दुकानदार भी दुकानें बंद करके अड़ोस-पड़ोस के घरों में टीवी के सामने बैठ गए। वहीं आला हजरत परिवार के तमाम लोगों के घरों के बाहर सन्नाटा था। दरगाह पर जरूर कुछ अकीदतमंद बने रहे। दोपहर बाद दरगाह की गलियों में फिर से लोगों की आवाजाही सामान्य हो गई। इस बीच लोग जब बाहर निकले तो फैसले को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया। फिर सबके अपने-अपने तर्क थे और अपनी-अपनी बातें। यह सिलसिला फिर चलता रहा। संवाद
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