डीआरएम दफ्तर की मुख्य कार्यालय अधीक्षक से पर्स लूटने की कोशिश
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खींचतान में बाइक से मुंह के बल नीचे गिरीं, पति चीखते रहे सामने से निकल गई पुलिस की जिप्सी
पीलीभीत रोड निवासी अशोक उपाध्याय मधुबन टॉकीज के पास संगम प्रिंटिंग प्रेस के मालिक हैं। उनकी पत्नी सुनीता रानी डीआरएम दफ्तर के मैकेनिकल विभाग की मुख्य कार्यालय अधीक्षक हैं। शुक्रवार दोपहर करीब बारह बजे अशोक कुमार उन्हें ऑफिस से लेने पहुंचे। वह पत्नी को बाइक से लेकर घर आ रहे थे। अशोक के मुताबिक सौ फुटा रोड पर पेट्रोल पंप के पास उनकी बाइक के पीछे स्पलेंडर बाइक पर दो लड़के आए। इन लोगों ने सुनीता के कंधे पर पड़ा पर्स खींचने की कोशिश की। पर्स कंधे में फंसा होने के कारण बच गया लेकिन इस खींचातानी में सुनीता मुंह के बल बाइक से गिर गईं। पर्स लूटने में विफल हुए लुटेरे बाइक से तेजी से पीलभीत बाईपास की ओर निकल गए। अशोक ने थोड़ी दूर उनका पीछा करने की कोशिश की पर सड़क पर पड़ी पत्नी का हाल देख लौट आए। इधर, सुनीता बाइक से गिरकर सड़क पर तड़प रही थीं। अशोक के मुताबिक, इसी दौरान पीलीभीत बाईपास की ओर से ही पुलिस की जिप्सी उनके करीब से होकर निकलती चली गई। वह चोर चोर चिल्लाते रह गए पर पुलिस ने नहीं सुनी। मौके पर उन्होंने एक राहगीर से मदद ली। सुनीता को किसी तरह बाइक पर बैठाकर निजी अस्पताल पहुंचे। वहां में उपचार के बाद शाम को वह पत्नी को घर ले आए। सुनीता को सिर, आंख के साथ ही कोहनी व घुटने में गंभीर चोटें आई हैं।
नौजवान थे लुटेरे, बाद में जुटी पुलिस
अशोक उपाध्याय के मुताबिक दोनों लुटेरे बीस साल की उम्र के रहे होंगे। वह मटमैले से कपड़े पहने थे और मुंह पर मास्क लगा था। वारदात के बाद भागते वक्त पीछे बैठे युवक का चेहरा काफी हद तक उन्होंने देख लिया। घटना के बाद इज्जत नगर और बारादरी थाने की पुलिस अस्पताल पहुंची और पीड़ित परिवार से घटनाक्रम की जानकारी ली।‘रेलवे कर्मचारी महिला के साथ लूट की कोशिश का मामला संज्ञान में आया है। पीड़ित पक्ष ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस अपनी ओर से आरोपियों को ट्रेस कर धरपकड़ का पूरा प्रयास कर रही है। दूसरे थानों की पुलिस व क्राइम ब्रांच से भी मदद ली जा रही है।’
- अभिषेक वर्मा, एएसपी