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यूपी: उमेश की हत्या के बाद मैंने असद की भगाने में की थी मदद, मॉल से आते थे अशरफ के लिए बिस्किट, आतिन का खुलासा

Sun, 24 Sep 2023 09:47 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 24 Sep 2023 09:47 AM IST
सार

बरेली में माफिया अतीक अहमद के खास मुंशी रहे जफरुल्ला के बेटे आतिन जफर ने कई चौंकाने वाले राज उगले हैं। उसने बताया कि उमेश पाल की हत्या के बाद असद की भगाने में मैंने मदद की थी। जेल में बंद अशरफ के लिए लखनऊ के मॉल से बिस्किट आते थे। 

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Atiq Ahmed News I helped Asad After Umesh murder reveals by Atin jafar
पुलिस की गिरफ्त में आतिन जफर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में माफिया अतीक अहमद के खास मुंशी रहे जफरुल्ला के बेटे आतिन जफर ने गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाले खुलासे किए। पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह अतीक अहमद के बेटे असद और भाई अशरफ का खास गुर्गा था। बरेली जिला जेल में बंद अशरफ को लखनऊ के एक बड़े मॉल से एक मशहूर कंपनी के बिस्किट लाकर देता था जो उसे बेहद पसंद थे।
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प्रयागराज के खुल्दाबाद क्षेत्र में रहने वाला जफरुल्ला माफिया अतीक अहमद का बेहद खास था। जफरुल्ला ही अतीक अहमद के राजनीतिक भाषण तैयार करता था। लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल के अपहरण कांड में अतीक अहमद के साथ ही जफरुल्ला को भी आरोपी बनाया गया था। 
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तब से जफरुल्ला लखनऊ सेंट्रल जेल में है, लेकिन उसका बेटा आतिन अतीक अहमद के बेटे असद और अशरफ के साले सद्दाम के साथ नेटवर्क चला रहा था। उमेश पाल की हत्या की साजिश का तानाबाना तैयार होते वक्त असद बरेली जिला जेल में बंद चाचा अशरफ से मिलने आया था। असद के साथ आतिन भी था।
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आतिन ने बताया कि अशरफ को महंगे बिस्किट पसंद थे। लखनऊ के मॉल से ये बिस्किट और कुछ जरूरी सामान खरीदकर वह असद और इरफान के साथ बरेली आया था और अशरफ से मुलाकात की थी। इस दौरान लल्ला गद्दी और सद्दाम भी मिले थे। जेल में सिपाही शिवहरि ने उसे अशरफ से मिलवाया था।

शिवहरि को इसके बदले असद ने रुपये भी दिए थे। इस मुलाकात के दौरान अशरफ ने उमेश पाल को लेकर असद से कुछ जरूरी योजना बनाई थी। उमेश पाल की हत्या के बाद असद को भगाने और लखनऊ में छिपाने में आतिन ने मदद की थी। बताया कि दोनों लोग माफिया अतीक अहमद और अशरफ से फोन करवाकर लोगों से रंगदारी भी लेते थे।

रुपये मिलते थे, प्रयागराज में चमकता था नाम
पुलिस ने आतिन से पूछा कि तुम यह सब क्यों करते थे। आतिन ने कहा कि पिता जफरुल्ला के जेल जाने के बाद असद ही उसका खर्चा चला रहा था। इसलिए वह हर समय असद के साथ रहता था। रुपये भरपूर मिलते थे और प्रयागराज में नाम भी चमकता रहता था। असद का डेबिट कार्ड भी मेरे पास ही रहता था।

बिथरी चैनपुर थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा
नियमों को नजरंदाज कर अशरफ को जेल में सहूलियतें पहुंचाने और अवैध मुलाकात कराने के मामले में बिथरी चैनपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मुकदमे में अशरफ के साले सद्दाम, लल्ला गद्दी, दो सिपाहियों समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था।

विवेचना में लोकेशन बरेली में मिलने पर आतिन को भी इस मुकदमे में आरोपी बनाया गया था, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। शुक्रवार को प्रयागराज पुलिस की मदद से बिथरी चैनपुर पुलिस ने आतिन को गिरफ्तार कर लिया और बरेली ले आई।

कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जेल
शनिवार दोपहर बाद इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार आतिन को लेकर कोर्ट पहुंचे। वकीलों की हड़ताल के कारण रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने उसे पेश किया गया। वहां से न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है। उससे जो महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, उन पर काम किया जाएगा।
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