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फिलहाल किसी काम का नहीं 167 करोड़ का आई ट्रिपल सी प्रोजेक्ट
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ट्रिपल आईसी कंट्रोल रूम में ट्रैफिक संचालन की समीक्षा करते अधिकारी।
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शुरू से आखिर तक विवादों में उलझे रहे प्रोजेक्ट के तहत 17 चौराहों पर शुरू हुई ट्रैफि क लाइट, ट्रैफिक पुलिस ने गिनाईं तमाम खामियां
फिलहाल ट्रैफिक पुलिस अपने दम पर चार चौराहों पर संभालेगी व्यवस्था
बरेली। शुरू से आखिर विवादों में उलझे रहे इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम यानी आई ट्रिपल सी प्रोजेक्ट अब भी शहरवासियों के किसी काम आने की स्थिति में नहीं है। जो ट्रैफिक लाइटें पिछली बार और ज्यादा जाम लगने की वजह से बंद कर दी गई थीं, उन्हें 17 चौराहों पर शुक्रवार को फिर शुरू कर दिया गया मगर कंट्रोल सेंटर में जब समीक्षा हुई तो ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने तमाम खामियां गिनाकर इसे खारिज कर दिया। हालांकि शासन के दबाव का जिक्र आने पर चार चौराहों पर फोर्स लगाकर यातायात शुरू कराने की भी हामी भर दी।
शुक्रवार को कारगिल चौक, शील जंक्शन, सेलेक्शन प्वाइंट चौराहा, सर्किट हाउस चौराहा, मालियों की पुलिया, सूद धर्मकांटा, ईंट पजाया चौराहा, बीसलपुर चौक, डोहरा मोड़, बरेली कॉलेज गेट, डेलापीर चौराहा, इज्जतनगर चौराहा, परसाखेड़ा चौराहा, सेटेलाइट तिराहा, मिनी बाईपास, चौपुला चौराहा व सौ फुटा रोड पर नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक लाइट सिस्टम को शुरू कर दिया गया है। मगर, इसके कंट्रोल सेंटर में बैठे अफसरों की समीक्षा में सामने आया कि ट्रैफिक लाइट को छोड़कर अभी कुछ भी कंट्रोल में नहीं है। इन पर अभी बहुत सारा काम करना बाकी है, तभी शहर की यातायात व्यवस्था इनके भरोसे छोड़ी जा सकेगी।
चार चौराहों पर 2023 तक होगा काम
चौकी चौराहा, पटेल चौक, सुरेश शर्मा नगर और गांधी उद्यान पर सौंदर्यीकरण के बाद नई व्यवस्था को शुरू किया जाएगा। इसे पूरा करने का समय 2023 तक निर्धारित किया गया है।
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फिर भी अपनी पीठ थपथपाने की तैयारी
नहीं चले नाइट विजन कैमरे : बृहस्पतिवार रात में कुछ प्वाइंट पर रिकार्डिंग की व्यवस्था की गई थी लेकिन जब शुक्रवार को जांच की कई तो कोई रिकार्डिंग नहीं मिली।
थर्मल कैमरे भी हुए फेल : यह कैमरे इसलिए लगाए जाते हैं कि अगर किसी दिशा में यातायात का ज्यादा दबाव है तो सेंसर उसे महसूस करके लाइट को ग्रीन ही रहने दे ताकि वहां जाम न लगे। मगर यह काम करते नहीं मिले।
पीए सिस्टम भी नहीं चल पाया : ट्रैफिक लाइट पर लोगों को संबोधित करने के लिए पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम लगाया गया है लेकिन जांच में यह भी फेल निकला।
ट्रैफिक इंजीनियर की तैनाती नहीं : नगर निगम ने ट्रैफिक लाइट शुरू कर दीं लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए ट्रैफिक इंजीनियर अब तक नहीं आया है।
लेफ्ट टर्न फ्री नहीं : किसी भी चौराहे पर लेफ्ट टर्न फ्री होना चाहिए, ताकि उस दिशा में जाने वाले लोग चौराहे पर भीड़ न बढ़ाएं लेकिन यहां ऐसा कहीं नहीं है।
टी प्वाइंट का समय : टी प्वाइंट पर ट्रैफिक लाइट तो लगाई गई हैं लेकिन अभी उनका समय निर्धारित नहीं है। इसके लिए ट्रैफिक इंजीनियर का होना जरूरी है।
हर सड़क पर बेतहाशा अतिक्रमण : ट्रैफिक लाइट के संचालन में यह सबसे बड़ी समस्या है। चौराहे चारों ओर से अतिक्रमण से घिरे हैं, जिसके चलते लेफ्ट टर्न की व्यवस्था भी फेल है।
डिवाइडर भी पैदा कर रहे समस्या : डिवाइडर चौराहे से काफी पीछे हैं, जिसके चलते दूसरी दिशा से कोई भी व्यक्ति आसानी से आगे से क्रॉस कर सकता है। इस वजह से यहां बैरियर लगाने पड़ेंगे।
चौराहों पर जेब्रा लाइन नहीं : पैदल राहगीरों के लिए जेब्रा लाइन की अभी कहीं भी कोई व्यवस्था नहीं है।
अत्याधुनिक पीटीजेड और एएनपीआर कैमरे करेंगे निगरानी
इस व्यवस्था में अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। पीटीजेड कैमरे (पैन, टिल्ट, जूम) ऊपर, नीचे, दाएं, बाएं आसानी से घूम सकता है। इस कैमरे की सेंसिविटी हाई होती है और पावरफु ल जूम होता है। इससे दूर की गतिविधि को भी पास करके देखा जा सकता है। इसकी पिक्चर क्वालिटी भी 4के है, जो अन्य कैमरों से कहीं ज्यादा साफ है। इसके साथ ही एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकगनिशन) कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। यह कैमरे किसी भी वाहन की नंबर प्लेट को आसानी से फ ोकस कर सकते हैं। दिन और रात को यह बराबर काम करते हैं।
दावा : कंट्रोल सेंटर शुरू होने के बाद बढ़ेंगी सुविधाएं
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पूरी तरह शुरू होने के बाद शहर वासियों को इसका और लाभ मिलेगा। स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, पर्यावरण सेंसर, शहर की निगरानी, इंटेलिजेंट यातायात प्रबंधन प्रणाली, सौर ऊर्जा प्रणाली, ई-गवर्नेंस, ई-स्वास्थ्य, गृह कर संग्रह, शिकायत पोर्टल, जीआईएस प्रणाली आदि जैसे विभिन्न स्मार्ट तत्वों के एकीकरण में मदद करेगा। इसके अलावा आठ ड्रोन शहर की निगरानी करेंगे और यह पुलिस की आपराधिक गुत्थी सुलझाने में मदद करेंगे।
चार चौराहों पर कराएंगे संचालन
एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह ने बताया कि नगर आयुक्त के साथ बैठक की गई है। फिलहाल सौ फुटा पूर्वी, बीसलपुर चौराहा, बरेली कॉलेज और सर्किट हाउस चौराहे पर सिपाहियों को लगाकर ट्रैफिक लाइट के अनुसार यातायात संचालन शुरू कराया जा रहा है। बाकी स्थानों पर अभी काफी काम कराने की जरूरत है।
मालियों की पुलिया : वन वे रोड पर उलझन
मालियों की पुलिया पर ट्रैफिक का संचालन बिना किसी दिक्कत के हो रहा था। मगर जब 300 बेड अस्पताल की ओर जाने के लिए ट्रैफिक लाइट ग्रीन हुई तो लोग असमंजस में पड़ गए क्योंकि यह वन वे रोड है और यहां दूसरी ओर से वाहनों की कतार लगी थी।
बीसलपुर चौराहा : सर्विस रोड ने लगवाया जाम
बीसलपुर चौराहे पर लोग असमंजस में दिखाई दिए। दरअसल यहां दो सड़कों पर जाने के लिए दो सर्विस रोड भी थी। लोग रेड लाइट होने के बाद भी सर्विस रोड से निकल रहे थे। इसी चक्कर में कुछ और वाहन भी चौराहे पर आ जाते थे जिससे कि चौराहे पर जाम फंस रहा था और ऐसे में पुलिस को बीच में आकर जाम खुलवाना पड़ रहा था।
यातायात विभाग के साथ कुछ बिंदुओं पर चर्चा की है। 17 स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल शुरू कर दिए गए हैं। कुछ स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण या चौराहे के सौंदर्यीकरण के चलते अभी ट्रैफिक लाइट नहीं लगी हैं। तीन-चार चरण में इन्हें ठीक से शुरू करा दिया जाएगा।
- अभिषेक आनंद, सीईओ, स्मार्ट सिटी
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फिलहाल ट्रैफिक पुलिस अपने दम पर चार चौराहों पर संभालेगी व्यवस्था
बरेली। शुरू से आखिर विवादों में उलझे रहे इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम यानी आई ट्रिपल सी प्रोजेक्ट अब भी शहरवासियों के किसी काम आने की स्थिति में नहीं है। जो ट्रैफिक लाइटें पिछली बार और ज्यादा जाम लगने की वजह से बंद कर दी गई थीं, उन्हें 17 चौराहों पर शुक्रवार को फिर शुरू कर दिया गया मगर कंट्रोल सेंटर में जब समीक्षा हुई तो ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने तमाम खामियां गिनाकर इसे खारिज कर दिया। हालांकि शासन के दबाव का जिक्र आने पर चार चौराहों पर फोर्स लगाकर यातायात शुरू कराने की भी हामी भर दी।
शुक्रवार को कारगिल चौक, शील जंक्शन, सेलेक्शन प्वाइंट चौराहा, सर्किट हाउस चौराहा, मालियों की पुलिया, सूद धर्मकांटा, ईंट पजाया चौराहा, बीसलपुर चौक, डोहरा मोड़, बरेली कॉलेज गेट, डेलापीर चौराहा, इज्जतनगर चौराहा, परसाखेड़ा चौराहा, सेटेलाइट तिराहा, मिनी बाईपास, चौपुला चौराहा व सौ फुटा रोड पर नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक लाइट सिस्टम को शुरू कर दिया गया है। मगर, इसके कंट्रोल सेंटर में बैठे अफसरों की समीक्षा में सामने आया कि ट्रैफिक लाइट को छोड़कर अभी कुछ भी कंट्रोल में नहीं है। इन पर अभी बहुत सारा काम करना बाकी है, तभी शहर की यातायात व्यवस्था इनके भरोसे छोड़ी जा सकेगी।
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चार चौराहों पर 2023 तक होगा काम
चौकी चौराहा, पटेल चौक, सुरेश शर्मा नगर और गांधी उद्यान पर सौंदर्यीकरण के बाद नई व्यवस्था को शुरू किया जाएगा। इसे पूरा करने का समय 2023 तक निर्धारित किया गया है।
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नहीं चले नाइट विजन कैमरे : बृहस्पतिवार रात में कुछ प्वाइंट पर रिकार्डिंग की व्यवस्था की गई थी लेकिन जब शुक्रवार को जांच की कई तो कोई रिकार्डिंग नहीं मिली।
थर्मल कैमरे भी हुए फेल : यह कैमरे इसलिए लगाए जाते हैं कि अगर किसी दिशा में यातायात का ज्यादा दबाव है तो सेंसर उसे महसूस करके लाइट को ग्रीन ही रहने दे ताकि वहां जाम न लगे। मगर यह काम करते नहीं मिले।
पीए सिस्टम भी नहीं चल पाया : ट्रैफिक लाइट पर लोगों को संबोधित करने के लिए पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम लगाया गया है लेकिन जांच में यह भी फेल निकला।
ट्रैफिक इंजीनियर की तैनाती नहीं : नगर निगम ने ट्रैफिक लाइट शुरू कर दीं लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए ट्रैफिक इंजीनियर अब तक नहीं आया है।
लेफ्ट टर्न फ्री नहीं : किसी भी चौराहे पर लेफ्ट टर्न फ्री होना चाहिए, ताकि उस दिशा में जाने वाले लोग चौराहे पर भीड़ न बढ़ाएं लेकिन यहां ऐसा कहीं नहीं है।
टी प्वाइंट का समय : टी प्वाइंट पर ट्रैफिक लाइट तो लगाई गई हैं लेकिन अभी उनका समय निर्धारित नहीं है। इसके लिए ट्रैफिक इंजीनियर का होना जरूरी है।
हर सड़क पर बेतहाशा अतिक्रमण : ट्रैफिक लाइट के संचालन में यह सबसे बड़ी समस्या है। चौराहे चारों ओर से अतिक्रमण से घिरे हैं, जिसके चलते लेफ्ट टर्न की व्यवस्था भी फेल है।
डिवाइडर भी पैदा कर रहे समस्या : डिवाइडर चौराहे से काफी पीछे हैं, जिसके चलते दूसरी दिशा से कोई भी व्यक्ति आसानी से आगे से क्रॉस कर सकता है। इस वजह से यहां बैरियर लगाने पड़ेंगे।
चौराहों पर जेब्रा लाइन नहीं : पैदल राहगीरों के लिए जेब्रा लाइन की अभी कहीं भी कोई व्यवस्था नहीं है।
अत्याधुनिक पीटीजेड और एएनपीआर कैमरे करेंगे निगरानी
इस व्यवस्था में अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। पीटीजेड कैमरे (पैन, टिल्ट, जूम) ऊपर, नीचे, दाएं, बाएं आसानी से घूम सकता है। इस कैमरे की सेंसिविटी हाई होती है और पावरफु ल जूम होता है। इससे दूर की गतिविधि को भी पास करके देखा जा सकता है। इसकी पिक्चर क्वालिटी भी 4के है, जो अन्य कैमरों से कहीं ज्यादा साफ है। इसके साथ ही एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकगनिशन) कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। यह कैमरे किसी भी वाहन की नंबर प्लेट को आसानी से फ ोकस कर सकते हैं। दिन और रात को यह बराबर काम करते हैं।
दावा : कंट्रोल सेंटर शुरू होने के बाद बढ़ेंगी सुविधाएं
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पूरी तरह शुरू होने के बाद शहर वासियों को इसका और लाभ मिलेगा। स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, पर्यावरण सेंसर, शहर की निगरानी, इंटेलिजेंट यातायात प्रबंधन प्रणाली, सौर ऊर्जा प्रणाली, ई-गवर्नेंस, ई-स्वास्थ्य, गृह कर संग्रह, शिकायत पोर्टल, जीआईएस प्रणाली आदि जैसे विभिन्न स्मार्ट तत्वों के एकीकरण में मदद करेगा। इसके अलावा आठ ड्रोन शहर की निगरानी करेंगे और यह पुलिस की आपराधिक गुत्थी सुलझाने में मदद करेंगे।
चार चौराहों पर कराएंगे संचालन
एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह ने बताया कि नगर आयुक्त के साथ बैठक की गई है। फिलहाल सौ फुटा पूर्वी, बीसलपुर चौराहा, बरेली कॉलेज और सर्किट हाउस चौराहे पर सिपाहियों को लगाकर ट्रैफिक लाइट के अनुसार यातायात संचालन शुरू कराया जा रहा है। बाकी स्थानों पर अभी काफी काम कराने की जरूरत है।
मालियों की पुलिया : वन वे रोड पर उलझन
मालियों की पुलिया पर ट्रैफिक का संचालन बिना किसी दिक्कत के हो रहा था। मगर जब 300 बेड अस्पताल की ओर जाने के लिए ट्रैफिक लाइट ग्रीन हुई तो लोग असमंजस में पड़ गए क्योंकि यह वन वे रोड है और यहां दूसरी ओर से वाहनों की कतार लगी थी।
बीसलपुर चौराहा : सर्विस रोड ने लगवाया जाम
बीसलपुर चौराहे पर लोग असमंजस में दिखाई दिए। दरअसल यहां दो सड़कों पर जाने के लिए दो सर्विस रोड भी थी। लोग रेड लाइट होने के बाद भी सर्विस रोड से निकल रहे थे। इसी चक्कर में कुछ और वाहन भी चौराहे पर आ जाते थे जिससे कि चौराहे पर जाम फंस रहा था और ऐसे में पुलिस को बीच में आकर जाम खुलवाना पड़ रहा था।
यातायात विभाग के साथ कुछ बिंदुओं पर चर्चा की है। 17 स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल शुरू कर दिए गए हैं। कुछ स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण या चौराहे के सौंदर्यीकरण के चलते अभी ट्रैफिक लाइट नहीं लगी हैं। तीन-चार चरण में इन्हें ठीक से शुरू करा दिया जाएगा।
- अभिषेक आनंद, सीईओ, स्मार्ट सिटी