फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   aprajita in pilibhit

सशक्त महिलाओं ने हर क्षेत्र में गाड़े सफतला के झंडे

Tue, 26 Nov 2019 07:54 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2019 07:54 PM IST
विज्ञापन
aprajita in pilibhit

निबंध प्रतियोगिता में शीतल प्रथम, प्रीति द्वितीय, प्रियंशा तृतीय
विज्ञापन

आईटीआई बरखेड़ा में हुआ अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन

बरखेड़ा (पीलीभीत)। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के तहत निबंध प्रतियोगिता और जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़े हैं। इस मौके पर हुई निबंध प्रतियोगिता में शीतल भारद्वाज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
राजकीय आईटीआई कॉलेज में मंगलवार को अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में महिला सशक्तीरण पर निबंध प्रतियोगिता हुई। इसमें 40 छात्राओं ने प्रतिभाग किया गया। प्रतियोगिता में शीतल भारद्वाज प्रथम, प्रीति देवी द्वितीय और प्रियंशा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। शिक्षिका सरिता यादव ने कहा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहंी हैं। जिस क्षेत्र में भी महिलाएं जा रही हैं, वहां सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। बेटियों को बेटों से कमतर समझा जाना सरासर गलत है। नारी सही मायनों में तभी अपराजिता होगी, जब भेदभाव बंद हो जाएगा और उसे भी आगे बढ़ने के लिए समान अवसर मिलेगा। उन्होंने छात्राओं से निडर होकर अपने पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। शिक्षिका प्रतिमा कुशवाहा ने कहा कि एक शिक्षित नारी तीन परिवारों को शिक्षित करती है और शिक्षा के बिना सफलता पाना बेहद मुश्किल है।
विज्ञापन


संविधान में है खुलकर जीने का हक
दूसरों की सोच पर नहीं जीना है। महिलाओं को हमारे संविधान में खुलकर जीने का हक दिया गया है। सबको एक बराबर जीने की स्वतंत्रता है। महिलाओं को अपने अनुसार जीवन जीना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

-शीतल भारद्वाज, प्रशिक्षु।

बाहर निकलते समय खुद को न समझें कमजोर
नारी को स्वयं अपनी सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। खुद की सुरक्षा के लिए महिलाओं को खुद सशक्त बनाना चाहिए। घर से बाहर जाते समय खुद को कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए।
-प्रीति देवी, प्रशिक्षु।

महिलाएं खुद को बनाएं सशक्त
महिलाएं खुद को इतना सशक्त बनाए कि समय आने पर डटकर मुकाबला कर सके। अनजान व्यक्तिओं से सावधान रहना चाहिए। महिलाओं को चाहिए की बाहर निकलते समय भीड़ भाड़ वाली सड़कों से ही गुजरें।

-प्रियंशा, प्रशिक्षु।

शिक्षा के बिना मुश्किल है सशक्त बनाना
महिलाओं को सशक्त बनने के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। इसके बिना परिवार और समाज में उनका सशक्त बनना मुश्किल होता है। परिवार को भी चाहिए कि बेटियों की पढ़ाई के प्रति जागरूक रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed