फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Angry teenager left home 28 years ago found dressed as a monk in Bareilly

Bareilly: नाराज होकर 28 वर्ष पहले घर से गया बेटा, साधु के वेश में भिक्षा मांगते मिला, मां के छलके आंसू

Mon, 18 Dec 2023 01:04 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 18 Dec 2023 01:04 PM IST
सार

सेंथल कस्बे के मोहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी सूर्यभान गुप्ता ने 17 साल की उम्र में नाराज होकर घर छोड़ दिया था। परिजनों ने हर जगह तलाश किया, लेकिन पता नहीं चला। बेटे के वापस का इंतजार करते करते मां बूढ़ी हो गई। 28 साल बाद जब बेटे की सूरत देखी तो उनके आंसू छलक आए। 

विज्ञापन
Angry teenager left home 28 years ago found dressed as a monk in Bareilly
सूर्यभान गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के सेंथल में परिजनों से नाराज होकर घर से निकला किशोर 28 वर्ष बाद कस्बे के समीपवर्ती गांव पचपेड़ा में साधु के रूप में भिक्षा मांगते मिला। जानकारी मिलने पर परिजन वहां पहुंच गए। वर्षों बाद बेटे को देख मां के आंसू छलक आए। काफी मान-मनौव्वल के बाद परिजन उसे लेकर घर पहुंचे। हालांकि, साधु ने परिवार के साथ रहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अपनी बाकी की जिंदगी संत के रूप में ही गुजारना चाहता है।

विज्ञापन


सेंथल कस्बे के मोहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी सूर्यभान गुप्ता उर्फ सोनू 28 वर्ष पहले परिजनों से विवाद के बाद घर छोड़कर चला गया था। घर से जाने के समय उसकी उम्र 17 वर्ष थी। शुक्रवार को पचपेड़ा गांव में एक साधु आढ़ती के यहां गल्ला बेचने पहुंचे। आढ़त पर बैठे सुरेंद्र गुप्ता ने उसे पहचान लिया। सूचना पर सूर्यभान के परिजन भी पहुंच गए।

विज्ञापन

घर जाने से किया इनकार 
सूर्यभान ने परिजनों को पहचान तो लिया लेकिन घर जाने से मना कर दिया। काफी कोशिश के बाद परिजन उन्हें घर लाए। पारिवारिक एल्बम में उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों को पहचान लिया। सूर्यभान ने बताया कि वह हरिद्वार में गुरुजनों के साथ रहता है। घर से जाने के बाद वह कहां गया। हरिद्वार पहुंचने से पहले कहां-कहां रहा, इस बारे में कुछ भी नहीं बताया।

परिजनों ने बताया कि सूर्यभान के लौटने का इंतजार करते-करते चार वर्ष पहले पिता कृष्णचंद्र गुप्ता की मौत हो चुकी है। परिवार में मां सरस्वती व भाई चंद्रभान गुप्ता, रोहित गुप्ता, अजय गुप्ता हैं। मां ने बेटे को घर पर रुकने के लिए कहा, लेकिन सूर्यभान ने इनकार कर दिया। बताया कि जल्द ही वह अपने गुरुजनों के पास लौट जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed